—Advertisement—

, , ,

इंदौर के महू अदालत ने इंश्योरेंस कंपनी को लगाई लताड़ : सड़क दुर्घटना में टीआई रामचंद्र कोली की मौत, पर 40 लाख रुपए मुआवजा देने के आदेश

Author Picture
Published On: 8 November 2025
Untitled design 51

—Advertisement—

सड़क हादसा या हार्ट अटैक? अदालत ने दिया स्पष्ट उत्तर
महू की अदालत ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में यह स्पष्ट किया है कि राघवी थाना उज्जैन में पदस्थ टीआई स्वर्गीय रामचंद्र कोली की मौत हार्ट अटैक से नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटना में आई गंभीर चोटों के कारण हुई थी। अदालत ने इंश्योरेंस कंपनी के सभी तर्क खारिज करते हुए टीआई के परिवार को ब्याज सहित लगभग 40 लाख रुपए का मुआवजा 30 दिन के भीतर देने का आदेश दिया। यह फैसला परिवार के लिए न्याय की लंबी लड़ाई में एक बड़ी जीत माना जा रहा है।

दरअसल ये मामला 4 अगस्त 2008 का है। टीआई रामचंद्र कोली अपनी पत्नी कला के साथ कार से जा रहे थे। जहां सांवेर रोड पर निर्माणाधीन जेल के पास उनकी कार एक ट्रक (एमपी-13 जीए-7354) से टकरा गई। हादसे के दौरान दोनों घायल हुए। टीआई को पहले अरविंदो अस्पताल और फिर बॉम्बे हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। परिवार का दावा था कि मौत सड़क दुर्घटना में आई गंभीर चोटों की वजह से हुई थी, जबकि इंश्योरेंस कंपनी ने मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि मौत हार्ट अटैक के कारण हुई।

इंश्योरेंस कंपनी का तर्क और अदालत की प्रतिक्रिया

इंश्योरेंस कंपनी ने मामले में अपनी भूमिका निभाते हुए कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार टीआई की मृत्यु हार्ट अटैक से हुई। उन्होंने इस आधार पर मुआवजे के भुगतान से इनकार किया। हालांकि, अदालत ने इस दावे को खारिज कर दिया।

जांच दौरान सच आया सामने

जांच में यह सामने आया कि हादसे के समय टीआई रामचंद्र कोली अपने वाहन को सही दिशा और धीमी गति में चला रहे थे। सामने से आ रहे ट्रक ने अचानक ब्रेक लगाया, जिससे टक्कर हुई और टीआई गंभीर रूप से घायल हो गए। अदालत ने यह भी पाया कि टीआई को पहले से कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। अस्पताल के रिकॉर्ड में उनके हार्ट से संबंधित पुराने इलाज का कोई प्रमाण नहीं मिला। अदालत ने निष्कर्ष निकाला कि मौत का मुख्य कारण सड़क दुर्घटना में आई गंभीर चोटें थीं।

मुआवजे का आदेश

चार साल तक चली कानूनी लड़ाई के बाद अदालत ने निर्णय दिया कि इंश्योरेंस कंपनी, ट्रक ड्राइवर और मालिक को संयुक्त रूप से या अलग-अलग रूप से टीआई के परिवार को 34.59 लाख रुपए मुआवजा और 6% वार्षिक ब्याज सहित कुल लगभग 40 लाख रुपए अदा करने होंगे। इसके अलावा, टीआई की पत्नी कला के घायल होने की पुष्टि के बाद उन्हें भी 2.09 लाख रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया गया।

परिवार की पैरवी और सबूतों की भूमिका

टीआई के परिवार की ओर से एडवोकेट राजेश खंडेलवाल ने पैरवी की। उन्होंने अदालत को बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, अस्पताल रिकॉर्ड और प्रत्यक्षदर्शी पत्नी कला की गवाही ने स्पष्ट रूप से यह साबित किया कि टीआई की मौत दुर्घटना में हुई थी, हार्ट अटैक के कारण नहीं। अदालत ने इन सबूतों को मानते हुए परिवार को न्याय दिलाया।

परिवार को मिली राहत

इस फैसले के बाद टीआई रामचंद्र कोली के परिवार को चार साल लंबी कानूनी लड़ाई के बाद न्याय मिला। यह निर्णय न केवल वित्तीय राहत प्रदान करता है, बल्कि यह पीड़ित परिवारों के अधिकारों की रक्षा का प्रतीक भी है। अदालत के आदेश से यह स्पष्ट हो गया कि सड़क दुर्घटना और उसकी गंभीरता के लिए जिम्मेदार पक्षों को मुआवजा देना होगा।

यह फैसला यह दिखाता है कि सही सबूत और न्याय की मांग के चलते लंबी कानूनी प्रक्रिया में भी निष्पक्ष निर्णय संभव है। टीआई रामचंद्र कोली के परिवार के लिए यह फैसला सिर्फ मुआवजा नहीं, बल्कि न्याय और सम्मान की जीत है। साथ ही, यह निर्णय भविष्य में ऐसे मामलों में मिसाल भी पेश करेगा, जहां पीड़ित परिवारों को अपनी हानि के लिए उचित न्याय मिलने की जरूरत होती है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp