भोपाल CMHO की चेतावनी: प्लास्टिक डिस्पोजल में गर्म चाय और पेय पदार्थ से बढ़ रहा कैंसर का खतरा, आमजन से की सावधानी बरतने की अपील
भोपाल, 3 नवंबर 2025 — राजधानी भोपाल से एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य चेतावनी सामने आई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) भोपाल ने एक प्रेस नोट जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि प्लास्टिक डिस्पोजल कप या ग्लास में गर्म चाय, कॉफी या अन्य पेय पदार्थ का सेवन मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे पदार्थों का लगातार उपयोग कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।
वैज्ञानिक कारण: क्यों खतरनाक है प्लास्टिक डिस्पोजल में गर्म पेय
CMHO कार्यालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, जब प्लास्टिक या थर्मोकोल डिस्पोजल कप में गर्म पेय डाला जाता है, तो उसमें मौजूद रासायनिक तत्व (जैसे बिसफेनॉल, माइक्रोप्लास्टिक, और स्टायरिन) निकलकर पेय पदार्थ में घुल जाते हैं। ये रसायन शरीर में जाकर धीरे-धीरे टॉक्सिन (विषैले पदार्थ) के रूप में जमा होते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह आदत हार्मोनल असंतुलन, लिवर-किडनी को नुकसान, पाचन तंत्र की गड़बड़ी और दीर्घकाल में कैंसर जैसी बीमारियों का कारण बन सकती है।
CMHO की अपील: स्वास्थ्य के लिए जिम्मेदारी दिखाएं
CMHO भोपाल ने प्रेस नोट में कहा —
“जनसामान्य से अपील है कि वे प्लास्टिक या थर्मोकोल के कपों में गर्म चाय-कॉफी या अन्य पेय का सेवन न करें। यह न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करता है।”
उन्होंने होटल, चाय-ठेलों और रेस्टोरेंट संचालकों से भी अनुरोध किया कि वे ग्राहकों को कागज या मिट्टी (कुल्हड़) के कप में पेय पदार्थ परोसें। साथ ही स्थानीय निकायों को भी निर्देशित किया गया है कि वे जागरूकता अभियान चलाएं और प्लास्टिक डिस्पोजल के उपयोग पर नियंत्रण सुनिश्चित करें।
स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई और दिशा-निर्देश
स्वास्थ्य विभाग ने जिला प्रशासन और नगर निगम के सहयोग से जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई है। स्कूल-कॉलेजों, कार्यालयों और बाजार क्षेत्रों में पोस्टर, होर्डिंग और सोशल मीडिया के माध्यम से संदेश प्रसारित किए जाएंगे कि “प्लास्टिक डिस्पोजल में गर्म पेय = कैंसर का खतरा।”
साथ ही, मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टरों को भी कहा गया है कि वे जनजागरूकता व्याख्यान के माध्यम से आम नागरिकों को वैज्ञानिक तथ्यों से अवगत कराएं।
पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी हानिकारक
CMHO ने बताया कि प्लास्टिक डिस्पोजल का उपयोग केवल स्वास्थ्य के लिए ही नहीं बल्कि पर्यावरण प्रदूषण का भी बड़ा कारण है। प्लास्टिक का कचरा मिट्टी में वर्षों तक नहीं गलता और भूमिगत जल एवं पर्यावरण को दूषित करता है। इसलिए, उन्होंने इसे “दोगुना खतरा — स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए” बताया।
बेहतर विकल्प: अपनाएं सुरक्षित और पर्यावरण-हितैषी उपाय
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कुल्हड़ या मिट्टी के बर्तनों का उपयोग करें
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स्टील या ग्लास कप में पेय लें
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गर्म पेय पदार्थों के लिए थर्मल सेफ कप का प्रयोग करें
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प्लास्टिक और थर्मोकोल डिस्पोजल को “ना” कहें
