प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गुजरात दौरा: हरित मोबिलिटी और राष्ट्रीय एकता का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 और 31 अक्टूबर 2025 को गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर हैं। यह दौरा विकास, हरित परिवहन, पर्यटन और राष्ट्रीय एकता का समन्वय प्रस्तुत करता है। इस यात्रा में प्रधानमंत्री ने न केवल नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया, बल्कि देश को स्वच्छ ऊर्जा और एकता के नए संदेश से भी प्रेरित किया।
एकता नगर केवड़िया ई-बस फ्लैग ऑफ
30 अक्टूबर की शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के केवड़िया पहुंचे, जहाँ उन्होंने एकता नगर में ई-बसों को हरी झंडी दिखाकर “हरित मोबिलिटी” का शुभारंभ किया। लगभग 5:15 बजे हुए इस फ्लैग-ऑफ समारोह ने यह स्पष्ट किया कि सरकार अब परिवहन क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा आधारित समाधानों को प्राथमिकता दे रही है।
ई-बसों की शुरुआत से केवड़िया क्षेत्र में पर्यटन और स्थानीय परिवहन को पर्यावरण-सुरक्षित दिशा मिलेगी। ये इलेक्ट्रिक बसें स्थानीय निवासियों, पर्यटकों और पर्यावरण सभी के लिए लाभकारी साबित होंगी। साथ ही, ई-बस चार्जिंग डिपो का निर्माण भी इस पहल का अहम हिस्सा है, जिससे इस क्षेत्र को “स्मार्ट और सस्टेनेबल ट्रैवल ज़ोन” के रूप में विकसित किया जा सकेगा।
₹1,140 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन
शाम करीब 6:30 बजे प्रधानमंत्री ने एकता नगर में ₹1,140 करोड़ से अधिक लागत वाली विभिन्न विकास और अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। ये सभी परियोजनाएँ केवड़िया और उसके आसपास के क्षेत्रों को आधुनिक सुविधाओं और पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम हैं।
प्रमुख परियोजनाओं में शामिल हैं — बिरसा मुंडा ट्राइबल यूनिवर्सिटी (राजपीपला), गरुडेश्वर में होटल-हॉस्पिटैलिटी डिस्ट्रिक्ट (फेज-1), ई-बस चार्जिंग डिपो और 25 इलेक्ट्रिक बसें, एकता द्वार से श्रेष्ठ भारत भवन तक वॉकवे, स्मार्ट बस स्टॉप्स (फेज-2), नर्मदा घाट विस्तार, तथा डैम रिप्लिका फाउंटेन।
इसके अलावा, नए प्रोजेक्ट्स जैसे म्यूजियम ऑफ रॉयल किंगडम्स ऑफ इंडिया, वीर बालक उद्यान, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, और जेट्टी डेवलपमेंट का भी शिलान्यास किया गया। इन सभी योजनाओं का लक्ष्य पर्यटन विकास, स्थानीय रोजगार सृजन और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है।
स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और हरित मोबिलिटी गुजरात का नया चेहरा
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा गुजरात में “स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और हरित मोबिलिटी” की दिशा में एक मजबूत पहल है। इलेक्ट्रिक बसों, स्मार्ट बस स्टॉप्स, और वॉकवे जैसी परियोजनाएँ यह दर्शाती हैं कि सरकार अब पर्यटन और परिवहन को एकीकृत रूप से विकसित कर रही है।
केवड़िया जैसे स्थान, जहाँ स्टैचू ऑफ यूनिटी स्थित है, अब भारत की नई विकास-गाथा का केंद्र बन चुके हैं। इस क्षेत्र को पर्यावरण-संवेदनशील तरीके से आधुनिक बनाया जा रहा है ताकि पर्यटक अनुभव को बेहतर बनाते हुए स्थानीय समुदायों को भी सीधा लाभ मिले।
स्टैचू ऑफ यूनिटी पर्यटन विकास का विस्तार
स्टैचू ऑफ यूनिटी अब केवल भारत की एकता का प्रतीक नहीं, बल्कि पर्यटन विकास का केंद्र बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस दौरे के साथ, केवड़िया और नर्मदा क्षेत्र में नए होटल, सड़कें, और सुविधाएँ विकसित की जा रही हैं, जिससे यह क्षेत्र विश्व स्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में उभरेगा।
स्थानीय जनजातीय समुदायों के लिए यह एक बड़ा अवसर है — शिक्षा, स्वरोजगार और आर्थिक उन्नति की दिशा में। बिरसा मुंडा ट्राइबल यूनिवर्सिटी जैसे प्रोजेक्ट न केवल शिक्षा को बढ़ावा देंगे, बल्कि आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को भी सम्मानपूर्वक प्रस्तुत करेंगे।
राष्ट्रीय एकता दिवस 2025 गुजरात: एकता में विविधता का उत्सव
प्रधानमंत्री मोदी 31 अक्टूबर की सुबह राष्ट्रीय एकता दिवस 2025 के अवसर पर स्टैचू ऑफ यूनिटी पहुंचे। सुबह लगभग 8:00 बजे उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की और “एकता दिवस” के अवसर पर देशवासियों को “एकता-संघोष” दिलवाया।
इसके बाद आयोजित हुई “राष्ट्रीय एकता दिवस परेड” में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, राज्यों की पुलिस बलों, ऊँट और कुत्तों के विशेष दलों, तथा विभिन्न राज्यों के टेबलो (tableaux) ने हिस्सा लिया। इस वर्ष परेड की थीम थी — “एकता में विविधता”, जो भारत की सांस्कृतिक, भाषाई और भौगोलिक विविधता में छिपी एकता को दर्शाती है।
यह आयोजन न केवल सरदार पटेल के योगदान को याद करने का अवसर था, बल्कि यह भी संदेश देता है कि भारत की वास्तविक शक्ति उसकी विविधता में ही निहित है।
“आरंभ 7.0” संवाद और भावी प्रशासकों से प्रेरक वार्ता
31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “आरंभ 7.0” कॉमन फाउंडेशन कोर्स के अंतर्गत 660 अधिकारी-प्रशिक्षुओं से संवाद किया। इस संवाद का विषय था “Reimagining Governance”, अर्थात शासन-व्यवस्था को नए दृष्टिकोण से देखने की आवश्यकता। प्रधानमंत्री ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रशासन में नवाचार, जन-संपर्क और पारदर्शिता ही भविष्य की शासन-शक्ति हैं।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गुजरात दौरा केवल औपचारिक उद्घाटन या राजनीतिक यात्रा नहीं था — यह एक दूरदर्शी संदेश था। केवड़िया में ई-बस फ्लैग ऑफ से लेकर ₹1,140 करोड़ की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन तक, हर पहल सरकार की “हरित, आधुनिक और समावेशी भारत” की दृष्टि को दर्शाती है।
31 अक्टूबर के राष्ट्रीय एकता दिवस 2025 के कार्यक्रम ने यह साबित किया कि विकास केवल भौतिक संरचनाओं से नहीं, बल्कि सामाजिक एकजुटता और देशभक्ति की भावना से भी होता है।


