इंदौर: 50 साल बाद पश्चिमी रिंग रोड निर्माण का मुहूर्त तय, मगर चौड़ाई पर समझौता — 200 फीट से घटकर रह गई 60 फीट
इंदौर (Indore News):
शहर की यातायात समस्या से जूझते इंदौरवासियों के लिए आखिरकार एक बड़ी खबर सामने आई है। करीब 50 साल बाद पश्चिमी रिंग रोड (Indore Western Ring Road) के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। नगर निगम ने चंदन नगर क्षेत्र में अधूरी पड़ी रिंग रोड को पूरा करने की तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि, इस लंबे इंतज़ार के बाद भी सड़क की चौड़ाई 200 फीट से घटाकर सिर्फ 60 फीट कर दी गई है, जिससे विवाद और चर्चा दोनों तेज हो गए हैं।
पृष्ठभूमि: आधी सदी से अधूरी रिंग रोड
इंदौर में बाहरी ट्रैफिक को शहर के केंद्र से हटाने और सड़कों पर जाम की समस्या को कम करने के लिए रिंग रोड परियोजना की परिकल्पना वर्ष 1975 के पहले मास्टर प्लान में की गई थी।
तब से लेकर अब तक यह सड़क अधूरी पड़ी है। इस कारण से भारी वाहन और ट्रक आज भी शहर के बीच से गुजरने को मजबूर हैं — खासकर बड़ा गणपति मार्ग, एयरपोर्ट रोड और धार रोड जैसे इलाकों से, जहाँ ट्रैफिक जाम आम बात हो चुकी है।
परियोजना का इतिहास: कई बार बनी योजना, हर बार रुकी
वर्ष 2010 में इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) ने इस परियोजना को गति देने की पूरी कोशिश की थी। प्रभावित लोगों को स्कीम नंबर 136 में प्लॉट तक आवंटित कर दिए गए थे और निर्माण के लिए टेंडर भी जारी हुए थे।
लेकिन, भोपाल से अंतिम अनुमति नहीं मिलने और प्राधिकरण का बोर्ड भंग होने के कारण यह योजना अधर में लटक गई।
इसके बाद कई बार यह प्रस्ताव फिर से सामने आया — मगर स्थानीय विरोध, अतिक्रमण और प्रशासनिक देरी ने इसे बार-बार रोक दिया।
चंदन नगर रिंग रोड का नया प्लान: 60 फीट की सड़क बनेगी
अब इंदौर नगर निगम ने चंदन नगर से एयरपोर्ट रोड को जोड़ने वाली इस अधूरी रिंग रोड के निर्माण का निर्णय लिया है।
मास्टर प्लान में इस सड़क की चौड़ाई 200 फीट निर्धारित की गई थी, लेकिन अब इसे सिर्फ 60 फीट चौड़ा बनाया जाएगा।
चार साल पहले हुए सर्वे में 200 फीट चौड़ाई के हिसाब से करीब 600 से अधिक मकान और निर्माण बाधक बन रहे थे।
अब चौड़ाई घटाकर 60 फीट करने के बाद 200 से अधिक मकान प्रभावित होंगे — जिनमें से अधिकांश आंशिक रूप से टूटेंगे।
विरोध और आपत्तियाँ
60 फीट की चौड़ाई तय करने के बाद भी स्थानीय रहवासी और व्यापारी विरोध कर रहे हैं।
कई लोगों का कहना है कि इतनी कम चौड़ाई वाली सड़क से ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा।
चंदन नगर क्षेत्र के निवासी मोहम्मद इकबाल कुरैशी ने कहा —
“यह सड़क महू सैन्य क्षेत्र और बीएसएफ परिसर को जोड़ती है। अगर इसे चौड़ा बनाया जाए तो ट्रैफिक की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।”
वहीं मोहम्मद शादाब हुसैन, जो क्षेत्र के व्यापारी हैं, ने कहा —
“हम बचपन से सुन रहे हैं कि चंदन नगर रिंग रोड बनेगी। अब जब काम शुरू हो रहा है तो चौड़ाई घटाने का फैसला निराशाजनक है। चौड़ी सड़क बनने से मार्केट भी विकसित होगा और हादसे कम होंगे।”
क्यों ज़रूरी है पश्चिमी रिंग रोड का निर्माण
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शहर के बीच से भारी वाहनों का बोझ हटेगा:
रिंग रोड अधूरी होने के कारण भारी वाहन एयरपोर्ट रोड से गुजरते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएँ होती हैं।
हाल ही में ऐसे ही एक हादसे में चार लोगों की मौत और 15 घायल हुए थे। -
एयरपोर्ट रोड और धार रोड का सीधा कनेक्शन:
जब यह सड़क पूरी बन जाएगी तो धार रोड सीधे एयरपोर्ट रोड से जुड़ जाएगा, जिससे आवागमन तेज और सुगम होगा। -
शहर के अंदरूनी इलाकों में ट्रैफिक दबाव कम होगा:
बड़ा गणपति मार्ग और सेंट्रल इंदौर जैसे क्षेत्रों में जाम कम होगा। -
आर्थिक और वाणिज्यिक विकास को बढ़ावा:
चौड़ी रिंग रोड बनने से चंदन नगर और सिरपुर क्षेत्र में नई मार्केट और व्यावसायिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी।
अतिक्रमण और बाधाएँ
नगर निगम के अनुसार, निर्माण शुरू करने से पहले बाधक हिस्सों और अतिक्रमणों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इसके लिए दावे-आपत्तियों को आमंत्रित किया गया था और सुनवाई भी पूरी कर ली गई है।
हालांकि, भूमि अधिग्रहण, मुआवजा वितरण और वन अनुमति जैसे मुद्दे अभी भी प्रक्रिया में हैं।
करीब 638 हेक्टेयर भूमि इस परियोजना में अधिग्रहित की जानी है, जिसमें लगभग 50 हेक्टेयर वनभूमि शामिल है।
नगर निगम की स्थिति
इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया —
“नगर निगम 60 फीट चौड़ी सड़क का निर्माण कराएगा। दावे-आपत्तियों का निराकरण हो चुका है और जल्दी ही अतिक्रमण हटाने का काम शुरू होगा। इसके बाद निर्माण का कार्य प्रारंभ किया जाएगा।”
विशेषज्ञों की राय: ‘कम चौड़ाई से उद्देश्य अधूरा रह जाएगा’
मास्टर प्लान विशेषज्ञ जयवंत होलकर का कहना है कि
“1975 में जब रिंग रोड मास्टर प्लान में प्रस्तावित की गई थी, तब अधिकारियों की जिम्मेदारी थी कि सड़क का सीमांकन कर अतिक्रमण न होने दें। लेकिन लापरवाही के कारण सड़क पर ही अवैध बस्ती बस गई। अब सिर्फ 60 फीट चौड़ाई में सड़क बनाने से अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाएगा।”
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि 60 फीट की सड़क भविष्य में बढ़ते ट्रैफिक लोड को संभालने में सक्षम नहीं होगी।
इंदौर जैसे मेट्रो-विकासशील शहर के लिए कम से कम 150-200 फीट चौड़ाई की रिंग रोड जरूरी है।
आगे की राह: कब शुरू होगा निर्माण
नगर निगम की योजना के अनुसार, अतिक्रमण हटाने का कार्य पूरा होते ही सड़क निर्माण शुरू किया जाएगा।
निर्माण एजेंसी तय की जा चुकी है, लेकिन भूमि स्वामित्व विवाद, पर्यावरणीय स्वीकृति और कानूनी आपत्तियाँ प्रक्रिया को धीमा कर रही हैं।
मूल रूप से जनवरी 2025 में काम शुरू होना था, लेकिन अब यह 2026 की शुरुआत में संभावित माना जा रहा है।
इंदौर ट्रैफिक सिस्टम के लिए उम्मीद की किरण
इंदौर की पश्चिमी रिंग रोड (Indore Western Ring Road) का निर्माण शहर के लिए सिर्फ एक इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि एक शहरी राहत योजना साबित हो सकता है।
यह सड़क धार रोड से एयरपोर्ट रोड को जोड़ते हुए पिपलिया कुमार चौराहा, चंदन नगर और सिरपुर क्षेत्र से होकर गुज़रेगी।
इसके साथ ही चंदन नगर से सिरपुर तक एक नया ब्रिज भी बनाया जा रहा है, जिससे यातायात का प्रवाह और सुचारु होगा।
निष्कर्ष
पचास सालों से अधूरी पड़ी इंदौर की पश्चिमी रिंग रोड अब आखिरकार साकार होने जा रही है।
हालांकि, सड़क की चौड़ाई घटाना और स्थानीय विरोध इस परियोजना की सबसे बड़ी चुनौतियाँ हैं।
यदि प्रशासन समय पर अतिक्रमण हटाकर, मुआवजा वितरण कर और सही योजना के साथ सड़क का निर्माण करता है,
तो यह न केवल इंदौर की यातायात समस्या को काफी हद तक दूर करेगी बल्कि शहर के विकास और सुगम आवागमन का मार्ग भी खोलेगी।
50 साल बाद आया यह “मुहूर्त” इंदौर के लिए विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता है — बशर्ते इसे चौड़ाई के समझौते में न खो दिया जाए।

