मध्यप्रदेश में तकनीकी क्रांति की तैयारी: सरकार बनाएगी 3 अत्याधुनिक एआई सिटी, 2047 तक आत्मनिर्भर और सशक्त प्रदेश का लक्ष्य
भोपाल | मध्यप्रदेश स्थापना दिवस 2025:
मध्यप्रदेश ने अपने 70वें स्थापना दिवस पर एक नया इतिहास रच दिया है। राजधानी भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित राज्य स्तरीय भव्य समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “अभ्युदय मध्यप्रदेश” कार्यक्रम के तहत मध्यप्रदेश@2047 विजन डॉक्यूमेंट जारी किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रदेश को डिजिटल, औद्योगिक और तकनीकी विकास की दिशा में कई नई सौगातें मिलीं — जिनमें सबसे बड़ी घोषणा रही, तीन अत्याधुनिक एआई सिटी (AI City) की स्थापना।
मध्यप्रदेश@2047 विजन डॉक्यूमेंट: भविष्य की दिशा तय करने वाला रोडमैप
सीएम मोहन यादव ने कहा कि “मध्यप्रदेश@2047 विजन डॉक्यूमेंट” केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि “नए, सशक्त और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश” के निर्माण की आधारशिला है। इस डॉक्यूमेंट को राज्य के हर जिले, पंचायत और नागरिक की भागीदारी से तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य है कि वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को भारत के सबसे समृद्ध, तकनीकी रूप से उन्नत और सांस्कृतिक रूप से सशक्त राज्यों में शामिल किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा —
“हमारा लक्ष्य है कि मध्यप्रदेश शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन और उद्योग जैसे हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाए। यह डॉक्यूमेंट केवल विकास नहीं, बल्कि जनभागीदारी और विश्वास की गाथा है।”
एआई सिटी: मध्यप्रदेश में तकनीकी क्रांति का नया अध्याय
समारोह के दौरान मुख्य सचिव अनुराग जैन ने घोषणा की कि राज्य में जल्द ही 3 एआई आधारित स्मार्ट सिटी (Artificial Intelligence Smart City) विकसित की जाएंगी।
ये सिटी उद्योग, टेक्नोलॉजी, शिक्षा और सर्विस सेक्टर का अनोखा संगम होंगी।
राज्य सरकार का उद्देश्य है कि एआई सिटी के माध्यम से रोजगार, स्टार्टअप और इनोवेशन को नई दिशा दी जाए।
मुख्य सचिव ने बताया —
“ये एआई सिटी ऐसी होंगी जो डेटा एनालिटिक्स, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और डिजिटल प्रशासन के मॉडल केंद्र बनेंगी। यह मध्यप्रदेश को भारत की टेक्नोलॉजी कैपिटल के रूप में पहचान दिलाएंगी।”
डिजिटल मध्यप्रदेश की ओर: ई-सेवा और इन्वेस्ट एमपी 3.0 पोर्टल लॉन्च
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस अवसर पर कई डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किए —
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एमपी ई-सेवा पोर्टल (MP e-Seva Portal) – राज्य की सभी ऑनलाइन सरकारी सेवाओं को एकीकृत करने के लिए।
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इन्वेस्ट एमपी 3.0 पोर्टल (Invest MP 3.0) – निवेशकों और उद्योगपतियों के लिए एक सिंगल-विंडो सुविधा।
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वॉश ऑन व्हील्स (Wash on Wheels) – ग्रामीण स्वच्छता और जल संरक्षण के लिए मोबाइल ऐप।
इन पोर्टलों के माध्यम से डिजिटल प्रशासन को सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में राज्य ने बड़ा कदम उठाया है।
ओंकारेश्वर अभयारण्य: धार्मिक धरोहर और पर्यावरणीय संतुलन का संगम
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान एक और बड़ी घोषणा की —
खंडवा और देवास जिलों के कुछ हिस्सों को मिलाकर “ओंकारेश्वर अभयारण्य” विकसित किया जाएगा।
यह अभयारण्य धार्मिक पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और इको-टूरिज्म के लिए राज्य का नया पहचान बिंदु बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा —
“नर्मदा किनारे हरित पट्टी विकसित की जाएगी। यह न केवल धार्मिक महत्व बढ़ाएगा बल्कि पारिस्थितिक संतुलन भी सुनिश्चित करेगा।”
इस परियोजना से न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि हजारों लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
कृषि में डिजिटल बदलाव: 97% किसानों की रजिस्ट्री पूर्ण
राज्य में 97 प्रतिशत किसानों की डिजिटल रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है। इससे कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता, तकनीकी सुधार और डेटा-आधारित योजनाओं को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बताया कि नेक्स्ट जेनरेशन एग्रीकल्चर (Next Generation Agriculture) की दिशा में मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स के माध्यम से खेती को मौसम, मिट्टी और बाजार की जरूरतों से जोड़ा जाएगा, ताकि किसान अधिक उत्पादन और लाभ प्राप्त कर सकें।
उद्योग और निवेश: मेक इन मध्यप्रदेश को नई गति
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार “मेक इन मध्यप्रदेश” को नई नीति के तहत प्रोत्साहित करेगी।
राज्य के औद्योगिक विकास में AI City, Invest MP 3.0, और Ease of Doing Business नीतियां बड़ी भूमिका निभाएंगी।
नए औद्योगिक क्षेत्रों में आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, ई-मोबिलिटी और हेल्थ टेक जैसे सेक्टरों को प्राथमिकता दी जाएगी।
समारोह में अडानी ग्रुप के प्रबंध निदेशक प्रणव अडानी, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन विपिन कुमार, और एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप जैसे उद्योग जगत के दिग्गज भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का माहौल उत्साह और उम्मीदों से भरा रहा।
उज्जैन हवाई अड्डे का विस्तार और नई फ्लाइट सेवाएँ
मध्यप्रदेश के विकास का अगला अध्याय एविएशन सेक्टर में लिखा जा रहा है।
इस समारोह में उज्जैन हवाई अड्डे के विस्तार से संबंधित अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए।
साथ ही रीवा–नई दिल्ली और रीवा–इंदौर फ्लाइट सेवाओं के लिए भी समझौते किए गए।
इन नई हवाई सेवाओं से प्रदेश के पर्यटन, व्यापार और निवेश को नई ऊँचाई मिलेगी।
नीति आयोग और जनभागीदारी से तैयार हुआ विजन डॉक्यूमेंट
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बताया कि विजन डॉक्यूमेंट को तैयार करने में नीति आयोग का विशेष सहयोग मिला है।
यह दस्तावेज़ जनभागीदारी के सिद्धांत पर आधारित है —
हर जिले, पंचायत और नागरिक से राय लेकर इसे अंतिम रूप दिया गया।
इस डॉक्यूमेंट के तीन मुख्य स्तंभ हैं:
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सुख (Well-being)
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समृद्धि (Prosperity)
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सुसंस्कृति (Cultural Integrity)
ये तीनों मिलकर मध्यप्रदेश की सामाजिक और आर्थिक उन्नति की नींव रखेंगे।
मध्यप्रदेश का लक्ष्य: संस्कृति, नवाचार और विकास का त्रिवेणी संगम
मध्यप्रदेश सरकार का उद्देश्य केवल विकास नहीं, बल्कि संस्कृति और नवाचार के संतुलन को बनाए रखना है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा —
“हम एक ऐसा मध्यप्रदेश बनाना चाहते हैं जो विज्ञान और संस्कृति दोनों में अग्रणी हो, जहाँ तकनीक मानवीय मूल्यों की पूरक बने।”
उन्होंने आगे कहा कि आने वाले दो दशकों में मध्यप्रदेश “टेक्नोलॉजी, ट्रांसफॉर्मेशन और ट्रेडिशन” — तीनों का संगम बनेगा।
निष्कर्ष: अभ्युदय मध्यप्रदेश का नया युग प्रारंभ
मध्यप्रदेश का 70वां स्थापना दिवस इस बात का प्रतीक है कि राज्य अब तकनीकी आत्मनिर्भरता, डिजिटल गवर्नेंस और स्मार्ट सिटी इनोवेशन की राह पर अग्रसर है।
तीन नई एआई सिटी, ओंकारेश्वर अभयारण्य, और 2047 विजन डॉक्यूमेंट जैसे कदम आने वाले समय में मध्यप्रदेश को न केवल भारत, बल्कि विश्व पटल पर नई पहचान दिलाएंगे।

