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थांदला में निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर: 130 मरीजों का लाभ, 15 का मोतियाबिंद ऑपरेशन, दृष्टि नेत्रालय दाहोद का योगदान

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Published On: 13 November 2025
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थांदला में निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर: 130 मरीजों को लाभ, 15 का होगा मोतियाबिंद ऑपरेशन

थांदला। लायंस क्लब थांदला और राठौड़ समाज ने स्व. खेमराज राठौड़ की स्मृति में स्थानीय राठौड़ धर्मशाला पर एक विशेष निःशुल्क नेत्र परीक्षण एवं मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर का सफल आयोजन किया। इस शिविर में गुजरात के प्रसिद्ध दृष्टि नेत्रालय, दाहोद की विशेषज्ञ टीम ने भाग लिया और 130 मरीजों का निःशुल्क नेत्र परीक्षण किया।

शिविर का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आँखों से जुड़ी समस्याओं का पता लगाना और जरूरतमंदों को मुफ्त नेत्र चिकित्सा सेवाएं प्रदान करना था। शिविर के दौरान मरीजों को न केवल नि:शुल्क जांच की सुविधा दी गई, बल्कि उन्हें उचित परामर्श और आवश्यक दवाइयाँ भी प्रदान की गईं।

इस शिविर में 130 मरीजों का परीक्षण किया गया, जिनमें से 15 मरीजों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चयनित किया गया। इन मरीजों का ऑपरेशन दृष्टि नेत्रालय, दाहोद में निःशुल्क किया जाएगा। यह पहल थांदला क्षेत्र में नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने और दृष्टिहीनता के जोखिम को कम करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

शिविर के दौरान लायंस क्लब थांदला के अध्यक्ष चिराग घोड़ावत, सचिव डॉ. ओम प्रकाश बजाज, प्रकाशचंद्र घोड़ावत, दिनकर वाजपेई, सावन गर्ग, अमित आसाडा और समाजसेवी भरत भंसाली सहित कई वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे। राठौड़ समाज के अध्यक्ष सुनिल राठौड़, रणछोड़ राठौड़, तेजमल राठौड़, रवि राठौड़, जितेंद्र राठौड़, धुलजी राठौड़, नानालाल राठौड़, कन्हैयालाल राठौड़, सुरेश राठौड़, दशरथ राठौड़, बंटी राठौड़, आनंद राठौड़, यशवंत राठौड़ और प्रवीण राठौड़ भी इस अवसर पर मौजूद थे। साथ ही गहलोत परिवार के कई सदस्य भी इस समाज सेवा कार्यक्रम में शामिल हुए।

इस अवसर पर राठौड़ समाज ने शिविर में सहयोग देने वाले दृष्टि नेत्रालय स्टाफ और लायंस क्लब के पदाधिकारियों का शाल और माला पहनाकर सम्मानित किया। समाज के नेताओं ने कहा कि इस तरह के नेत्र स्वास्थ्य शिविर से ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अपनी आँखों की जांच समय पर करवा सकते हैं और गंभीर नेत्र रोगों से बचाव कर सकते हैं।

लायंस क्लब थांदला के अध्यक्ष चिराग घोड़ावत ने बताया कि यह शिविर समाज सेवा के उद्देश्यों को पूरा करने के साथ-साथ नेत्र स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने का एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी क्लब और राठौड़ समाज ऐसे निःशुल्क शिविरों का आयोजन लगातार करेंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें।

दृष्टि नेत्रालय, दाहोद के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने बताया कि मोतियाबिंद और अन्य नेत्र रोग समय पर पहचान कर उपचार किए जाने पर पूरी तरह ठीक हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में आँखों की समस्याओं के प्रति जागरूकता कम होने के कारण कई लोग समय पर इलाज नहीं करवा पाते हैं, जिससे उनका दृष्टि स्वास्थ्य प्रभावित होता है। ऐसे में यह तरह के निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर बेहद महत्वपूर्ण साबित होते हैं।

शिविर में मौजूद मरीजों ने भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि उन्हें मुफ्त में नेत्र परीक्षण और दवाइयाँ मिलना बहुत लाभकारी रहा। कई मरीजों ने कहा कि अगर ऐसा शिविर समय-समय पर आयोजित होता रहे तो ग्रामीण क्षेत्रों में दृष्टि संबंधी बीमारियों पर नियंत्रण पाया जा सकता है।

समाजसेवी भरत भंसाली ने कहा कि राठौड़ समाज और लायंस क्लब थांदला हमेशा समाज सेवा के क्षेत्र में आगे रहते हैं। उन्होंने कहा कि विशेषकर नेत्र स्वास्थ्य शिविर जैसी पहल से समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ती है और जरूरतमंदों को उचित चिकित्सा सुविधा मिलती है।

इस निःशुल्क नेत्र शिविर में मरीजों को केवल नेत्र जांच ही नहीं, बल्कि मुफ्त दवा वितरण और आवश्यक सर्जरी की सुविधा भी प्रदान की गई। इससे यह स्पष्ट होता है कि स्थानीय समाज और लायंस क्लब थांदला स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभा रहे हैं।

शिविर का आयोजन न केवल थांदला क्षेत्र में बल्कि आसपास के गांवों में भी स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने में सहायक रहा। विशेषज्ञ डॉक्टरों ने कहा कि समय पर नेत्र जांच और उचित परामर्श से कई रोगों को रोका जा सकता है, जिससे मरीजों की जीवन गुणवत्ता में सुधार आता है।

इस अवसर पर राठौड़ समाज और लायंस क्लब थांदला ने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसे निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर और मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। यह पहल समाज सेवा, स्वास्थ्य जागरूकता और मानवता के प्रति उनके समर्पण को दर्शाती है।

समापन में यह कहा गया कि नेत्र स्वास्थ्य शिविर से न केवल मरीज लाभान्वित हुए, बल्कि समाज में जागरूकता और सहयोग की भावना भी प्रबल हुई। यह पहल विशेषकर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों के लिए फायदेमंद रही।

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