इंदौर ग्रामीण पुलिस का “यातायात जागरूकता अभियान” और “मुस्कान अभियान” — छात्रों को दी ट्रैफिक नियमों और साइबर सुरक्षा की जानकारी
इंदौर (ग्रामीण)।
मध्य प्रदेश पुलिस के निर्देशन में चल रहे “यातायात जागरूकता अभियान” और “मुस्कान अभियान” के तहत इंदौर ग्रामीण पुलिस ने 4 नवंबर 2025 को इंदौर इंटरनेशनल कॉलेज (सांवेर रोड, धरमपुरी) में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में विभिन्न विषयों — कानून (LAW), कॉमर्स, आर्ट्स और साइंस — के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को ट्रैफिक नियमों का पालन, सड़क सुरक्षा, साइबर अपराध से बचाव और महिला सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था।
यह पहल पुलिस मुख्यालय एवं पुलिस अधीक्षक (एसपी) श्रीमती यांगचेन डोलकर भुलिया के निर्देशन में की जा रही है।
ट्रैफिक नियमों की जानकारी और सड़क सुरक्षा पर चर्चा
इंदौर (ग्रामीण) पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को सड़क पर सावधानी और नियमों के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि “यातायात नियमों का पालन केवल कानून की बात नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा का सबसे बड़ा उपाय है।”
इस दौरान छात्रों को हेलमेट पहनने, ओवरस्पीडिंग से बचने, मोबाइल पर बात करते हुए ड्राइविंग न करने और सीट बेल्ट का उपयोग करने जैसे आवश्यक सुरक्षा नियमों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में छात्रों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे, जिनका जवाब पुलिस अधिकारियों ने विस्तार से दिया। यह संवादात्मक सत्र छात्रों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक साबित हुआ।
साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन अपराध से बचाव
साइबर क्राइम जागरूकता सत्र में पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आजकल इंटरनेट और सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर फ्रॉड के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं।
पुलिस ने छात्रों को बताया कि किसी भी अनजान लिंक, बैंकिंग OTP या सोशल मीडिया रिक्वेस्ट पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।
साथ ही, साइबर अपराध की किसी भी घटना की रिपोर्ट साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या www.cybercrime.gov.in पर करने की सलाह दी गई।
“मुस्कान अभियान” के तहत महिला एवं बाल सुरक्षा पर विशेष सत्र
इंदौर ग्रामीण पुलिस द्वारा चलाया जा रहा “मुस्कान अभियान” बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा पर केंद्रित है।
कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने पॉक्सो एक्ट (POCSO Act), महिला उत्पीड़न से बचाव, बच्चों के अधिकार, और सोशल मीडिया पर सुरक्षा उपायों की जानकारी दी।
इस पहल का उद्देश्य समाज में महिलाओं और बच्चों के प्रति सम्मान और सुरक्षा की भावना को मजबूत करना है।
नशे और मोबाइल की लत के दुष्परिणाम
छात्रों को नशे के दुष्परिणाम और अत्यधिक मोबाइल उपयोग से होने वाले मानसिक और सामाजिक नुकसान के बारे में भी बताया गया।
पुलिस ने कहा कि युवा पीढ़ी को अपने लक्ष्य और करियर पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, न कि मोबाइल या नशे की लत में उलझना चाहिए।
कार्यक्रम में प्रमुख अतिथियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) उमाकांत चौधरी, उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) निलिन सिंह, इंदौर इंटरनेशनल कॉलेज के ग्रुप डायरेक्टर डॉ. पुनीत द्विवेदी, डीन अनुराधा मैडम, नेहा मैडम, और प्रिंसिपल पुनीत जी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं कॉलेज स्टाफ मौजूद रहे।
इसके अलावा, थाना गौतमपुरा, मानपुर, लिंबोदी, हातोद, देपालपुर, और लक्ष्मीपुरा क्षेत्रों की पुलिस टीमों ने भी अपने-अपने इलाकों के स्कूलों में “मुस्कान अभियान” के अंतर्गत छात्रों को जागरूक किया।
