क्या कभी अपने सोचा है की जो पुलिस हमारी सुरक्षा के लिए है वही जान का खतरा बन सकती है। ये सोचने में ही कितना भयावय लगता है , ऐसा ही एक शर्मसार कर देने वाला हादसा नीमच जिले से सामने आया है। दरअसल नीमच जिले के जावद क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हुआ। जावद थाने में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) मनोज यादव शराब के नशे में धुत होकर अपनी तेज रफ्तार कार से नियंत्रण खो बैठे और एक के बाद एक दो मोटरसाइकिलों को टक्कर मार दी।
इस भीषण हादसे में ज्ञानोदय आईटीआई कॉलेज के शिक्षक दशरथसिंह (42), निवासी रूपारेल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी और दो मासूम बच्चे सहित चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे का मंजर: सड़क पर लहूलुहान पड़े बच्चे
घटना भरभड़िया गांव की घाटी के पास हुई। एएसआई की कार ने सामने से आ रही दो बाइकों को जोरदार टक्कर मारी।
घायलों में मृतक की पत्नी ललिता 35, बेटा हर्षित 10, बेटी जया 6और एक अन्य बाइक सवार भोपाल सिंह (44, निवासी अठाना) शामिल हैं।
सभी को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां ललिता और हर्षित की हालत नाजुक बताई जा रही है। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद उदयपुर रेफर किया गया।
‘कार में बार’: एएसआई की कार से शराब की बोतल और गिलास मिले
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद जब लोग मौके पर पहुंचे तो एएसआई मनोज यादव नशे में बेसुध थे और ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे।
जब स्थानीय लोगों ने कार की तलाशी ली, तो अंदर से शराब की बोतलें और एक खाली गिलास बरामद हुआ। यह साबित करता है कि पुलिसकर्मी ने अपनी ड्यूटी के वाहन को ‘चलता-फिरता बार’ बना रखा था।
लोगों का गुस्सा और पुलिस प्रशासन की फजीहत
इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने भरभड़िया-जावद रोड पर जमकर हंगामा किया और पुलिस विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों का कहना था कि जो पुलिस आम जनता की सुरक्षा के लिए होती है, वही जब नशे में जान लेने लगे तो भरोसा किस पर किया जाए।
स्थिति को संभालने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को कार्रवाई का भरोसा दिया।
मामला दर्ज, विभागीय जांच शुरू
एडिशनल एसपी नवल सिंह सिसोदिया ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि एएसआई मनोज यादव ने सामने से आ रही दो मोटरसाइकिलों को टक्कर मारी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत और चार लोग घायल हुए हैं।
घायल भोपाल सिंह की शिकायत पर जावद थाने में आरोपी एएसआई के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
पुलिस विभाग ने आरोपी पर कड़ी विभागीय कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
यह घटना एक बार फिर इस कड़वी सच्चाई को उजागर करती है कि नशे में वाहन चलाना कितना घातक साबित हो सकता है ,खासकर तब, जब यह अपराध कानून के रखवाले द्वारा किया जाए।
शुक्रवार रात का यह हादसा न केवल एक परिवार की खुशियां छीन गया, बल्कि पुलिस की साख और जनता के विश्वास पर भी गहरी चोट छोड़ गया।
ऐसी घटनाएं हमे सोचने पर मजबूर कर देती है की अगर कानों के रक्षक ही कानून तोड़ेगे तो आम आदमी कैसे किसी पर भरोसा कर पायेगा।
