—Advertisement—

“विद्याभूषण सन्मतिसागरजी अवतरण दिवस महोत्सव 23 नवंबर त्रिलोकतीर्थ धाम में होगा धार्मिक, सांस्कृतिक, चातुर्मास, अन्नपूर्णना शिलान्यास कार्यक्रम सहित”

Author Picture
Published On: 13 November 2025
WhatsApp Image 2025 11 13 at 8.59.48 AM 1

—Advertisement—

विद्याभूषण सन्मतिसागरजी अवतरण दिवस महोत्सव 23 नवंबर को त्रिलोकतीर्थ धाम में होगा हर्षोल्लासपूर्वक

त्रिलोकतीर्थ धाम, मुरैना जिले की अम्बाह तहसील के बरवाई ग्राम में जन्मे जैनाचार्य विद्याभूषण सन्मतिसागरजी महाराज का अवतरण दिवस 23 नवंबर 2025 को धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हर्षोल्लासपूर्वक मनाया जाएगा। यह महोत्सव त्रिलोकतीर्थ धाम बड़ागांव में एक दिवसीय संस्कार दिवस महोत्सव के रूप में आयोजित किया जाएगा, जिसमें जैन समाज के अनुयायी और गुरुभक्त बड़ी संख्या में सम्मिलित होंगे।

त्रिलोकतीर्थ धाम के महामंत्री महेंद्र जैन मधुवन के अनुसार, विद्याभूषण सन्मतिसागरजी महाराज उत्तर भारत के प्रथम दिगम्बराचार्य शांतिसागरजी महाराज (छाणी) की परंपरा के मासोपवासी आचार्य सुमतिसागरजी महाराज के परम प्रभावक शिष्य थे। वे सिंहरथ प्रवर्तक, त्रिलोकतीर्थ प्रणेता और छाणी परंपरा के पंचम पट्टाचार्य के रूप में विख्यात हैं।

इस अवतरण दिवस के अवसर पर त्रिलोकतीर्थ धाम कमेटी द्वारा विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस महोत्सव में गणिनी आर्यिका दृष्टिभूषण माताजी के निर्देशन में तथा स्याद्वाद युवा क्लब के सहयोग से आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव में साधु साध्वियों का पिच्छिका परिवर्तन कार्यक्रम, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, और श्रद्धालुओं के लिए उपहार वितरण जैसे कई विशेष आयोजन शामिल होंगे।

WhatsApp Image 2025 11 13 at 8.59.47 AM

विद्याभूषण सन्मतिसागरजी महाराज की मूर्ति एवं समाधिस्थ महा मुनिराजों के चरण कमल की स्थापना

महोत्सव के इस पावन अवसर पर स्याद्वाद जैन एकेडमी के प्रगाढ़ में पूज्य गुरुदेव आचार्यश्री विद्याभूषण सन्मतिसागरजी महाराज की मूर्ति और अन्य समाधिस्थ महा मुनिराजों के चरण कमल की स्थापना की जाएगी। यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक अनुभव प्रदान करेगा। साथ ही त्रिलोकतीर्थ धाम में चातुर्मासरत साधु साध्वियों के पिच्छिका परिवर्तन कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा, जो जैन धर्म के अनुयायियों के लिए विशेष महत्व रखता है।

WhatsApp Image 2025 11 13 at 8.59.48 AM

अन्नपूर्णना भोजनशाला के नवीन भवन का शिलान्यास

महोत्सव के दौरान पूज्य गुरुदेव के परम भक्त श्रावक श्रेष्ठि नगीनचंद सरला देवी जैन खैकड़ा द्वारा अन्नपूर्णना भोजनशाला के नवीन भवन का शिलान्यास भी किया जाएगा। यह भवन न केवल धर्मिक गतिविधियों के लिए बल्कि समाज सेवा के कार्यों के लिए भी एक महत्वपूर्ण स्थल बनेगा। श्रद्धालु इस अवसर पर इस भवन का लाभ उठाते हुए सामूहिक भोजन और सेवा में भाग लेंगे।

WhatsApp Image 2025 11 13 at 8.59.49 AM

श्रद्धालुओं के लिए उपहार कलश एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम

अवतरण दिवस महोत्सव में चातुर्मास लकी कूपन ड्रॉ के माध्यम से श्रद्धालुओं को उपहार कलश वितरित किए जाएंगे। इसके अलावा समाज की प्रतिभाओं और बच्चों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी, जिससे महोत्सव का माहौल और भी उल्लासपूर्ण बन जाएगा। यह कार्यक्रम जैन धर्म के सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्यों को उजागर करने का अद्भुत अवसर प्रदान करेगा।

प्रमुख साधु-संत और आर्यिका माताजियों की उपस्थिति

इस अवसर पर परम पूज्य ऐलाचार्य त्रिलोकभूषण महाराज, गणिनी आर्यिका चंद्रमती माताजी, गणिनी आर्यिका मुक्तिभूषण माताजी, गणिनी आर्यिका दृष्टिभूषण माताजी, गणिनी आर्यिका अनुभूति भूषण माताजी सहित अनेकों साधु-संतों और आर्यिका माताजियों का सान्निध्य प्राप्त होगा। उनकी उपस्थिति से महोत्सव का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व और भी बढ़ जाएगा।

आयोजक समिति की तैयारी और आगंतुकों की सुविधा

त्रिलोकतीर्थ धाम कमेटी बड़ागांव के अध्यक्ष गजराज जैन गंगवाल, महामंत्री महेंद्रकुमार जैन मधुवन, संयुक्त महामंत्री प्रवीणकुमार जैन, कोषाध्यक्ष के सी जैन ग्वालियर सहित समिति के अन्य सदस्य इस महोत्सव के सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं। महोत्सव में आने वाले सभी आगंतुकों के आवास और भोजन की सुविधा सुनिश्चित की गई है।

महोत्सव समिति ने सभी गुरुभक्तों से अधिकाधिक संख्या में अवतरण दिवस महोत्सव में सम्मिलित होने की अपील की है ताकि इस धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम का अनुभव हर श्रद्धालु प्राप्त कर सके।

विद्याभूषण सन्मतिसागरजी महोत्सव का महत्व

विद्याभूषण सन्मतिसागरजी महाराज का अवतरण दिवस जैन समाज के लिए एक धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्व के रूप में मनाया जाता है। यह महोत्सव जैन धर्म के अनुयायियों को धार्मिक शिक्षा, संस्कार और सेवा भावना से जोड़ने का अद्भुत अवसर प्रदान करता है। इस दिन श्रद्धालु साधु-संतों का सान्निध्य, भजन-कीर्तन, धार्मिक प्रवचन, और सामूहिक सेवा कार्यों में भाग लेते हैं।

त्रिलोकतीर्थ धाम में आयोजित यह महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में भाईचारा, एकता और सेवा भावना को बढ़ावा देने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है।

निष्कर्ष:


23 नवंबर 2025 को त्रिलोकतीर्थ धाम बड़ागांव में आयोजित विद्याभूषण सन्मतिसागरजी अवतरण दिवस महोत्सव न केवल जैन समाज के लिए बल्कि पूरे उत्तर भारत के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में एक प्रमुख स्थान रखेगा। यह अवसर धार्मिक श्रद्धा, सामाजिक सेवा और सांस्कृतिक समर्पण को एक साथ जोड़ने वाला अद्वितीय महोत्सव होगा।

श्रद्धालु इस अवसर पर त्रिलोकतीर्थ धाम में आकर पूज्य गुरुदेव की मूर्ति स्थापना, चातुर्मास पिच्छिका परिवर्तन, अन्नपूर्णना भोजनशाला शिलान्यास और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेकर अपने जीवन में धार्मिक और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त कर सकते हैं।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp