दिल्ली लालकिला धमाका 2025: दिग्विजय सिंह का दावा – बिहार चुनाव में हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण का प्रयास
भोपाल/दिल्ली। राजधानी दिल्ली में लालकिला मेट्रो स्टेशन के पास हुए भयानक धमाके ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। सोमवार शाम हुई इस घटना में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई और 20 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। धमाके के तुरंत बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई, कई वाहन जलकर खाक हो गए और आसपास के कई घरों व दुकानों के शीशे टूट गए।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने इस घटना पर केंद्र सरकार और विशेषकर गृह मंत्री अमित शाह पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि पीएमओ और गृह मंत्री दिल्ली में सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रहे थे या नहीं। दिग्विजय सिंह ने इस घटना को बिहार चुनाव 2025 में हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण करने का प्रयास भी बताया।
दिग्विजय सिंह का बयान और आरोप
दिग्विजय सिंह ने अपने ट्वीट में लिखा:
“अमित शाह जी आप #BiharElection2025 में व्यस्त हैं और दिल्ली में लाल क़िले पर बम फट रहा है। NSA, IB, CP-Delhi क्या कर रहे थे? क्या इन लोगों पर जिम्मेदारी तय की जाएगी? क्या कोई कार्रवाई होगी या इसे बिहार चुनाव में हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण का प्रयास कहा जाएगा? जिन निर्दोष लोगों की जान गई, उनके परिवारों को हमारी संवेदनाएं। शासन उन्हें न्याय दिलाए।”
इस बयान से स्पष्ट होता है कि दिग्विजय सिंह इस धमाके को केवल सुरक्षा नाकामी नहीं बल्कि राजनीतिक माहौल को भड़काने वाला कदम मान रहे हैं।
विस्फोट की घटनास्थली और नुकसान
दिल्ली पुलिस ने बताया कि विस्फोट एक चलती हुंडई i20 कार में हुआ। इस कार में तीन लोग सवार थे। विस्फोट इतना भयंकर था कि आसपास के कई वाहन पूरी तरह जल गए और इलाके में आग की लपटें उठ गई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट में घायल लोगों को लोकनायक जयप्रकाश (LNJP) अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, आश्चर्य की बात यह है कि घायलों के शरीर में कोई छर्रे या ‘पंचर’ नहीं पाए गए, जो एक बड़े विस्फोट में असामान्य माना जा रहा है।
विस्फोट के बाद दिल्ली पुलिस ने हाई अलर्ट जारी कर दिया और पूरे शहर में सुरक्षा बढ़ा दी। सीमाओं पर चेकिंग कड़ी कर दी गई और संवेदनशील क्षेत्रों में वाहनों की जांच तेज कर दी गई।
धमाके में इस्तेमाल कार और जांच
पुलिस ने कार के मालिक मोहम्मद सलमान को हिरासत में लिया और उससे गहन पूछताछ की। प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह कार डेढ़ साल पहले ओखला में देवेंद्र नामक व्यक्ति को बेची गई थी। इसके बाद कार का ट्रैक अंबाला और फिर पुलवामा में तारिक नामक व्यक्ति तक पहुंचा।
पुलिस अब उन सभी व्यक्तियों का पता लगा रही है, जो इस कार के लेन-देन में शामिल रहे। अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या यह आत्मघाती हमला था या कोई और कवर अप।
विस्फोट से राजधानी में दहशत
विस्फोट की तीव्रता के कारण लालकिला मेट्रो स्टेशन और आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोग भयभीत होकर अपने घरों और दुकानों में छिप गए। कई लोग फोन पर परिजनों को अपनी जान की जानकारी देने के लिए मजबूर हुए।
स्थानीय प्रशासन ने फौरन राहत और बचाव कार्य शुरू किया। फायर ब्रिगेड की गाड़ियाँ और आपातकालीन वाहन घटनास्थल पर पहुंचे। घायल लोगों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
राजनीतिक और चुनावी संदर्भ
दिग्विजय सिंह का बयान इस धमाके को सीधे राजनीतिक नजरिए से जोड़ता है। उनका कहना है कि बिहार चुनाव में हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण करने का यह प्रयास हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट रूप से पूछा कि क्या केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस इस मामले में जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करेगी या इसे राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि चुनावी माहौल में ऐसे हमलों का राजनीतिकरण होना आम बात है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि धमाके के पीछे कौन है और इसका उद्देश्य क्या था।
सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका
दिल्ली पुलिस, NSA, और IB की टीमें घटना की गहनता से जांच कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी एंगल से जांच की जा रही है और किसी भी सुराग को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
शहर में सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी निगरानी और वाहन चेकिंग बढ़ा दी गई है।
मृतकों और घायलों की संख्या
-
मृतक: 9 लोग
-
घायल: 20 लोग
-
कई वाहन पूरी तरह जलकर नष्ट
घायलों में से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने सभी शवों और घायल व्यक्तियों के परिवारों को आवश्यक सहायता और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है।
निष्कर्ष
दिल्ली के लालकिला धमाके ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने इसे राजनीतिक रंग देने वाला हमला बताया और बिहार चुनाव में संभावित ध्रुवीकरण की आशंका जताई।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियाँ इस मामले की गहन जांच कर रही हैं और पूरे देश में सुरक्षा अलर्ट जारी है। इस भयावह घटना ने एक बार फिर यह याद दिला दिया कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कितनी महत्वपूर्ण है।
इस धमाके की जांच, इसके पीछे के कारण और दोषियों की पहचान दिल्ली पुलिस और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा शीघ्र ही सामने लाए जाने की उम्मीद है।

