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“विधवा, विधुर और परित्यक्त परिचय सम्मेलन 2025 – ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, पुनर्विवाह, सामाजिक सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य, नई जीवन दिशा, अ. भा. श्वेतांबर जैन महिला संघ”

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Published On: 6 November 2025
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विधवा, विधुर और परित्यक्ताओं के लिए ऑनलाइन परिचय सम्मेलन – समाज में मानवीय पहल

खास बात: अ. भा. श्वेतांबर जैन महिला संघ द्वारा आयोजित यह ऑनलाइन परिचय सम्मेलन विधवा, विधुर और परित्यक्त लोगों के लिए नई जीवन दिशा और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने वाला कार्यक्रम है।

समाज में अकेलापन, संवेदनाओं की कमी और मानसिक तनाव आज भी अनेक लोगों की जीवनशैली पर प्रभाव डाल रहा है। विशेषकर विधवा, विधुर और परित्यक्त व्यक्तियों के लिए यह स्थिति और भी जटिल होती है। इसी समस्या के समाधान और सकारात्मक सामाजिक संदेश के उद्देश्य से अ. भा. श्वेतांबर जैन महिला संघ केंद्रीय इकाई ने 30 नवम्बर 2025 को एक विशेष ऑनलाइन परिचय सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया है।

समाज में अकेलेपन की समस्या

समाजसेवी वीरेन्द्र कुमार जैन और सतीश पावेचा ने बताया कि पति या पत्नी के चले जाने के बाद या किसी टूटे हुए वैवाहिक जीवन के कारण व्यक्ति अक्सर अकेलापन महसूस करता है। अकेलेपन से न केवल मानसिक तनाव बढ़ता है, बल्कि व्यक्ति में आत्मविश्वास की कमी, असुरक्षा की भावना और अवसाद भी उत्पन्न हो सकता है।

ऐसे समय में समान परिस्थिति वाले लोगों का मिलन उन्हें मानसिक शांति और सामाजिक सुरक्षा प्रदान कर सकता है। यही उद्देश्य इस विधवा, विधुर और परित्यक्ता परिचय सम्मेलन का है।

सम्मेलन का उद्देश्य और सामाजिक संदेश

संस्थापक अध्यक्ष रेखा जैन और अध्यक्ष विजया जैन ने बताया कि समाज में आज भी विधवा या परित्यक्ता महिला/पुरुष के पुनर्विवाह को सहजता से नहीं देखा जाता। ऐसे सम्मेलन समाज में यह संदेश देते हैं कि:

  • दूसरा विवाह कोई अपराध नहीं, बल्कि जीवन का पुनर्निर्माण है।

  • समाज में मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक सहयोग की आवश्यकता है।

  • 35 वर्ष से अधिक उम्र के अविवाहित व्यक्ति भी इस सम्मेलन में भाग लेकर नई जीवन यात्रा की शुरुआत कर सकते हैं।

सम्मेलन के दौरान सभी पूर्व अध्यक्ष, बोर्ड सदस्य और संयोजकगण उपस्थित रहेंगे, जिससे प्रतिभागियों को मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिलेगा।

मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक जुड़ाव

सचिव पूजा जैन और वंदना जैन ने कहा कि अकेलेपन की वजह से मानसिक तनाव, अवसाद और असुरक्षा जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में समान पीड़ा वाले लोग एक-दूसरे को समझते हैं, जिससे उन्हें मानसिक शांति, आत्मविश्वास और जीवन में नई दिशा मिलती है।

सुशीला बेताला ने बताया कि इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 25 नवम्बर 2025 है। इच्छुक प्रतिभागी महिलासंघ की आधिकारिक वेबसाइट mahilasangh.com पर जाकर अपना फॉर्म भर सकते हैं।

ऑनलाइन परिचय सम्मेलन – एक नई पहल

इस ऑनलाइन सम्मेलन के माध्यम से निम्नलिखित पहल की जा रही हैं:

  1. समान जीवन अनुभव वाले लोगों का मिलन – विधवा, विधुर और परित्यक्त लोगों के लिए यह महत्वपूर्ण है।

  2. सकारात्मक सामाजिक संदेश का प्रसार – समाज में पुनर्विवाह को सहजता से स्वीकार करना।

  3. मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य – अकेलापन और अवसाद कम करने के लिए साझा अनुभव।

  4. नई जीवन दिशा – प्रतिभागियों को सामाजिक और भावनात्मक रूप से सशक्त बनाना।

  5. समाजसेवा और प्रेरणा – समाज के लिए मानवीय पहल और सहयोग का आदर्श प्रस्तुत करना।

सम्मेलन की रूपरेखा

  • तिथि: 30 नवम्बर 2025

  • स्थान: ऑनलाइन प्लेटफॉर्म

  • रजिस्ट्रेशन: वेबसाइट पर जाकर (अंतिम तिथि 25 नवम्बर)

  • उम्र सीमा: 35 वर्ष से अधिक अविवाहित भी शामिल हो सकते हैं

  • संपर्क और मार्गदर्शन: पूर्व अध्यक्ष, बोर्ड सदस्य और संयोजकगण

समाज में इस पहल का महत्व

अ. भा. श्वेतांबर जैन महिला संघ ने यह पहल इसलिए शुरू की है ताकि समाज में मानवीय मूल्य, सहयोग और संवेदनशीलता को बढ़ावा दिया जा सके। इसके माध्यम से यह संदेश जाता है कि किसी भी व्यक्ति का जीवन अकेलेपन में समाप्त नहीं होता, बल्कि नए साथी और सहयोग के माध्यम से जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

सहभागियों के अनुभव

इस तरह के परिचय सम्मेलन से पहले के अनुभव बताते हैं कि:

  • लोग नए साथी और मित्र बनाते हैं।

  • मानसिक शांति और आत्मविश्वास में सुधार होता है।

  • समाज में पुनर्विवाह को सकारात्मक रूप से देखा जाता है।

पूजा जैन, सचिव, ने कहा कि यह पहल सिर्फ सामाजिक नहीं, बल्कि मानवीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इस प्रकार के सम्मेलन समाज में एकता, सहयोग और सहानुभूति को बढ़ावा देते हैं।

कैसे रजिस्ट्रेशन करें

  1. वेबसाइट पर जाएँ: mahilasangh.com

  2. ऑनलाइन फॉर्म भरें।

  3. 25 नवम्बर 2025 तक रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करें।

यह पहल समाज में मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और भावनात्मक सहयोग का संदेश देती है।

निष्कर्ष

विधवा, विधुर और परित्यक्त लोगों के लिए परिचय सम्मेलन समाज के लिए एक अत्यंत आवश्यक, सकारात्मक और मानवीय पहल है। यह अकेलेपन को कम करने, जीवन में नई दिशा देने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम है।

इस सम्मेलन में भाग लेकर आप न केवल अपनी जीवन यात्रा में नया अध्याय जोड़ सकते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश भी फैलाते हैं।

भवदीय,
पूजा जैन
सचिव

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