इंदौर भाजपा अध्यक्ष को खुला पत्र — “अपनी मर्यादा याद रखिए!”
सच सलूजा ने भाजपा पर साधा निशाना, कहा — “राजनीति अहंकार नहीं, संस्कार से चलती है”
📍 भोपाल / इंदौर | 13 नवंबर 2025
मध्यप्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमाई हुई है। इंदौर भाजपा अध्यक्ष सुमित मिश्रा के हालिया बयान ने प्रदेश की राजनीतिक मर्यादा पर सवाल खड़ा कर दिया है।
कांग्रेस नेता सच सलूजा, जो मध्यप्रदेश कांग्रेस के सद्भावना एवं कौमी एकता प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष हैं, ने सख्त शब्दों में भाजपा नेता के बयान की निंदा की है और उन्हें “मर्यादा याद रखने” की नसीहत दी है।
कांग्रेस नेता सच सलूजा का तीखा प्रहार
सच सलूजा ने अपने खुले पत्र में कहा कि भाजपा के नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा द्वारा दिए गए बयान में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, और पूर्व महिला कांग्रेस अध्यक्ष शोभा ओझा सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं पर असंवेदनशील और असभ्य टिप्पणियाँ की गई हैं।
उन्होंने कहा कि यह केवल व्यक्तिगत अपमान नहीं बल्कि लोकतंत्र और राजनीतिक शालीनता पर सीधा प्रहार है।
“राजनीति विचारों की प्रतिस्पर्धा है, न कि अपमान की। भाजपा नेता भूल गए हैं कि विपक्ष लोकतंत्र का दुश्मन नहीं बल्कि जनता की आवाज़ का दूसरा स्वर होता है।” — सच सलूजा
“संस्कार” सिखाने वाली भाजपा खुद मर्यादा भूल गई है
सलूजा ने कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा बार-बार “संस्कार” और “संघ की संस्कृति” का जिक्र करना अब हास्यास्पद लगता है, क्योंकि वास्तविकता इसके ठीक विपरीत है।
उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि “जिस पार्टी के कार्यकर्ता अपने ही नगर अध्यक्ष के पोस्टर पर कालिख पोतते हैं और उनके नाम-पट्ट तक काले करते हैं, वे दूसरों को संस्कार सिखाने की बात कैसे कर सकते हैं?”
कांग्रेस नेता ने भाजपा संगठन की आंतरिक अनुशासनहीनता का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा को पहले अपने घर की मर्यादा और अनुशासन देखने चाहिए, फिर दूसरों को उपदेश देना चाहिए।
“भाजपा का चरित्र सत्ता के अहंकार से दूषित हो चुका है”
सच सलूजा ने कहा कि भाजपा आज विचार और संवाद की राजनीति छोड़कर सत्ता के अहंकार में डूबी हुई पार्टी बन गई है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की आत्मा संवाद, असहमति और सम्मान में बसती है, लेकिन भाजपा के नेता हर विरोधी स्वर को कुचलने की कोशिश करते हैं।
“भाजपा नेताओं को यह समझना होगा कि असहमति देशद्रोह नहीं, बल्कि लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है।” — सलूजा
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सदैव शालीनता, संस्कार और संवाद की राजनीति में विश्वास रखती है।
“हम विरोध करते हैं विचारों का, व्यक्ति का नहीं। लेकिन भाजपा के लिए यह फर्क समझना मुश्किल है क्योंकि उनकी राजनीति संघर्ष या विचार पर नहीं, बल्कि सत्ता के घमंड और प्रचार के शोर पर टिकी है।”
“महिलाओं और वरिष्ठ नेताओं का अपमान भाजपा की आदत बन गई है”
सच सलूजा ने भाजपा पर यह भी आरोप लगाया कि वह महिलाओं और वरिष्ठ नेताओं के प्रति सम्मान का दिखावा करती है, लेकिन व्यवहार में विपरीत काम करती है।
उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा शोभा ओझा जैसी वरिष्ठ महिला नेता पर अपमानजनक टिप्पणी करना यह दर्शाता है कि भाजपा का “संस्कार” केवल मंचों और भाषणों तक सीमित है।
उन्होंने कहा —
“हमारी भारतीय संस्कृति में महिलाओं और बुजुर्गों का सम्मान सर्वोपरि है, लेकिन भाजपा ने इस संस्कृति को भी राजनीति की भेंट चढ़ा दिया है।”
“लोकतंत्र संवाद से चलता है, अपमान से नहीं”
कांग्रेस नेता ने अपने खुले पत्र में लिखा कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में हर व्यक्ति को अपनी बात कहने का अधिकार है, लेकिन यह अधिकार मर्यादा के दायरे में होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं को यह याद रखना चाहिए कि राजनीति विरोध की नहीं, संवाद की कला है।
“भाजपा के नेताओं ने अब असहमति को अपराध और विपक्ष को शत्रु समझ लिया है। यही लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा है।”
“भाजपा के नेता पहले अपने घर की मर्यादा देखें”
सच सलूजा ने भाजपा में बढ़ते गुटबाजी के उदाहरण देते हुए कहा कि आज इंदौर भाजपा संगठन खुद अपने आंतरिक विवादों में उलझा हुआ है।
नगर अध्यक्ष के खिलाफ पार्टी के कार्यकर्ताओं का विरोध यह दर्शाता है कि भाजपा का अनुशासन केवल दिखावा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा को दूसरों को संस्कार सिखाने से पहले अपने भीतर की कड़वाहट और अहंकार को त्यागना चाहिए।
कांग्रेस का संदेश — “राजनीति में शालीनता ही असली ताकत”
अपने पत्र के अंत में सच सलूजा ने कहा कि कांग्रेस सदैव संवाद, सद्भावना और मर्यादा की राजनीति में विश्वास रखती है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए सत्ता लक्ष्य नहीं, बल्कि सेवा और समाज के लिए एक माध्यम है।
“हम मतभेद रख सकते हैं, पर मर्यादा नहीं छोड़ेंगे। हमारी राजनीति संस्कारों की है, न कि कटाक्ष और अभिमान की।”
सलूजा ने भाजपा नेताओं को चेतावनी दी कि यदि इस प्रकार की अपमानजनक बयानबाजी जारी रही, तो कांग्रेस लोकतांत्रिक ढंग से इसका पुरज़ोर विरोध करेगी और जनता को बताएगी कि भाजपा अब जनता के नहीं, बल्कि अपने अहंकार के लिए राजनीति कर रही है।
