ओंकारेश्वर में विशाल नारायण भोज व 56 भोग का दिव्य आयोजन – पशु, पक्षी, गाय माता व भक्तों के लिए भक्ति और सेवा का अद्भुत संगम
आयोजन तिथि: 4 व 5 नवंबर 2025
📍 स्थान: ओंकारेश्वर, जिला खंडवा (मध्यप्रदेश)
📰 संवाददाता: जीवन लाल जैन, नागदा
भक्ति और सेवा का संगम: ओंकारेश्वर में भव्य नारायण भोज
पवित्र नर्मदा तट ओंकारेश्वर में 4 नवंबर को विशाल नारायण भोज एवं 56 भोग महोत्सव का दिव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन में न केवल भक्तों के लिए बल्कि गाय माता, वानर, पक्षियों और जलचर प्राणियों के लिए भी विशेष भंडारा और प्रसाद वितरण किया गया।
आयोजन का उद्देश्य “सर्वभूत हिताय” की भावना को साकार करना था, जिसमें हर जीव में भगवान के दर्शन किए गए। इस सेवा भावना ने ओंकारेश्वर की भक्ति भूमि को और भी पवित्र बना दिया।
पशु-पक्षियों के लिए विशेष प्रसाद व्यवस्था
आयोजन में सेवा भाव से प्रेरित होकर विभिन्न प्राणियों के लिए भव्य प्रसाद की व्यवस्था की गई —
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गाय माता व पशुओं के लिए – 100 किलो लड्डू
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वानर (बंदरों) के लिए – 21 कैरेट केले, 25 किलो चने, 20 पैकेट बड़े पारलेजी बिस्किट
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मछलियों के लिए – 20 किलो सेव, 10 किलो चने, 5 किलो परमल, 20 किलो बाजरा व ज्वार
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पक्षियों के लिए – 20 किलो अनाज
इस सेवा का दृश्य भक्तों के लिए भाव-विभोर करने वाला रहा।
नर्मदा आरती और दीपदान से जगमगाया घाट
शाम को ओंकारेश्वर घाट पर नर्मदा आरती और दीपदान का भव्य आयोजन हुआ। हजारों दीपों की लौ से सजी नर्मदा तट की आभा अद्भुत थी। आरती के बाद भोजन प्रसादी का वितरण किया गया और भजनों की मधुर ध्वनि में भक्त देर रात तक भक्ति संगीत और भजन संध्या में झूमते रहे।
भक्तों ने रात में घाट के समीप विश्राम किया, जिससे अगले दिन के पुण्य स्नान और पूजा की तैयारी की जा सके।
दूसरे दिन का कार्यक्रम: स्नान, पूजन और कथा
5 नवंबर की भोर में प्रातः 5 बजे नर्मदा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक पूजन किया। इसके पश्चात सुबह 9 बजे सत्यनारायण भगवान की कथा आरंभ हुई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
कथा के बाद सुबह 10 बजे से विशाल भंडारा और नारायण भोज प्रारंभ हुआ जो प्रभु की इच्छा तक चलता रहा।
श्रद्धालुओं और टीम का योगदान
इस दिव्य आयोजन में तन-मन-धन से जुड़े सभी श्रद्धालु, सेवक, और भक्तों ने निस्वार्थ भाव से योगदान दिया। आयोजन समिति की पूरी टीम ने सेवा को एक उत्सव का रूप दिया। आयोजकों ने कहा –
“जो भी इस पुण्य आयोजन में तन, मन, या धन से जुड़े हैं, वे सभी भगवान की कृपा के पात्र हैं। हम सभी का हृदय से धन्यवाद करते हैं।”
भक्तों की यात्रा कल सुबह 9 बजे बस द्वारा ओंकारेश्वर के लिए रवाना हुई। आयोजन के प्रमुख समन्वयक जीवन लाल जैन (नागदा) ने बताया कि यह आयोजन हर वर्ष और भी भव्य रूप में आयोजित किया जाएगा ताकि सेवा, श्रद्धा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश समाज तक पहुँचे।
आयोजन की विशेषताएँ:
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सर्वप्रथम बार पशु, पक्षी, जलचर और गौमाता के लिए सामूहिक भोग प्रसाद
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56 भोग, दीपदान, भजन-संध्या, सत्यनारायण कथा और नारायण भोज
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धार्मिक अनुष्ठान में पर्यावरण और जीव कल्याण का समावेश
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नर्मदा तट पर भक्ति और सेवा का दिव्य संगम

