मध्यप्रेश में ऐसी कई जगहे है जो पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करती है आज हम एक ऐसी प्राकृतिक जगह के बारे में आपको बतायेगे जो सबसे खूबसूरत प्राकृतिक पर्यटन स्थलों में से एक है। ये जगह मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में स्थित है। हम बात कर रहे है भेड़ाघाट की यह जगह अपनी संगमरमर की घाटियों, धुआंधार जलप्रपात और नर्मदा नदी की अद्भुत सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। नर्मदा के दोनों किनारों पर फैला है यहां संगमरमर के ऊंचे-ऊंचे पहाड़ सूर्य की रोशनी में ऐसे चमकते हैं जैसे चांदी की दीवारें हों।

संगमरमर की घाटियाँ – प्रकृति की कलाकारी
भेड़ाघाट की सबसे बड़ी खासियत है यहाँ की संगमरमर की घाटियाँ Marble Rocks। नर्मदा नदी इन संगमरमर की चट्टानों को काटते हुए बहती है, जिससे लगभग 100 फीट ऊँची प्राकृतिक दीवारें बन गई हैं। नाव की सवारी करते हुए जब आप इन चट्टानों के बीच से गुजरते हैं, तो सूर्य की किरणों के साथ बदलते रंग और रोशनी का प्रतिबिंब देखने लायक होता है। यह नज़ारा सैलानियों के लिए किसी जादू से कम नहीं।

भेड़ाघाट में रोपवे और बोटिंग का अनुभव
यहाँ की रोपवे सवारी सैलानियों के बीच काफी लोकप्रिय है। यह रोपवे आपको धुआंधार झरने के ऊपर से पार करवाता है, जहाँ से पूरी घाटी और गिरते झरने का नज़ारा एक साथ दिखता है। इसके अलावा, शाम के समय आप यहा नर्मदा नदी में बोटिंग का एक अनुभव भी ले सकते है साथ ही यह के नाविक संगमरमर की चट्टानों के बीच स्थानीय कथाएँ और कहानियाँ सुनाते हैं।
फ़िल्मों की पसंदीदा जगह
भेड़ाघाट की सुंदरता ने बॉलीवुड को भी आकर्षित किया है। कई प्रसिद्ध फ़िल्मों जैसे अशोका, मोहेंजोदारो, जमाना दीवाना और बॉबी की शूटिंग यहाँ की गई है। संगमरमर की घाटियाँ और नर्मदा का शांत प्रवाह कैमरे में किसी सपनों की दुनिया जैसा प्रतीत होता है।

कैसे पहुँचे भेड़ाघाट
भेड़ाघाट, जबलपुर शहर से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जबलपुर रेलवे स्टेशन और डुमना एयरपोर्ट से यहाँ पहुँचना आसान है। सड़क मार्ग से भी यह स्थान अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।
घूमने का सही समय
अगर आप भी भेड़ाघाट घूमने का मन बना रहें है तो यहां घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च तक माना जाता है। इस दौरान मौसम सुहावना रहता है और धुआंधार झरने का पानी देखने योग्य रूप में बहता है।
