“सांसे हो रही है कम, आओ पेड़ लगाए हम” — आचार्य 108 श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज का तलवंडी में मंगल प्रवेश और 108 वृक्षारोपण कार्यक्रम
कोटा (राजस्थान) – पर्यावरण संरक्षण और समाज सेवा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन तलवंडी जैन मंदिर में हुआ। 4 नवंबर 2025 को प्रातः 7:00 बजे विज्ञान नगर जैन मंदिर से विहार कर परम पूज्य आचार्य 108 श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज ससंघ तलवंडी जैन मंदिर पहुँचे। इस अवसर पर तलवंडी जैन मंदिर समिति द्वारा आयोजित 108 वृक्षारोपण कार्यक्रम में आचार्य जी ने अपना सानिध्य और आशीर्वाद प्रदान किया।
108 वृक्षारोपण: पर्यावरण और समाज के लिए संदेश
आचार्य श्री ने वृक्षारोपण के महत्व पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति, प्रशासनिक अधिकारी और सरकार की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वे पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भाग लें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम 1000 वृक्ष लगाने का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। केवल इसी तरह हम आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुंदर पर्यावरण प्रदान कर सकते हैं।
आचार्य श्री ने तलवंडी मंदिर समिति और युवा शक्ति को उनके प्रेरक कार्य के लिए आशीर्वाद प्रदान किया। मंदिर समिति के महामंत्री प्रकाश सामरिया ने राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी पारस जैन “पार्श्वमणि” को बताया कि इस कार्यक्रम में ग्रीन वेलफेयर सोसाइटी, कोटा के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे और उन्हें पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी सौंपी गई।
स्थानीय सहयोग में पार्षद योगेश जी राणा और आयुर्वेद विद्यालय के प्राचार्य नित्यानन्द जी शर्मा का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर कई समाजिक सदस्यों ने जीवन में 1000 वृक्ष लगाने का संकल्प भी लिया।
समाज और राजनीतिक सहभागिता
वृक्षारोपण कार्यक्रम में श्रीमान राकेश की मडिया (अध्यक्ष, शहर जिला भाजपा) और श्रीमान विवेक जी राजवंशी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। आचार्य श्री ने मंदिर पहुँच कर तलवंडी मंदिर में चल रहे नंदीश्वर महामंडल विधान में भी अपना आशीर्वाद और सानिध्य प्रदान किया।
सामूहिक भक्ति और संगीतमय पूजन अनिल जी डाबी और अभिषेक जी शास्त्री द्वारा संपन्न कराया गया। तलवंडी के श्रेस्ठी श्रीमान विमल जी वर्धमान ज्वैलर्स परिवार को आचार्य जी के पाद प्रक्षालन और उनके समक्ष जिनवाणी विराजित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
आचार्य श्री का संदेश: पुरुषार्थ और धर्म
अपने उद्बोधन में आचार्य जी ने जीवन में पुरुषार्थ के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि संसार में दुख और समस्याएँ मिथ्यात्व (अज्ञानता और भ्रम) के कारण उत्पन्न होती हैं। जीवन में पुरुषार्थ और इच्छा शक्ति ही व्यक्ति को कठिनाइयों से निकाल सकते हैं।
आचार्य जी ने कहा कि धन का वास्तविक मूल्य तभी है जब वह धर्म और समाज की भलाई में उपयोग हो। कमाए गए धन का कुछ अंश धर्म और समाज सेवा में लगाना आवश्यक है। मिथ्यात्व का त्याग ही कठिन तपस्या है। जब हमारे जीवन में जुनून और इच्छा शक्ति उत्पन्न होती है, तब हम किसी भी कठिन कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कर सकते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य सदस्य
इस अवसर पर सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष प्रकाश जी बज, पूर्व अध्यक्ष विमल जी नांता, जेके जैन साहब सुरेश जी चंदवाड़, अशोक जी पहाड़िया, भागचंद जी टोंग्या, लोकेश जी जैन, यतीश जी खेडा, नरेश जी वेद सहित कई अन्य समाजसेवी और मंदिर समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने आचार्य जी के आशीर्वाद का लाभ लिया।
मंदिर समिति के प्रवक्ता राजकुमार लुहाड़िया ने बताया कि आचार्य जी के सानिध्य में संध्यकालीन आनंद यात्रा और संगीतमय पूजन का आयोजन किया गया और संघ की वैय्यावर्ती संपन्न हुई।
पर्यावरण और युवा शक्ति के लिए प्रेरणा
आचार्य 108 श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज के मार्गदर्शन में हुए इस वृक्षारोपण कार्यक्रम ने युवाओं और समाज के प्रत्येक सदस्य को पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जिम्मेदारी और पुरुषार्थ के महत्व को समझने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति ही समाज में बदलाव ला सकती है और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और सुंदर वातावरण सुनिश्चित कर सकती है।
इस अवसर पर उपस्थित समाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और आचार्य जी के संदेश को आगे फैलाने का संकल्प लिया।
निष्कर्ष
तलवंडी जैन मंदिर में आयोजित 108 वृक्षारोपण कार्यक्रम ने स्पष्ट संदेश दिया: “सांसे हो रही है कम, आओ पेड़ लगाए हम।” यह कार्यक्रम न केवल पर्यावरण संरक्षण बल्कि धार्मिक, सामाजिक और नैतिक मूल्यों को भी समाज में स्थापित करने वाला था।
आचार्य 108 श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज का संदेश है कि जीवन में पुरुषार्थ, इच्छा शक्ति, और धर्म का पालन ही सच्ची सफलता और समाजिक योगदान का आधार है। वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण के इस कार्य से यह स्पष्ट होता है कि प्रत्येक व्यक्ति और संस्था को अपने कर्तव्यों का पालन करना आवश्यक है।
राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी
पारस जैन “पार्श्वमणि”
कोटा | 9414764980

