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“Transport Corporation of India (TCI) Q2 FY26 Results: लॉजिस्टिक्स, मल्टीमॉडल सप्लाई चेन और ग्रीन ट्रांसपोर्ट सॉल्यूशन्स से राजस्व में 8% वृद्धि”

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Published On: 30 October 2025
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भारत की एकीकृत मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई-चेन सॉल्यूशन्स प्रदाता कंपनी, टीसीआई (Transport Corporation of India Limited), ने 30 सितंबर 2025 को समाप्त हुई वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही (Q2 FY26) में स्थिर व स्वस्थ वित्तीय प्रदर्शन की घोषणा की है। कंपनी ने पिछली वर्ष की समान अवधि की तुलना में राजस्व, एबिट्डा तथा करोत्तर लाभ (PAT) में वृद्धि दर्ज की है, जो देश के लॉजिस्टिक्स और सप्लाई-चेन क्षेत्र में मांग व अवसर की सकारात्मक दिशा को दर्शाता है।


प्रदर्शन सारांश

  • दूसरी तिमाही (30 सितंबर 2025 बनाम 30 सितंबर 2024) समेकित आधार पर:

    • राजस्व: ₹ 12,174 मिलियन (पिछले वर्ष: ₹ 11,314 मिलियन) → वृद्धि लगभग 8%

    • एबिट्डा: ₹ 1,624 मिलियन (पिछले वर्ष: ₹ 1,519 मिलियन) → वृद्धि ~ 7%

    • PAT: ₹ 1,135 मिलियन (पिछले वर्ष: ₹ 1,073 मिलियन) → वृद्धि ~ 6%

  • छमाही (H1) प्रदर्शन समेकित रूप से (30 सितंबर 2025 vs 30 सितंबर 2024):

    • राजस्व: ₹ 23,680 मिलियन (पिछले वर्ष: ₹ 21,874 मिलियन) → वृद्धि ~ 8.3%

    • एबिट्डा: ₹ 3,144 मिलियन (पिछले वर्ष: ₹ 2,877 मिलियन) → वृद्धि ~ 9.3%

    • PAT: ₹ 2,207 मिलियन (पिछले वर्ष: ₹ 1,989 मिलियन) → वृद्धि ~ 11%

    • स्टैंडअलोन आधार पर दूसरी तिमाही:

  • राजस्व: ₹ 10,652 मिलियन (पिछले वर्ष: ₹ 10,120 मिलियन) → वृद्धि ~ 5.3%
  • एबिट्डा: ₹ 1,303 मिलियन (पिछले वर्ष: ₹ 1,228 मिलियन) → वृद्धि ~ 6.1%
  • PAT: ₹ 878 मिलियन (पिछले वर्ष: ₹ 825 मिलियन) → वृद्धि ~ 6.4%

 

स्टैंडअलोन छमाही (H1) प्रदर्शन:

  • राजस्व: ₹ 20,990 मिलियन (पिछले वर्ष: ₹ 19,959 मिलियन) → वृद्धि ~ 5.2%
  • एबिट्डा: ₹ 2,932 मिलियन (पिछले वर्ष: ₹ 2,675 मिलियन) → वृद्धि ~ 9.6%
  • PAT: ₹ 2,120 मिलियन (पिछले वर्ष: ₹ 1,872 मिलियन) → वृद्धि ~ 13.2%

प्रमुख चालक एवं रणनीतिक पहल

प्रबंध निदेशक श्री Vineet Agarwal ने कहा है कि Q2 में दर्ज यह स्थिर परिणाम इस बात का संकेत है कि कंपनी की रणनीति, परिचालन दक्षता और प्रभावी कार्यान्वयन सफल रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से निम्न-बिंदुओं पर प्रकाश डाला है:

  1. मजबूत मांग
    ऑटोमोबाइल, एफएमसीजी और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं (consumer durables) में मजबूत माँग ने कंपनी के लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई-चेन व्यवसाय को गति दी। यह मांग त्योहारी सीजन और उपभोक्ता खर्च में वृद्धि से प्रेरित रही है।

  2. जीएसटी 2.0 का लाभ
    जीएसटी 2.0 के लागू होने से अनुपालन प्रक्रिया सरल हुई है तथा कराधान में स्पष्टता आई है — जिसके परिणामस्वरूप लॉजिस्टिक्स संचालन अधिक सुचारू हुए हैं। इससे माल-ढुलाई व ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क में गति व विश्वसनीयता आई है।

  3. मल्टीमॉडल एवं ऑटोमेशन निवेश
    टीसीआई ने अपने वेयरहाउसिंग नेटवर्क का विस्तार किया है तथा ऑटोमेशन और स्मार्ट मल्टीमॉडल संपत्तियों (रेल + तटीय + रोड) में निवेश जारी रखा है। यह कंपनी को बड़े व जटिल लॉजिस्टिक्स समाधान देने में सक्षम बनाता है।
    उदाहरण के लिए, रेल एवं तटीय लॉजिस्टिक्स सेवाएँ उच्च क्षमता वाले, पर्यावरण-अनुकूल एवं कुशल परिवहन समाधान प्रदान कर रही हैं।

  4. स्थिरता एवं ग्रीन लॉजिस्टिक्स
    कंपनी ने वैकल्पिक ईंधन तकनीकों (CNG, LNG, EV ट्रक्स) के परीक्षण सहित ग्रीन फ्लीट में निवेश शुरू कर दिया है। साथ ही स्वच्छ ऊर्जा, कचरा प्रबंधन व मोडल शिफ्ट (road → rail/coastal) जैसी पहलों पर काम जारी है।
    इसके अतिरिक्त, Indian Institute of Management Bangalore (IIM-B) के साथ विकसित किए गए “ट्रांसपोर्ट उत्सर्जन माप उपकरण (TEMT)” को अब उद्योग एवं Department for Promotion of Industry and Internal Trade (DPIIT) द्वारा औपचारिक रूप से अपनाया गया है। यह लॉजिस्टिक्स कंपनियों को उत्सर्जन माप एवं रिपोर्टिंग में सशक्त बनाता है।

  5. भविष्य दृष्टि
    भारत के लॉजिस्टिक्स परिदृश्य में तेजी से हो रहे परिवर्तनों के बीच, कंपनी ने एकीकृत-प्रौद्योगिकी-सक्षम व पर्यावरण-संबंधी टिकाऊ सप्लाई-चेन समाधान प्रदान करने की प्रतिबद्धता जताई है। ऐसे में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स, स्मार्ट वेयरहाउसिंग, डिजिटल ट्रैकिंग व ग्रीन ट्रांसपोर्ट जैसे विषय आगे की वृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


विश्लेषण व भविष्य का परिदृश्य

  • इस दूसरे तिमाही में 6-8 % के बीच राजस्व व एबिट्डा वृद्धि दिखना संकेत है कि कंपनी ने मांग व परिचालन दोनों मोर्चों पर सक्षम प्रतिक्रिया दी है।
  • स्टैंडअलोन व समेकित दोनों बेसिस पर विकास होना सकारात्मक है, हालांकि स्टैंडअलोन राजस्व वृद्धि थोड़ी धीमी (~5 %) रही है — यह संकेत सकता है कि समूह स्रोतों से सम्बंधित सहायक सेवाओं या अंतरराष्ट्रीय/मल्टीमॉडल हिस्सों में योगदान बेहतर रहा।
  • छमाही के लिए ~11 % PAT वृद्धि समेकित आधार पर, यह बताता है कि परिचालन लाभप्रदता में सुधार हुआ है और लागत नियंत्रण भी प्रभावी रहा।
  • कंपनी की रणनीति — जैसे स्मार्ट मल्टीमॉडल नेटवर्क, ग्रीन लॉजिस्टिक्स, ऑटोमेशन — लॉजिस्टिक्स उद्योग में तेज बदलाव के मद्देनजर समयोचित दिखती है। भारत में “मोडल शिफ्ट” (सड़क से रेल तथा तटीय पथ) तथा ‘हरित लॉजिस्टिक्स’ के ट्रेंड में टीसीआई अग्रणी बन सकती है।
  • साथ ही, त्योहारी सीजन व उपभोक्ता मांग में वृद्धि को देखते हुए आने वाले तिमाहियों में मांग और ट्रैफिक में वृद्धि की संभावना है, जिसे कंपनी ने अपने बयान में स्वीकार किया है।

निष्कर्ष

टीसीआई ने Q2 FY26 में अपने लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई-चेन व्यवसाय में मजबूत व संतोषजनक वृद्धि दर्ज की है, जो कि बेहतर मांग, परिचालन क्षमता, मल्टीमॉडल नेटवर्क व स्थिरता-उन्मुख पहल का मिश्रण है। कंपनी का दृष्टिकोण यह है कि आने वाले समय में भारत की लॉजिस्टिक्स आवश्यकताओं के परिदृश्य में उभरते अवसरों का लाभ उठाते हुए एकीकृत, तकनीक-सक्षम व पर्यावरण-संबंधी समाधान पेश करना है।
यदि यह माहौल बना रहता है, तो टीसीआई आगे आने वाले तिमाहियों में और बेहतर परिणाम दिखा सकती है।

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