प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना: केंद्र सरकार की अनूठी पहल से खुलेंगे नए रोजगार अवसर
ग्रेसिम, नागदा में आयोजित सेमिनार में क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त श्री रितेश कुमार सोनी ने दी जानकारी
नागदा (ब्रजेश बोहरा)।
केंद्र सरकार द्वारा देश के युवाओं के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (Pradhanmantri Vikasit Bharat Rojgar Yojana) रोजगार के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम के रूप में सामने आई है। इस योजना का उद्देश्य है— योग्य युवाओं को नई नौकरी के अवसर उपलब्ध कराना और देश में रोजगार सृजन को बढ़ावा देना।
इसी क्रम में बुधवार को नागदा स्थित ग्रेसिम उद्योग परिसर में भविष्य निधि कार्यालय उज्जैन (EPFO Ujjain) द्वारा एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त श्री रितेश कुमार सोनी ने कहा कि केंद्र सरकार की यह योजना युवाओं और नियोक्ताओं दोनों के लिए अत्यंत लाभदायक सिद्ध होगी।
केंद्र सरकार की पहल: रोजगार सृजन के द्वार खुले
श्री सोनी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के माध्यम से केंद्र सरकार ने “रोजगार सृजन” की दिशा में ठोस कदम उठाया है। यह योजना न केवल नव-नियुक्त कर्मचारियों को प्रोत्साहन देती है, बल्कि नियोक्ताओं को भी नए रोजगार देने के लिए प्रेरित करती है।
उन्होंने बताया कि योजना दो भागों में विभाजित है — भाग ‘क’ और भाग ‘ख’।
-
भाग ‘क’ (नव कर्मचारी लाभ) के अंतर्गत जो व्यक्ति पहली बार किसी संस्था या कंपनी में नौकरी शुरू करते हैं, उन्हें केंद्र सरकार की ओर से 15,000 रुपए तक का वेतन प्रोत्साहन दो किश्तों में प्रदान किया जाएगा। यह राशि कर्मचारी के खाते में सीधे जमा की जाएगी।
-
भाग ‘ख’ (नियोक्ता लाभ) के अंतर्गत नियोक्ताओं को प्रत्येक नए रोजगार सृजन पर दो वर्षों तक प्रतिमाह ₹3,000 की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इससे उद्योगों और कंपनियों को नए कर्मचारियों की भर्ती के लिए प्रेरणा मिलेगी।
श्री सोनी ने बताया कि विनिर्माण क्षेत्र (Manufacturing Sector) में यह प्रोत्साहन तीसरे और चौथे वर्ष तक भी जारी रहेगा। इससे औद्योगिक उत्पादन और रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
EPFO निरंतर कर रहा प्रयास
कार्यक्रम में श्री सोनी ने कहा कि भविष्य निधि संगठन (EPFO) निरंतर इस दिशा में प्रयासरत है कि योजना का लाभ हर पात्र व्यक्ति और संस्था तक पहुंचे। इसके लिए कार्यालयों में जागरूकता अभियान, नियोक्ता कार्यशालाएं और डिजिटल जागरूकता सत्र लगातार आयोजित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा — “केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी योग्य व्यक्ति बेरोजगार न रहे। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कड़ी है।”
ग्रेसिम परिसर में आयोजन, प्रमुख अधिकारी रहे उपस्थित
ग्रेसिम के जनसंपर्क अधिकारी श्री कमल सेठी ने बताया कि इस कार्यशाला में मध्यप्रदेश कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के प्रादेशिक नियोक्ता प्रतिनिधि एवं ग्रेसिम केमिकल डिवीजन के मानव संसाधन उपाध्यक्ष श्री विनोद कुमार मिश्रा, मानव संसाधन महाप्रबंधक श्री अंकुर पारीक, और भविष्य निधि कार्यालय उज्जैन के वरिष्ठ प्रवर्तन अधिकारी श्री प्रवीण सिंह सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।
कार्यक्रम में वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञ श्री विक्रम कुशवाह ने प्रस्तुति के माध्यम से भविष्य निधि की योजनाओं और प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के लाभों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार EPFO ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन, सत्यापन और भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी एवं सरल रूप से की जा सकती है।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मिला सम्मान
इस अवसर पर ग्रेसिम में कार्यरत ऐसे पांच कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने सेवाकाल के दौरान 58 वर्ष की आयु पूर्ण की। भविष्य निधि कार्यालय द्वारा इन कर्मियों को पीपीओ (Pension Payment Order) पत्र प्रदान किए गए।
यह सम्मान न केवल उनके दीर्घ सेवाकाल की सराहना था, बल्कि यह संदेश भी कि केंद्र सरकार कर्मचारियों के आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा हितों के प्रति प्रतिबद्ध है।
अतिथियों का स्वागत एवं कार्यक्रम संचालन
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का स्वागत कार्मिक विभाग के अखिलेश पांडेय, दीप्ति रघुवंशी, शीतल शर्मा, विजय मिश्रा और महेश चिनोरिया ने पुष्पगुच्छ भेंट कर किया।
कार्यक्रम का कुशल संचालन कार्मिक विभाग के डॉ. सुरेंद्र मीणा ने किया और अंत में कार्मिक प्रबंधक सुश्री नबा सारंग ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
रोजगार एवं उद्योग विकास के नए द्वार
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना को लेकर उद्योग जगत में उत्साह देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस योजना से न केवल युवाओं को नई नौकरियां मिलेंगी, बल्कि माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSME) सेक्टर में भी नई ऊर्जा आएगी।
उद्योगों को सरकारी प्रोत्साहन राशि मिलने से औद्योगिक उत्पादन, निवेश और रोजगार दर में तेजी आने की संभावना है।
इससे आत्मनिर्भर भारत अभियान (Aatmanirbhar Bharat) को भी नई गति मिलेगी।
नागदा-उज्जैन क्षेत्र में बढ़ेगा औद्योगिक विकास
उज्जैन और नागदा औद्योगिक क्षेत्र में ग्रेसिम, केमिकल एवं टेक्सटाइल उद्योगों की बड़ी उपस्थिति है। ऐसे में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना से यहां के उद्योगों को सीधे लाभ मिलने की संभावना है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस योजना से आने वाले महीनों में सैकड़ों युवाओं को नए रोजगार अवसर मिल सकते हैं और स्थानीय उद्योगों को उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना केंद्र सरकार की ऐसी ऐतिहासिक पहल है जो न केवल युवाओं के लिए रोजगार के अवसर खोलती है बल्कि उद्योगों को भी रोजगार सृजन के लिए प्रोत्साहित करती है।
नागदा में आयोजित ग्रेसिम सेमिनार ने यह स्पष्ट किया कि जब सरकारी नीतियां, औद्योगिक सहयोग और सामाजिक जागरूकता एक साथ आती हैं, तो देश की अर्थव्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन निश्चित होता है।
यह योजना युवाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।


