दिल्ली कार ब्लास्ट: राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ और विश्व जैन संगठन ने जताया गहरा दुख, केंद्रीय गृह मंत्री से इस्तीफे की मांग
नई दिल्ली/इंदौर: दिल्ली में हाल ही में हुई वीभत्स कार ब्लास्ट घटना ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। इस दर्दनाक हादसे में कई निर्दोष नागरिकों की मौत हुई और जख्मी हुए। इस आतंकवादी हमले के खिलाफ राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ और विश्व जैन संगठन ने कड़ा रुख अपनाया है। इंदौर से राजेश जैन दद्दू एवं मयंक जैन ने मृतकों की आत्मा की शांति हेतु श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि दोषियों को जल्द से जल्द कठोर से कठोर सजा दी जानी चाहिए।
राजेश जैन दद्दू ने कहा, “दिल्ली कार ब्लास्ट ने देश की संवेदनशीलता पर गहरा आघात किया है। निर्दोष नागरिकों की मौत अत्यंत दुखद है। हमें उम्मीद है कि सरकार इस घटना की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कर दोषियों को दंडित करेगी और प्रभावित परिवारों को पर्याप्त सहायता प्रदान करेगी।”
इस अवसर पर जैन समाज के वरिष्ठ सदस्य जैसे डॉ. जैनेन्द्र जैन, हंसमुख गांधी, टीके वेद, डीके जैन, डीएसपी नकुल पाटोदी, मनीष अजमेरा, सुनील गोधा, संजय बाकलीवाल और आनंद जैन ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से आग्रह किया कि वे प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा और सहायता प्रदान करें।
मयंक जैन और राजेश जैन दद्दू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने याद दिलाया कि 26/11 मुंबई आतंकी हमले के समय तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गृहमंत्री का इस्तीफा स्वीकार किया था। उनका कहना था कि “देश की सुरक्षा में असफलता और निर्दोष नागरिकों की मौत के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए।”
राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ और विश्व जैन संगठन ने भी कहा कि यह घटना मानवता के खिलाफ जघन्य अपराध है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से आग्रह किया कि दोषियों की पहचान कर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए और शहीद परिवारों को न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि इस तरह की आतंकवादी घटनाएं न केवल देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि आम नागरिकों के मनोबल को भी कमजोर करती हैं।
विशेष रूप से, जैन समाज के वरिष्ठ नेता इस बात पर जोर दे रहे हैं कि प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता, मुआवजा और मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने सरकार से यह भी मांग की कि भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के लिए कड़े सुरक्षा कदम उठाए जाएं।
इस पूरे मामले में दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को उच्चस्तरीय जांच और दोषियों की शीघ्र पहचान के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जैन समाज का कहना है कि इस घटना ने देश की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा किया है और दोषियों को दंडित करना न्याय और मानवता की मांग है।


