“केंद्र में हमारी सरकार बनी तो बिहार को मिलेगा देश का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय” — राहुल का वादा
पटना/पूर्णिया। विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बिहार की राजनीतिक भागीदारी को नया मोड़ देने का दावा करते हुए, राज्य की शिक्षा-सेवा व्यवस्था और सत्ता पक्ष पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र में Indian National Congress (कांग्रेस) व उसके सहयोगी गठबंधन Indian National Developmental Inclusive Alliance (INDIA ब्लॉक) की सरकार बनी, तो बिहार में देश का सबसे बड़ा और विश्व-स्तरीय विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा, ताकि युवाओं को पलायन न करना पड़े।
जनसभा में भावुक क्षण
पूर्णिया जिले के कसबा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने राज्य की स्थिति का बखान किया। उन्होंने कहा कि राज्य में शिक्षा-स्वास्थ्य जैसी मूलभूत व्यवस्थाएँ वर्तमान सरकार की प्राथमिकता नहीं रही। सभा में एक ऐसा क्षण भी आया जब महागठबंधन के उम्मीदवार इरफान आलम मंच पर भावुक होकर रो पड़े। राहुल गांधी तत्काल उनके पास गए और कहने लगे कि “आप सिर्फ विधायक के बेटे नहीं हैं, बल्कि आपने संघर्ष किया है और हम आप पर गर्व करते हैं” — इस भावुक बातचीत ने सभा को एक अलग रंग दिया।
बड़े वादे, बड़े सवाल
राहुल गांधी ने केंद्र व राज्य सरकार दोनों को घेरते हुए उन पर आरोप लगाए कि उन्होंने बिहार-युवाओं को मजदूर बना दिया है। उन्होंने कहा कि जब आप दुबई जैसी दुनिया के विकसित शहरों में काम कर सकते हैं, ‘खून-पसीना’ देकर प्रतिष्ठा बना सकते हैं, तो फिर यह क्यों नहीं कर सकते बिहार में? उन्होंने नार्क्षित किया:
“दुबई जैसी जगह को आपने अपने खून पसीने से बनाया है। मेरा आपसे सवाल है कि जब आप दुबई और बेंगलुरु जैसा शहर बना सकते हो तो ये बिहार में क्यों नहीं कर पाते हो।”
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि एक समय में बिहार की Nalanda University दुनिया भर में शेहरती थी, जापान, कोरिया, इंग्लैंड आदि से विद्यार्थी पढ़ने आते थे — आज वही राज्य अपनी यूनिवर्सिटी की छवि लगातार गवां रहा है। उन्होंने कहा कि “यहाँ परीक्षा के एक दिन पहले पेपर लीक हो जाता है और बिहार का ईमानदार युवा पीछे रह जाता है।”
शिक्षा-स्वास्थ्य व्यवस्था पर निशाना
राहुल गांधी ने कहा कि बिहार में अस्पतालों में लोग जीने नहीं बल्कि मरने जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में शिक्षा-स्वास्थ्य के साथ-साथ रोजगार नहीं मिल रहा; युवा पलायन कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि “20 वर्षों में आपने बिहार बदलने का दावा किया, लेकिन परिणाम जमीनी नहीं दिखे।”
उसी समय उन्होंने कहा कि उद्योग के लिए राज्य में जमीन नहीं मिल रही, लेकिन बड़े उद्योगपतियों को जमीन उपलब्ध करवाई जा रही है।
लोकतंत्र, वोट चोरी और राजनीतिक आरोप
सभा में राहुल गांधी ने भाजपा व सरकार पर आरोप लगाया कि वे लोकतंत्र और संविधान पर हमला कर रही हैं। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी व अमित शाह की अगुआई वाली सरकार बिहार में वोट-चोरी की साजिश कर रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हरियाणा-महाराष्ट्र-यूपी में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी हुई, “दो बूथ में एक महिला का चेहरा 200बार दिखाया गया”- जैसे आरोप लगाए गए हैं।
राहुल गांधी ने विशेष रूप से युवाओं को आह्वान किया कि वे इस चुनाव को सिर्फ एक सीट पर वोट नहीं बल्कि अपने भविष्य, अपने हक के लिए लड़ें। उन्होंने कहा कि यह चुनाव “बिहार के हर युवा और हर गरीब” का है।
सबसे बड़े विश्वविद्यालय का वादा
सभा के सबसे बड़े वादे में से एक था- राहुल गांधी ने कहा: “जब भारत में हमारी सरकार बनेगी, तो बिहार को देश का सबसे बड़ा, विश्व-स्तरीय विश्वविद्यालय मिलेगा।” उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यह विश्वविद्यालय सिर्फ नाम का नहीं होगा बल्कि “दुनिया की शिक्षा का केन्द्र” बनेगा — वही प्रतिष्ठा जो कभी नालंदा को मिली थी।
युवा-पलायन, रोजगार व मान-सम्मान
उनका तर्क यह भी था कि बिहार के युवाओं ने देश के अलग-अलग हिस्सों में काम किया, शहर बनाये, विदेशों में अपनी मेहनत दिखाई, लेकिन अपने ही राज्य में अवसर नहीं मिले। उन्होंने पूछा, “जब आप दुबई, बेंगलूरु जैसी जगह बना सकते थे — तो बिहार क्यों नहीं?” यह एक भावुक अपील थी जो युवा और गरीब मतदाताओं को सीधा टार्गेट कर रही थी।
रणनीतिक पृष्टभूमि
इस जनसभा का समय भी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि 2025 Bihar Legislative Assembly election के पहले चरण की वोटिंग 6 नवम्बर को होने वाली है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस चुनाव में बेरोजगारी, युवा पलायन, शिक्षा-स्वास्थ्य की चुनौतियाँ और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों ने प्रमुख स्थान ले लिया है।
भाजपा-नेता द्वारा प्राप्त प्रतिक्रियाएँ
राहुल गांधी के निशाने पर केंद्र व राज्य की सरकारें थीं। उनके आरोपों में प्रमुख बिंदु थे:
-
वोट चोरी व मतदाता सूची में गड़बड़ी की बातें।
-
शिक्षा-स्वास्थ्य तथा रोजगार की कमी।
-
बिहार को मजदूर-राज्य बना देने का आरोप।
-
“दुबई बनते हो तो बिहार क्यों नहीं?”- जैसी भावनात्मक अपील।
निष्कर्ष
भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, शिक्षा-स्वास्थ्य की दुर्दशा और लोकतांत्रिक मूल्यों पर संकट संबंधी सवाल इस सभा में प्रमुख रहे। राहुल गांधी ने वहाँ बड़ी घोषणा की — बिहार को मिलना है देश का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय। यह वादा सिर्फ शिक्षा तक सीमित नहीं है; यह प्रतीक है बदलाव का, अवसरों का, पलायन की समाप्ति का। अब सवाल यह है कि यह वादा कितने लोगों तक पहुँचेगा और मतदाता इसे कितनी गंभीरता से लेंगे।
