महिला परिषद राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती प्रेमाबेन के मध्य प्रदेश दौरे में “सूत्र ज्ञान अभिवृद्धि योजना” की समीक्षा
आज (२८-२९ अक्टूबर) को, अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन महिला परिषद द्वारा संचालित सूत्र ज्ञान अभिवृद्धि योजना के अंतर्गत विशेष आयोजन के तहत वरिष्ठ पदाधिकारी टीम मध्य प्रदेश में दौरे पर रही। इस अवसर पर महिला परिषद राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रेमाबेन गांधीमुथा, राष्ट्रीय महामंत्री संगीताजी पोरवाल तथा राष्ट्रीय एवं प्रांतीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
यह दौरा मुख्यतः इस योजना के क्रियान्वयन एवं प्रगति-अवलोकन हेतु था, जिसे गच्छाधिपति आचार्य भगवंत एवं साधु-साध्वियों की प्रेरणा से महिला परिषद द्वारा चलाया जा रहा है।
दौरे का आरंभ – इंदौर, २८ अक्टूबर
इस प्रवास की शुरुआत इंदौर के गुमास्ता नगर शाखा तथा जूनी कसेरा बाखल शाखा में बैठक-मुलाकात से हुई। महिला परिषद मध्य प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य स्नेहलता कावड़िया ने बताया कि २८ अक्टूबर को श्रद्धेय साध्वी साध्वी श्री चारित्रकला जी आदि ठाणा के दर्शन-वंदन के साथ दौरा आरंभ हुआ। इसके बाद पदाधिकारियों ने गुमास्ता नगर शाखा एवं जूनी कसेरा बाखल शाखा की बैठकों में भाग लिया, वहाँ महिला परिषद के संगठन एवं कार्यों की जानकारी ली गई और बहनों से खुलकर चर्चा की गई।
बैठकों में राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रेमाजी एवं महामंत्री संगीताजी ने महिला परिषद के मिशन, पाठशालाओं की भूमिका व सूत्र ज्ञान अभिवृद्धि योजना के उद्देश्यों की व्याख्या की। साथ ही उन्होंने बहनों से उपयोगी सुझाव प्राप्त किये, जिनमें स्थानीय स्तर पर पाठशालाओं के बेहतर संचालन, महिला-सक्रियता में वृद्धि तथा प्रशिक्षण-सहायता को बढ़ावा देने का प्रस्ताव रखा गया।
उसी दिन, धार एवं रिंगनोद शाखा का दौरा भी किया गया। वहाँ संचालित पाठशाला का निरीक्षण हुआ तथा योजना-संबंधी जानकारी ली गई — विशेषकर बच्चों की भागीदारी, पाठशाला-वातावरण, एवं पुरस्कार वितरण की व्यवस्था पर ध्यान दिया गया।
२९ अक्टूबर: मोहनखेड़ा, टांडा एवं कुक्षी में विस्तार
दूसरे दिन बुधवार को दौरा मोहनखेड़ा में विराजित साध्वी श्री आर्जवकला जी के दर्शन-वंदन से आरम्भ हुआ। इसके बाद टीम टांडा पहुँची जहाँ साध्वी श्री तत्वलताश्री जी आदि ठाणा के दर्शन-वंदन के उपरांत टांडा पाठशाला का अवलोकन किया गया। वहां प्रस्तावित बैठक बाग में आयोजित हुई, जिसमें स्थानीय महिला परिषद की शाखाओं से संवाद हुआ।
रात्रि में कुक्षी में महिला परिषद की बैठक आयोजित की गई, जहाँ पाठशाला-विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया गया तथा सूत्र ज्ञान अभिवृद्धि योजना-संबंधी प्रश्न पूछे गए। इस दौरान, बच्चों ने अपनी अनुभव-कथाएँ साझा कीं और सुझाव भी दिए कि कैसे पाठशालाएँ और अधिक प्रेरक व समर्पित बन सकती हैं।
सूत्र ज्ञान अभिवृद्धि योजना का महत्व
सूत्र ज्ञान अभिवृद्धि योजना का उद्देश्य है — महिला परिषद के अंतर्गत चल रही पाठशालाओं में बच्चों को सूत्र-ज्ञान से अवगत कराना, महिलाओं को सशक्त बनाना तथा समुदाय-स्तर पर शिक्षा व जागरूकता को बढ़ावा देना। इस योजना के अंतर्गत न सिर्फ शिक्षा-सहायता दी जा रही है बल्कि सामाजिक-सक्रियता बढ़ाने के लिए महिलाओं को प्रेरित भी किया जा रहा है।
महिला परिषद की टीम ने दौरे के दौरान पाठशालाओं के बच्चों से जानकारी ली और उन्हें पुरस्कार देकर पुरस्कृत किया, जिससे बच्चों में उत्साह और सहभागिता का भाव बढ़ा। यह पहल स्थानीय स्तर पर सकारात्मक प्रभाव छोड़ रही है और पाठशाला-परिस्थिति को सुधारने का अवसर प्रस्तुत कर रही है।
संगठनात्मक रणनीति व आगे की योजना
राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रेमाबेन एवं महामंत्री संगीताजी ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि महिला परिषद का उद्देश्य सिर्फ संख्या-बढ़ाव नहीं बल्कि गुणवत्ता-वृद्धि, स्थिर संचालन और समुदाय-सम्मिलन है। उन्होंने कहा:
“हमारा लक्ष्य है- महिलाओं को सशक्त बनाना, बच्चों को अध्ययन-सहायता देना और स्थानीय स्तर पर स्थायी विकास के लिए पाठशालाओं को मजबूत करना।”
उन्होंने सुझाव दिए कि स्थानीय शाखाओं को नियमित बैठकें करनी चाहिए, पाठशाला-संचालन में स्वयं-सहायता समूहों का योगदान बढ़ना चाहिए, तथा सदस्य-महिलाओं को प्रशिक्षण-कार्यशालाओं के माध्यम से सतत् ज्ञान-वर्धन से जोड़ा जाना चाहिए।
मध्य प्रदेश प्रांत में अब आगे की रणनीति के रूप में प्रस्तावित हैं:
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शाखाओं में महिला-लक्ष्य केंद्रित कार्यक्रम जैसे जागरूकता-बैठक, स्वास्थ्य-शिक्षा सेमिनार।
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पाठशालाओं में साप्ताहिक-और-मासिक मूल्यांकन ताकि बच्चों की प्रगति मापी जा सके।
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पाठशालाओं एवं महिलाओं के समूहों को डिजिटल संसाधनों से जोड़ना ताकि ऑनलाइन सहायता एवं मार्गदर्शन उपलब्ध हो सके।
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स्वयं-सेविका-महिलाओं के लिए मान्यता-प्रमाणपत्र कार्यक्रम ताकि उनकी प्रोत्साहना बढ़े और उनका विश्वास मज़बूत हो।
स्थानीय प्रभाव एवं आगे की राह
इस प्रकार, इस दौरे से मध्य प्रदेश में महिला परिषद की व्यवस्थाएँ, पाठशाला-संचालन तथा सूत्र ज्ञान अभिवृद्धि योजना की रूप-रेखा स्पष्ट रूप से सामने आई है। स्थानीय शाखाओं में सक्रियता बढ़ी है, बच्चों में पढ़ाई के प्रति उत्साह बढ़ा है तथा महिलाओं में संगठन-प्रति जागरूकता में वृद्धि हुई है।
दौरे के दौरान शाखाओं के पदाधिकारियों और बहनों के सुझावों को आदान-प्रदान किया गया, जिसका अगले चरण में कार्यान्वयन निकट भविष्य में होगा। पाठशालाओं की नियमित जाँच-पड़ताल से उनकी स्थिति में सुधर होने की उम्मीद है, तथा महिला परिषद द्वारा संचालित इस योजना से समाज-स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में एक ठोस कदम उठाया गया है।
निष्कर्ष
इस दो-दिनीय दौरे ने यह स्पष्ट कर दिया है कि महिला परिषद राष्ट्रीय नेतृत्व व मध्य प्रदेश प्रदेशकारिणी सक्रिय एवं समर्पित रूप से योजना-क्रियान्वयन कर रही है। राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रेमाबेन, महामंत्री संगीताजी तथा अन्य पदाधिकारियों द्वारा दिए गए सुझाव एवं निरीक्षण आगे की कार्ययोजना को गति देंगे।
यह दौरा वास्तव में “सूत्र ज्ञान अभिवृद्धि योजना” के महत्व को उजागर करता है — शिक्षा, महिला-सशक्तिकरण व सामाजिक विकास को एक साथ जोड़ने वाली पहल। मध्य प्रदेश के विभिन्न शाखाओं में इसका सकारात्मक प्रभाव दिख रहा है और आने वाले समय में यह प्रभाव और व्यापक होगा।

