श्री महावीर जी रेलवे स्टेशन पर भगवान महावीर की प्रतिमा विराजमान — अमृत भारत स्टेशन स्कीम के अंतर्गत जैन समाज का गौरवपूर्ण क्षण
इंदौर / महावीर जी (राजस्थान):
भारत सरकार और रेल मंत्रालय की अमृत भारत स्टेशन स्कीम के तहत देशभर में रेलवे स्टेशनों को आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। इसी योजना के अंतर्गत श्री महावीर जी रेलवे स्टेशन पर भगवान महावीर स्वामी की भव्य ब्रॉन्ज मेटल प्रतिमा को स्थापित किया गया है। यह ऐतिहासिक क्षण न केवल रेलवे के सौंदर्यीकरण से जुड़ा है, बल्कि जैन समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को भी नई ऊँचाइयाँ प्रदान करता है।
भगवान महावीर की प्रतिमा की विशेषताएँ
रेलवे स्टेशन प्रांगण में बन रहे गोल सर्कल के मध्य बंसी पहाड़पुर के गुलाबी पत्थरों से एक कलात्मक छतरी का निर्माण किया गया है। इसी छतरी के भीतर कमलासन पर विराजमान भगवान महावीर स्वामी की साढ़े तीन फीट ऊँची प्रतिमा को ससम्मान स्थापित किया गया।
यह प्रतिमा ब्रॉन्ज मेटल से निर्मित है और इसे जयपुर के प्रसिद्ध शिल्पकार संतोष शर्मा ने तैयार किया है। वास्तुकार राजकुमार कोठारी के मार्गदर्शन में बनी यह प्रतिमा अपनी आकर्षक मुद्रा और सूक्ष्म कलात्मकता के कारण अत्यंत मनोहारी दिखाई देती है।
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि इस पुनीत अवसर पर जैन समाज के अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी के संयुक्त सचिव पी.के. जैन, प्रसिद्ध वास्तुकार राजकुमार कोठारी, रॉबिन काला, रेलवे इंजीनियर अनिल कुमार जैन, दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन के राष्ट्रीय सचिव नरेंद्र नृपत्या, विमल जैन गोधा, सुमेर जैन सोनी, सुभाष सोगानी, राजेश गंगवाल, प्रबंधक विकास पाटनी, नेमजी पाटनी, जनसंपर्क अधिकारी एवं जैन विद्वान पंडित मुकेश शास्त्री सहित बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बालक उपस्थित थे।
आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज का आशीर्वाद
इस संपूर्ण कार्य में श्रवण संस्कृति के महामहिम आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज का विशेष आशीर्वाद प्राप्त हुआ।
राजेश जैन दद्दू ने बताया कि भगवान महावीर की प्रतिमा स्थापना के विषय में आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज से चर्चा हुई थी। उन्होंने इस पवित्र कार्य हेतु विशेष सुझाव दिए और प्रतिमा की नींव में रखने के लिए एक प्रशस्ति (ताम्र पत्र) तैयार कर भेंट की।
यह प्रशस्ति न केवल आचार्य श्री के आशीर्वाद का प्रतीक है, बल्कि इस प्रतिमा की आध्यात्मिक महत्ता और ऐतिहासिक विरासत को भी सशक्त करती है।
ताम्र पत्र प्रशस्ति का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
यह प्रशस्ति भगवान महावीर स्वामी की प्रतिमा के निर्माण के उद्देश्य, प्रेरणा और आचार्य श्री के उपदेशों को दर्शाती है।
इसमें अहिंसा, संयम और सत्य के मूल सिद्धांतों को समाज के कल्याण हेतु अपनाने का संदेश दिया गया है।
निर्माण के दौरान इस ताम्र पत्र प्रशस्ति को नींव में स्थापित किया गया, जिससे यह स्थल सदैव आचार्य श्री के पवित्र आशीर्वाद से आलोकित रहेगा।
यह कदम जैन संस्कृति में आध्यात्मिक ऊर्जा और श्रद्धा की निरंतरता का प्रतीक माना जा रहा है।
अमृत भारत स्टेशन स्कीम के अंतर्गत विकास कार्य
भारत सरकार द्वारा आरंभ की गई अमृत भारत स्टेशन स्कीम के तहत श्री महावीर जी रेलवे स्टेशन को यात्रियों के लिए आधुनिक और सुविधाजनक स्वरूप में परिवर्तित किया जा रहा है।
इस योजना के तहत कई यात्री सुविधा केंद्रों का निर्माण हो रहा है, जिनमें शामिल हैं:
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पूर्णत: वातानुकूलित आधुनिक वेटिंग हॉल
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कोच गाइडेंस सिस्टम और डिजिटल अनाउंसमेंट व्यवस्था
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आरामदायक सीटिंग अरेंजमेंट और पर्याप्त पेयजल सुविधा
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स्वच्छ शुलभ शौचालय और महिला वेटिंग एरिया
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स्टेशन भवन का विस्तार और सौंदर्यीकरण कार्य
इन सभी विकास कार्यों का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और धार्मिक माहौल प्रदान करना है, जिससे यह स्टेशन धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन सके।
जैन समाज के वरिष्ठ जनों की सहभागिता और शुभकामनाएँ
इस धार्मिक कार्य में इंदौर दिगंबर जैन समाज के वरिष्ठ समाजसेवियों और संगठनों का भी उल्लेखनीय योगदान रहा।
डॉ. जैनेन्द्र जैन, महावीर ट्रस्ट के अध्यक्ष अमित कासलीवाल, फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोहर झांझरी, हंसमुख गांधी, टी.के. वेद, मयंक जैन, श्रीमती पुष्पा कासलीवाल, रेखा जैन, श्रीमती मुक्ता जैन सहित अनेक गणमान्य लोगों ने तीर्थ कमेटी को हार्दिक बधाई दी और इस पुनीत कार्य को जैन समाज के गौरव का प्रतीक बताया।
समाज और संस्कृति के लिए प्रेरणा
भगवान महावीर स्वामी की यह प्रतिमा न केवल एक धार्मिक प्रतीक है, बल्कि यह समाज में अहिंसा, करुणा, और सत्य के सिद्धांतों को पुनर्जीवित करने का संदेश देती है।
श्री महावीर जी रेलवे स्टेशन अब यात्रियों के लिए केवल एक ट्रांजिट पॉइंट नहीं रहेगा, बल्कि यह एक आध्यात्मिक प्रेरणा स्थल के रूप में भी जाना जाएगा।
इस स्थापना से भारत की संस्कृति, कला और धर्म की एकता का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत हुआ है।
निष्कर्ष
श्री महावीर जी रेलवे स्टेशन पर भगवान महावीर स्वामी की प्रतिमा स्थापना न केवल जैन धर्म की आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह भारत सरकार की अमृत भारत स्टेशन स्कीम के तहत संस्कृति और विकास के संगम का भी उदाहरण है।
आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के आशीर्वाद, समाजसेवियों के सहयोग और शिल्पकारों की निष्ठा से यह कार्य पूर्ण हुआ।
यह स्थल अब श्रद्धा, आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक विरासत का केंद्र बनकर आने वाली पीढ़ियों को भगवान महावीर के संदेश — “अहिंसा परम धर्म” — की प्रेरणा देता रहेगा।


