भोपाल से आईएसआईएस आतंकी गिरफ्तार, दिल्ली में बड़े धमाके की साजिश पर एनआईए-दिल्ली पुलिस ने किया फोकस
भोपाल। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की संयुक्त कार्रवाई में शुक्रवार को भोपाल के करोंद इलाके से एक आईएसआईएस आतंकी को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आतंकी की पहचान 21 वर्षीय अदनान उर्फ अबु मोहम्मद के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि यह आईएसआईएस आतंकी दिल्ली में एक बड़े धमाके की साजिश रचने में शामिल था और इसी मकसद से वह भोपाल में छिपा हुआ था। इस गिरफ्तारी ने एक बार फिर से देश के अंदरूनी इलाकों में सक्रिय आतंकी नेटवर्क के खतरे को उजागर कर दिया है।
कैसे हुई आईएसआईएस आतंकी की पहचान और गिरफ्तारी?
यह पूरी ऑपरेशन दिल्ली और भोपाल में चली एक सूचना पर आधारित थी। कुछ दिनों पहले ही, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल यानी ‘स्लीपर सेल’ ने दिल्ली से एक आईएसआईएस आतंकी को गिरफ्तार किया था। उस आतंकी की गहन पूछताछ के दौरान भोपाल में छिपे एक और सहयोगी के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी हाथ लगी। इस सुराग के आधार पर, एनआईए और दिल्ली पुलिस की एक संयुक्त टीम ने भोपाल पर फोकस किया।
यह कार्रवाई इतनी गोपनीय तरीके से अंजाम दी गई कि स्थानीय पुलिस तक को इसकी भनक नहीं लगने दी गई। मध्य प्रदेश पुलिस के शीर्ष अधिकारियों, जिनमें डीजीपी शामिल हैं, को ही इस ऑपरेशन की जानकारी थी। सीधे भोपाल के निशातपुरा थाना क्षेत्र के करोंद इलाके में छापेमारी कर आईएसआईएस आतंकी अदनान को हिरासत में ले लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ के बाद उसे और जांच के लिए दिल्ली ले जाया गया है।
कौन है आईएसआईएस आतंकी अदनान?
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पहचान: अदनान उर्फ अबु मोहम्मद (उम्र 21 वर्ष)
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सक्रियता: आईएसआईएस से प्रभावित एक मॉड्यूल का सदस्य बताया जा रहा है।
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छिपने की रणनीति: यह आतंकी पकड़े जाने के डर से हर तीन महीने में अपना ठिकाना बदलता रहता था। करीब एक सप्ताह पहले ही वह भोपाल के अशोका गार्डन इलाके का किराया का कमरा छोड़कर करोंद आया था।
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डिजिटल सक्रियता: अदनान सोशल मीडिया और वाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म पर बेहद सक्रिय था। वह आईएसआईएस से जुड़े विचारधारा वाले ग्रुप्स में सक्रिय रहता था और डिजिटल तरीके से लोगों को जोड़ने का काम करता था।
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पूर्व रिकॉर्ड: हैरान कर देने वाला तथ्य यह है कि इस आईएसआईएस आतंकी का आतंकी गतिविधियों का एक पुराना रिकॉर्ड है। वर्ष 2024 में उत्तर प्रदेश एटीएस ने उसे वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद मामले की सुनवाई कर रहे जज को धमकी भरे संदेश भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
दिल्ली धमाके की क्या थी पूरी साजिश?
जांच एजेंसियों के अनुसार, आईएसआईएस आतंकी अदनान अपने दिल्ली स्थित साथियों के साथ मिलकर दिल्ली के किसी भीड़भाड़ वाले इलाके में बड़े पैमाने पर धमाका करने की योजना बना रहा था। इस धमाके का मकसद दहशत फैलाना और जन-धन की भारी क्षति पहुंचाना था। उसके पास से जो संदिग्ध सामान और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स बरामद हुए हैं, उनसे इस साजिश के बारे में और स्पष्ट जानकारी मिलने की उम्मीद है। यह मामला अब और भी गंभीर हो गया है क्योंकि यह पता चला है कि आतंकी न केवल साजिश रच रहा था, बल्कि उसने इसे अंजाम देने के लिए जमीनी स्तर पर तैयारियां भी शुरू कर दी थीं।
भोपाल: आतंकवाद के लिए एक उभरता हुआ हॉटस्पॉट?
यह पहली बार नहीं है जब भोपाल से ऐसी गिरफ्तारी हुई है। पिछले कुछ वर्षों में, इस शहर से पीएफआई, हिजब-उत-तहरीर (एचयूटी), और मुजाहिदीन जैसे कई प्रतिबंधित और राष्ट्र-विरोधी संगठनों के पदाधिकारी और समर्थक पकड़े जा चुके हैं। यह लगातार की जा रही गिरफ्तारियां इस ओर इशारा करती हैं कि आतंकी संगठन देश के छोटे और मध्यम शहरों में अपना नेटवर्क फैलाने और युवाओं को ब्रेनवॉश करने की कोशिश कर रहे हैं। भोपाल जैसे शहरों में उन्हें अपनी पहचान छुपाने और गतिविधियाँ चलाने में आसानी होती है।
गिरफ्तारी के बाद क्या है अगला कदम?
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दिल्ली में गहन पूछताछ: अदनान को दिल्ली ले जाया गया है, जहां एनआईए और दिल्ली पुलिस की टीमें उससे पूछताछ कर रही हैं। उसके नेटवर्क, उसके सहयोगियों, हथियारों के来源, और धमाके की साजिश की पूरी जानकारी हासिल करना प्राथमिकता है।
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भोपाल पुलिस की जांच: भोपाल पुलिस ने भी अब अपनी जांच शुरू कर दी है। वह अदनान के परिवार, उसके यहाँ रहने के ठिकानों, और स्थानीय संपर्कों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
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डिजिटल सबूतों का विश्लेषण: बरामद किए गए इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का फोरेंसिक विश्लेषण बेहद महत्वपूर्ण होगा। इनसे उसके डिजिटल संपर्कों, चैट हिस्ट्री, और साजिश से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत मिल सकते हैं।
निष्कर्ष:
भोपाल से आईएसआईएस आतंकी की यह गिरफ्तारी भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता है। इसने दिल्ली में होने वाले एक संभावित भीषण धमाके को टाल दिया है और एक खतरनाक आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। हालांकि, यह घटना यह भी याद दिलाती है कि आतंकवाद का खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है और एजेंसियों को लगातार सतर्क रहने की आवश्यकता है। एनआईए और दिल्ली पुलिस की यह सफल कार्रवाई देश की सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती का प्रतीक है। पूरा मामला अभी और भी रहस्योद्घाटन कर सकता है क्योंकि जांच जारी है।
