राजनीती के हनुमान चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास ने बिहार चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया। जिसने सभी राजनीतिक विश्लेषणों को गलत साबित कर दिया है। रामविलास पार्टी 29 सीटों में से 21 सीटों पर लीड बनाकर LJP(R) ने लगभग 75% स्ट्राइक रेट हासिल किया है, जो चुनाव की बड़ी सफलता मानी जा रही है।
8 से 16 सीटें मिलने का था अनुमान
चुनाव से पहले कई एग्जिट पोल और राजनीतिक विशेषज्ञ LJP को केवल 8 से 16 सीटें मिलने का अनुमान लगा रहे थे, लेकिन वास्तविक नतीजों ने सबको हेरान कर दिया है इस बढ़त के चलते चिराग पासवान को एनडीए गठबंधन में एक अहम और निर्णायक खिलाड़ी के रूप में देखा जा रहा है ।
2020 के विधानसभा चुनावों में LJP(R) ने अकेले 135 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन सिर्फ एक सीट पर जीत मिली थी, जिससे पार्टी की लोकप्रियता पर सवाल उठे थे। अब गठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला चिराग के लिए मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले एनडीए के साथ तालमेल ने LJP(R) को मजबूत आधार दिया और कई सीटों पर जहां पहले से एनडीए की हार हुई थी, वहां इस बार पार्टी ने बढ़त बनाई है।
इस चुनाव में चिराग पासवान ने न केवल पारंपरिक दलित वोट बैंक के अलावा अन्य वर्गों में भी अपनी पकड़ मजबूत की है, जिससे उनकी राजनीतिक छवि एक युवा और प्रभावशाली नेता के तौर पर विकसित हो रही है। इस बढ़त से बीजेपी और जेडीयू समेत पूरे एनडीए गठबंधन को मजबूती मिली है और बिहार की सत्ता में चिराग की बढ़ती भूमिका स्पष्ट हो रही है।
