इस विवाद की शुरुआत एशिया कप 2025 के फाइनल के तुरंत बाद हुई। जब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के प्रमुख मोहसिन नकवी विजेता भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव को ट्रॉफी देने आए, तो सूर्यकुमार ने इसे लेने से इनकार कर दिया।
रिपोर्ट के अनुसार, सूर्यकुमार ने नकवी से ट्रॉफी इसलिए नहीं ली क्योंकि नकवी पाकिस्तान के गृह मंत्री भी हैं और भारत में आतंकवाद को समर्थन देने के आरोपों को लेकर विरोध जताया गया था। नकवी ने बाद में कहा कि एशियन क्रिकेट काउंसिल ACC के अध्यक्ष होने के नाते ट्रॉफी देने का अधिकार केवल उन्हीं को है।
इस अनोखे हालात में सूर्यकुमार ने “काल्पनिक ट्रॉफी” उठाकर अपने साथियों के साथ मज़ाकिया अंदाज़ में जश्न मनाया। इससे PCB और ACC प्रमुख दोनों नाराज हो गए।

दुबई में ट्रॉफी लेने से किया इनकार
मोहसिन नकवी ने बाद में बीसीसीआई को 10 नवंबर को दुबई में ट्रॉफी लेने का प्रस्ताव दिया, लेकिन भारतीय बोर्ड ने इसे ठुकरा दिया। इसके बजाय, बीसीसीआई ने मुद्दे को औपचारिक रूप से ICC बोर्ड मीटिंग में उठाया।
एक सूत्र ने बताया, “मीटिंग का माहौल सौहार्दपूर्ण था, और ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के बोर्डों ने दोनों देशों को शांत कराने की कोशिश की। अंततः ट्रॉफी विवाद सुलझाने के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाने पर सहमति बनी।”
नकवी की बैठक में भागीदारी
पाकिस्तान क्रिकेट प्रमुख मोहसिन नकवी भी बैठक में शामिल हुए। सूत्रों के मुताबिक, “वार्ता के दौरान कोई कड़वाहट नहीं दिखी। ICC बोर्ड ने माना कि भारत और पाकिस्तान दोनों ही क्रिकेट जगत के अहम सदस्य हैं और उन्हें अपने मतभेद सुलझाने चाहिए।”
नकवी की दुबई यात्रा आखिरी समय में तय हुई, क्योंकि पाकिस्तान की सीनेट में एक महत्वपूर्ण बैठक स्थगित हुई थी। उस दिन सीनेट देश के संविधान में एक अहम संशोधन पारित करने वाली थी।
अब जिम्मेदारी पंकज खिमजी के कंधों पर
अब इस पूरी मध्यस्थता की जिम्मेदारी पंकज खिमजी को सौंपी गई है। खिमजी को दोनों देशों के साथ अच्छे संबंधों और शांतिपूर्ण समाधान लाने की क्षमता के लिए जाना जाता है। ICC की उम्मीद है कि उनकी अगुवाई में यह विवाद जल्द ही शांतिपूर्वक हल हो जाएगा।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद केवल ट्रॉफी का नहीं बल्कि भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट में परंपरागत तनाव का प्रतीक है। यदि पंकज खिमजी सफल होते हैं, तो यह ICC के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है कि कैसे राजनीतिक और खेल-संबंधी मतभेदों को खेल के माध्यम से सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाया जा सकता है।
एशिया कप 2025 का ट्रॉफी विवाद भारतीय क्रिकेट में नई चर्चा का विषय बन गया। सूर्यकुमार यादव के ट्रॉफी न लेकर दुनिया को ये साफ़ सन्देश दिया की भारत किसी भी तरह आतंकवाद का साथ नहीं देगा, भारत और आतंकवाद किसी भी स्टेज पर साथ नहीं हो सकते है। ICC ने इस विवाद को सुलझाने के लिए पंकज खिमजी की अगुवाई में तीन सदस्यीय समिति बनाई है। अब देखना यह है की यह समिति इस विवाद को कैसे शांतिपूर्वक हल करती है।
