महिला परिषद की संयम वन्दन यात्रा: नागदा में “सूत्र ज्ञान अभिवृद्धि योजना” का सफल आगमन
नागदा (ब्रजेश बोहरा) – राष्ट्रसंत श्रीमद् विजय जयंतसेन सूरीश्वरजी महाराज की प्रेरणा से संचालित महिला परिषद द्वारा चलाई जा रही “सूत्र ज्ञान अभिवृद्धि योजना” के तहत आयोजित संयम वन्दन यात्रा का मध्यप्रदेश प्रवास मंगलवार को नागदा पहुँचकर अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर गया। यह यात्रा राष्ट्रीय महिला परिषद् पदाधिकारियों द्वारा धार्मिक और सामाजिक चेतना के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।
यात्रा के चौथे दिन, 31 अक्टूबर को महिला परिषद के प्रतिनिधि नागेश्वर तीर्थ से आलोट एवं महिदपुर मार्ग होते हुए नागदा पहुँचे। नगर में आयोजित परमरस चातुर्मास में विराजमान द्विशतावधानी मुनिराज श्री प्रत्यक्षरत्न विजयजी महाराज एवं मुनिराज श्री पवित्ररत्न विजयजी महाराज के दर्शन एवं वंदन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। यह अवसर नगरवासियों और श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत पावन और गौरवपूर्ण रहा।
राष्ट्रीय महिला परिषद् पदाधिकारी का स्वागत
नगर आगमन के दौरान महिला परिषद के राष्ट्रीय पदाधिकारी का नवकार बहु परिषद् द्वारा ससम्मान स्वागत किया गया। इस मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने धार्मिक पाठशाला की शिक्षिका श्रीमती कोमलबेन चौधरी को उनके उत्कृष्ट योगदान और समाज सेवा के लिए सम्मानित किया। यह सम्मान महिलाओं को शिक्षा और धर्म प्रचार में सक्रिय रूप से योगदान देने के लिए प्रेरित करता है।
प्रवचन के दौरान महिला परिषद के प्रतिनिधि मंडल ने स्थानीय श्रद्धालुओं और चातुर्मास समिति से गहन संवाद किया। चातुर्मास समिति अध्यक्ष मनोज वागरेचा ने महिला परिषद के समस्त पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया और उनकी योगदानशील भूमिका की सराहना की।
धर्म चर्चा और मुनिराजों से मार्गदर्शन
संयम वन्दन यात्रा के प्रमुख उद्देश्यों में से एक थी धार्मिक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रसार। इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए महिला परिषद के प्रतिनिधि मंडल ने द्वय मुनि भगवंतों से विस्तृत धर्म चर्चा की। इस दौरान मुनिराजों ने धार्मिक अनुशासन, संयम और समाज में महिला नेतृत्व की भूमिका पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया।
धर्म चर्चा के पश्चात प्रतिनिधि मंडल ने अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी ब्रजेश बोहरा के निवास का दौरा किया। यहाँ महिला परिषद अध्यक्षा गांधीमुथा के राजेन्द्र सूरी तप की तपस्या अनुमोदनार्थ, मीडिया प्रभारी श्रीमती सीमा ब्रजेश बोहरा द्वारा सभी राष्ट्रीय पदाधिकारियों का हार्दिक स्वागत किया गया। परिषद के राष्ट्रीय एवं प्रांतीय मीडिया प्रभारी ने भी इस अवसर पर तपस्या के महत्व और महिला परिषद की उपलब्धियों को उजागर किया।
नागदा से खाचरौद तक यात्रा
महिला परिषद का प्रतिनिधि मंडल नागदा से प्रस्थान कर खाचरौद पहुँचा, जहाँ महिला परिषद शपथ ग्रहण समारोह में विशेष रूप से भाग लिया जाएगा। इस समारोह में नई कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण के माध्यम से संगठन की गतिविधियों और योजनाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।
संयम वन्दन यात्रा और सूत्र ज्ञान अभिवृद्धि योजना का महत्व
महिला परिषद द्वारा संचालित संयम वन्दन यात्रा और सूत्र ज्ञान अभिवृद्धि योजना का उद्देश्य समाज में धार्मिक चेतना और नैतिक मूल्यों का संवर्धन करना है। यात्रा के दौरान पदाधिकारी महिलाओं को प्रेरित करते हैं कि वे अपने परिवार और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाएँ और शिक्षा, संयम तथा धार्मिक अनुशासन के माध्यम से समाज में सशक्त योगदान दें।
राष्ट्रीय स्तर पर महिला परिषद की भूमिका
राष्ट्रीय महिला परिषद न केवल धार्मिक और सामाजिक जागरूकता फैलाने में सक्रिय है, बल्कि महिलाओं के नेतृत्व और सशक्तिकरण की दिशा में भी निरंतर प्रयासरत है। नागदा दौरे के दौरान आयोजित संयम वन्दन यात्रा, धर्म चर्चा और सम्मान समारोह इस दिशा में परिषद की प्रतिबद्धता को उजागर करते हैं।
नागदा में स्थानीय सहभागिता
नागदा में आयोजित इस यात्रा में स्थानीय समुदाय और श्रद्धालुओं की व्यापक सहभागिता रही। नगरवासियों ने महिला परिषद पदाधिकारियों का गर्मजोशी से स्वागत किया और कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग प्रदान किया। इस प्रकार, यात्रा ने धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से नगरवासियों को जोड़ने का काम किया।
भविष्य की योजनाएं
महिला परिषद की आगामी योजनाओं में अधिक धार्मिक प्रवचन, संयम प्रशिक्षण कार्यशालाएं और समाज सेवा परियोजनाएं शामिल हैं। राष्ट्रीय पदाधिकारी इन पहलों के माध्यम से महिलाओं को शिक्षा, नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति सजग करने का प्रयास कर रहे हैं।
इस प्रकार, नागदा में महिला परिषद की संयम वन्दन यात्रा ने धार्मिक अनुशासन, समाज सेवा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक नई मिसाल स्थापित की है। यात्रा ने न केवल स्थानीय समुदाय को जोड़ने का काम किया, बल्कि समाज में नैतिक मूल्यों और धर्म-परंपराओं के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया।


