📰 दिल्ली में सम्पन्न दो दिवसीय राष्ट्रीय जैन पत्रकार सम्मेलन: सत्य, धर्म और समाज सेवा पर सार्थक मंथन
नई दिल्ली, 26 अक्टूबर 2025:
भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय जैन पत्रकार सम्मेलन 2025 का सफल आयोजन 25 और 26 अक्टूबर को दिल्ली के बाहुबली एनक्लेव जैन मंदिर परिसर में संपन्न हुआ। यह सम्मेलन कमेटी की 125वीं स्थापना वर्षगांठ (2026–27) की पूर्व तैयारियों के तहत आयोजित किया गया, जिसमें देशभर से जैन पत्रकारों, समाजसेवियों, मनीषियों और प्रबुद्ध जनों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
सम्मेलन के मुख्य विषय
सम्मेलन के दौरान चार प्रमुख विषयों पर गहन और सार्थक चर्चा की गई:
- जैन संस्कृति का संरक्षण और प्रसार
- जैन समाज की घटती जनसंख्या और उसके समाधान
- तीर्थ संरक्षण एवं प्रबंधन की चुनौतियाँ
- श्रवण संस्कृति की रक्षा और आध्यात्मिक परंपरा का संवर्धन
देशभर के वरिष्ठ पत्रकारों और विद्वानों ने इन विषयों पर अपने विचार रखे और समाज के सामने आने वाली चुनौतियों पर ठोस सुझाव दिए।
परम पूज्य प्रज्ञ सागर जी मुनिराज का आशीर्वचन
सम्मेलन का मुख्य आकर्षण रहा परम पूज्य परम्पराचार्य श्री प्रज्ञ सागर जी मुनिराज ससंघ का सानिध्य। उन्होंने अपने प्रेरक संदेश में कहा —
“हर जैन परिवार को जनगणना के धर्म कॉलम में ‘जैन धर्म’ अवश्य लिखना चाहिए। साथ ही तीर्थ रक्षा हेतु प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन एक रुपया एकत्र करने का संकल्प लेना चाहिए।”
उनके इन शब्दों ने उपस्थित पत्रकारों और समाजसेवियों को गहराई से प्रेरित किया।
देशभर से आए पत्रकारों की भागीदारी
राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात सहित विभिन्न राज्यों से आए प्रमुख जैन पत्रकारों ने इस आयोजन को राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।
मुख्य रूप से उपस्थित रहे —
चेयरपर्सन एडवोकेट अनूपचंद जैन (फ़िरोज़ाबाद),
एडवोकेट शैलेन्द्र जैन (अलीगढ़),
संगठन अध्यक्ष जगदीश प्रसाद जैन (आगरा),
महामंत्री डॉ. अखिल बंसल (जयपुर),
उपाध्यक्ष डॉ. राजीव जैन (आगरा),
संगठन मंत्री डॉ. राजीव प्रचण्डिया (अलीगढ़),
संयुक्त मंत्री अकलेश जैन (अजमेर),
प्रचार मंत्री जयेन्द्र जैन (चंदेरी),
मीडिया प्रभारी राकेश सोनी (इंदौर) और
जीवनलाल जैन ‘चायवाले’ (नागदा) सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी।
इनके साथ डॉ. मीना जैन (उदयपुर), डॉ. अल्पना जैन (ग्वालियर), प्रवीण जैन (दिल्ली), डॉ. सुशील जैन (कुरावली), ललित गर्ग, डॉ. वीसागर जैन, डॉ. अनेकांत जैन, और डॉ. इंदु जैन भी मंच पर उपस्थित रहे।
महिला प्रकोष्ठ की स्थापना: एक नई दिशा
इस सम्मेलन की विशेष उपलब्धियों में से एक रही महिला प्रकोष्ठ का गठन, जो जैन समाज में महिलाओं की सक्रिय भूमिका को सशक्त करेगा।
इस प्रकोष्ठ में —
- डॉ. प्रगति जैन (इंदौर) को अध्यक्ष,
- श्रीमती मीनू जैन (गाजियाबाद) को कार्याध्यक्ष, और
- डॉ. ममता जैन (पुणे) को महासचिव नियुक्त किया गया।
यह निर्णय महिला पत्रकारों और समाजसेविकाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
नई जिम्मेदारियाँ और प्रकाशन योजना
आचार्य श्री प्रज्ञ सागर जी ने “श्वेतपिच्छाचार्य सिद्धांत चक्रवर्ती मुनि श्री विद्यानंद स्मृति ग्रंथ” के संपादन एवं प्रकाशन का दायित्व डॉ. अखिल बंसल को सौंपा।
इस ग्रंथ का विमोचन समारोह 22 अप्रैल 2026 को भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा।
साथ ही, डॉ. जयेन्द्र कीर्ति को संगठन का अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता, और ललित गर्ग को राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त किया गया। डॉ. जयेन्द्र कीर्ति ने अगले वर्ष नेपाल में अंतर्राष्ट्रीय जैन पत्रकार सम्मेलन आयोजित करने का प्रस्ताव भी रखा।
सरकारी अधिकारियों की उपस्थिति
समारोह में गृह मंत्रालय के जनगणना कार्यालय के उप महारजिस्ट्रार धीरज जैन,
शिक्षा मंत्रालय के उप सचिव संदीप जैन,
भारतवर्षीय तीर्थक्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष जम्बूप्रसाद जैन और
जवाहरलाल जैन ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
इन सभी ने जैन समाज की संगठनात्मक एकता और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर बल दिया।
भव्य स्वागत और तीर्थ दर्शन
25 अक्टूबर को लाल मंदिर परिसर में सभी आगंतुक पत्रकारों का अतुल जैन के नेतृत्व में ट्रस्टियों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। इसके पश्चात 8 ऐतिहासिक जिनालयों का दर्शन कराया गया।
ग्रीन पार्क में विराजमान अर्हं योग प्रणेता मुनि श्री प्रणम्य सागर जी ने पत्रकारों को मंगल आशीर्वाद देते हुए सभी जैन तीर्थों का डिजिटल डाटा एकत्र करने का सुझाव दिया। द्वारका स्थित जिनालय में दर्शन का लाभ भी सभी ने लिया।
समापन और आशीर्वचन
सम्मेलन के समापन अवसर पर आचार्य श्री प्रज्ञ सागर जी मुनिराज ने संगठन के पदाधिकारियों और पत्रकारों को आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा —
“पत्रकारिता समाज का दर्पण है। जब यह धर्म, सत्य और मानवता से जुड़ती है, तो यह राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम बन जाती है। पत्र संपादक संघ जिस निष्ठा से पिछले 18 वर्षों से कार्यरत है, वह अनुकरणीय है और मेरे आशीर्वाद का पात्र है।”
कार्यक्रम के अंत में तीर्थक्षेत्र कमेटी के पदाधिकारियों ने सभी आगंतुक पत्रकारों को सम्मानित कर विदाई दी।


