देश की राजधानी दिल्ली से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। दिल्ली की दिल कहे जाने वाले लाल किला के मेट्रो स्टेशन के पास सोमवार शाम हुए कार ब्लास्ट पूरे देश को चूका दिया है। ये ब्लास्ट सफेद रंग की ह्युंडई i20 कार में हुआ इस भीषण धमाके में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
जांच के दौरान पता चला कि कार धमाके से पहले करीब तीन घंटे तक गोल्डन मस्जिद पार्किंग में खड़ी थी।
घटना के बाद एनआईए NIA , एनएसजी NSG और दिल्ली पुलिस की टीमें जांच में जुटी हैं। राजधानी सहित पूरे देश में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
जानिए धमाके की पूरी टाइमलाइन
3:19 बजे शाम:
सफेद ह्युंडई i20 कार लाल किला मेट्रो स्टेशन गेट नंबर 1 के पास गोल्डन मस्जिद पार्किंग में दाखिल हुई। कार करीब तीन घंटे तक वहीं खड़ी रही।
6:48 बजे शाम:
कार पार्किंग से बाहर निकलती हुई सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दी।
6:50 बजे शाम:
कार रेड लाइट पर खड़ी थी, तभी जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास खड़ी 6 कारें और 3 ऑटो-रिक्शा जलकर राख हो गए। विस्फोट स्थल से धुएं का गुबार कई मीटर तक उठा।
7:00 बजे:
दिल्ली फायर सर्विस की 7 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और इलाके को तुरंत सील कर दिया गया।
7:02 बजे:
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल की टीमें जांच में जुट गईं।
7:29 बजे:
करीब 37 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने मौके से सबूत जुटाने शुरू किए।
7:30 बजे के बाद:
पुलिस ने बदरपुर बॉर्डर से लेकर लाल किला क्षेत्र तक के 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में यह साफ दिखा कि कार तीन घंटे पार्किंग में खड़ी रही और निकलते ही धमाका हुआ।

शुरुआती जांच में क्या सामने आया
फॉरेंसिक रिपोर्ट के मुताबिक, विस्फोट में अमोनियम नाइट्रेट जैसे उच्च क्षमता वाले विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने फरीदाबाद क्राइम ब्रांच और जम्मू-कश्मीर पुलिस से रिपोर्ट मांगी है, क्योंकि फरीदाबाद में भी संदिग्ध सामग्री बरामद की गई है।
आतंकी नेटवर्क की जांच और गिरफ्तारियां
इस हमले के तार अब कई राज्यों से जुड़ते दिख रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में पुलवामा निवासी 38 वर्षीय तारीक अहमद डार को गिरफ्तार किया गया है।
उसके सहयोगी इमरान उर्फ मौलवी शोपियां के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई। अब तक 13 संदिग्धों से पूछताछ जारी है।
राजधानी में हाई अलर्ट
दिल्ली धमाका न सिर्फ राजधानी की सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह संकेत देता है कि आतंकी नेटवर्क एक बार फिर सक्रिय हो रहे हैं।
केंद्रीय एजेंसियों ने सभी राज्यों की पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
ताज़ा अपडेट्स:
एनआईए और एनएसजी की टीमें विस्फोट स्थल से मिले इलेक्ट्रॉनिक सर्किट और धातु के टुकड़ों की जांच कर रही हैं। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, यह रिमोट-कंट्रोल्ड ब्लास्ट भी हो सकता है।
धमाके से उठे सुरक्षा पर कई सवाल :
इस तरह के धमाके सुरक्षा पर तो सवाल उठाते ही साथ ही ये प्रशासन की लापरवाही को भी दरसास्ता है अगर देश की राजधानी में ऐसे बड़े धमाके हो सकते है तो देश के बाकि हिस्सों का क्या ? आखिर इतने विस्पोटक सामान उस कार में आया कहा से? लाल किला जैसे इलाको में कड़ी सुरक्षा को नहीं थी ? ऐसे कैसे राजनितिक नेताओ और अला अधिकारिओ के नाक के निचे से कार लाल किला क्यों पहुंची ?
