सड़कों पर सीधे मैदान में — महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने रातभर चलाया पेंचवर्क निरीक्षण अभियान
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने अब शहर की टूटी-फूटी सड़कों को लेकर खुद कमान सँभाली है। उन्होंने स्वच्छता व्यवस्था की समीक्षा के तुरंत बाद देर रात को मुख्य सड़क सुधार कार्यों का निरीक्षण किया और निर्देश दिए कि अगले 15 दिनों में मुख्य मार्ग पूरी तरह दुरुस्त किए जाएँ।
निरीक्षण-रात्रि: मैदान में प्रत्यक्ष ताकीद
रात करीब नौ बजे महापौर पुष्यमित्र भार्गव मैदान में उतरे। उन्होंने मुख्य रूप से रावजी बाजार, फूटी कोठी रोड तथा बॉम्बे हॉस्पिटल क्षेत्र के पेंचवर्क (सड़क मरम्मत) कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान निगम के अधिकारियों-कर्मियों से कार्य की प्रगति-स्थिति जानी और ठेकेदारों को स्पष्ट चेतावनी दी कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा।
वक्त की मांग के अनुरूप, महापौर ने यह साफ किया कि सड़क सुधार सिर्फ दिखावे के लिए नहीं बल्कि जनता की सुविधा-सुरक्षा के लिए है। उन्होंने कहा कि “अब मुख्य मार्ग दुरुस्त करना प्राथमिकता है, उसके बाद गलियों-वार्डों में पेंचवर्क का काम शुरू होगा।”
15 दिन का टारगेट-शेड्यूल: मुख्य मार्ग पहले
महापौर ने बताया कि शहर में प्रतिदिन चार से अधिक स्थानों पर सड़क सुधार कार्य जारी हैं। उन्होंने निगम को निर्देश दिए हैं कि आगामी १५ दिनों में सभी प्रमुख मार्गों को पूरी तरह दुरुस्त कर लिया जाए। इसके उपरांत ही वार्डों तथा गलियों में पेंचवर्क शुरू होगा। इस स्पष्ट टारगेट-शेड्यूल से यह संदेश गया है कि अब ठीक-ठाक कार्य नहीं, बल्कि समयबद्ध व गुणवत्ता-युक्त सुधार अपेक्षित है।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में मप्र रोड विकास निगम (मआरडीसी) के अधिकारियों को फटकार लगने के बाद मुसाखेड़ी और देवास नाका के बीच स्थित सत्यसांई सर्विस रोड का कार्य तेजी से पूरा हुआ, जिससे क्षेत्रीय यातायात में सुधार हुआ है। यह एक उदाहरण है कि जब अधिकारी-ठेकेदार सक्रिय हुए तो परिणाम मिलते हैं।
गुणवत्ता-चेतावनी: अधूरी मरम्मत स्वीकार नहीं
निरीक्षण के दौरान महापौर ने निगम एवं ठेकेदारों को निर्देश दिए कि सड़क सुधार में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिर्फ परत चढ़ाने या दिखावे के लिए काम नहीं चलेगा; कार्य का असर दिखना चाहिए — सड़क लंबे समय तक चलने वाली होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जनता की शिकायतों पर तत्काल प्रतिक्रिया होगी, और अगर ठेकेदार समय-सीमा व मानकों पर खरे नहीं उतरेंगे तो अनुबंध रद्द तक की कार्रवाई हो सकती है।
इस सख्त रवैये से यह स्पष्ट है कि अब सड़क सुधार केवल शब्दों में नहीं बल्कि धरातल पर नज़र आएगा।
नागरिकों के लिए राहत-सुझाव और आगे की दिशा
नागरिकों को इस अभियान से प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा — उदाहरण के तौर पर, अब पथराव-गड्ढों से यातायात बाधित नहीं होगा, दुर्घटना-संभावना कम होगी और शहर की सड़कें सुरक्षित व सुचारू होंगी। महापौर ने यह भी कहा कि आम नागरिकों से अपेक्षा है कि वे अपनी शिकायतें समय पर निगम के समक्ष रखें, ताकि सुधार कार्यों में बेहतरी लाई जा सके।
साथ ही उन्होंने कहा कि मुख्य मार्ग दुरुस्त हो जाने के बाद वार्डों-गलियों में मरम्मत कार्य शुरू होगा, इसलिए वह निकट भविष्य में उन इलाकों में भी सुधार देखना चाहते हैं। नागरिकों को सुझाव दिया गया है कि यदि किसी मार्ग पर पेंचवर्क कार्य नहीं शुरू हुआ हो या अधूरा हो रहा हो तो फोटो व विवरण के साथ निगम के हेल्पलाइन/ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत करें।
निष्कर्ष: संकेत-सशक्त सुधार की दिशा में
इस निरीक्षण अभियान से यह संदेश गया है कि शहर की टूटी-फूटी सड़कों को सुलझाना अब सिर्फ एक योजना नहीं बल्कि सक्रिय नेतृत्व द्वारा नियंत्रित प्राथमिकता बन गया है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने व्यक्तिगत रूप से मैदान में उतरकर यह भरोसा दिलाया है कि सड़क सुधार पर तेजी और समय-बद्धता के साथ गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जाएगी।
यदि 15 दिन के भीतर मुख्य मार्ग दुरुस्त होते हैं, तो यह न सिर्फ प्रशासन की प्रतिबद्धता दिखाएगा बल्कि नागरिकों के लिए वास्तविक बदलाव का संकेत भी होगा। फिर समय आयेगा कि गलियों-वार्डों की मरम्मत पर फोकस किया जाए और अंततः पूरे शहर की सड़क-नेटवर्क सुचारू व सुरक्षित बने।
