इंदौर का जैन समाज 27 अक्टूबर को करेगा विरोध, पुणे स्थित ऐतिहासिक HND हॉस्टल की बिक्री के खिलाफ कमिश्नर कार्यालय पर देगा ज्ञापन
मुख्य बिंदु:
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आयोजन: जैन समाज का ज्ञापन प्रदर्शन
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तिथि: 27 अक्टूबर, सोमवार 2025
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समय: सुबह 10:45 बजे
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स्थान: कमिश्नर कार्यालय, गांधी हॉल, इंदौर
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उद्देश्य: पुणे स्थित सेठ हीराचंद नेमचंद हॉस्टल (HND हॉस्टल) की बिक्री का विरोध और इस जैन धरोहर को बचाने की मुहिम में एकजुटता दिखाना।
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आह्वान: दिगंबर जैन सामाजिक संसद, विश्व जैन संगठन और राष्ट्रीय जिनशासन एकता संघ ने समस्त जैन समाज से भारी संख्या में उपस्थित होने का निवेदन किया है।
इंदौर, [आज की तारीख डालें] – जैन समाज की एक प्रमुख धरोहर, पुणे स्थित सेठ हीराचंद नेमचंद हॉस्टल (HND हॉस्टल), को बचाने के लिए एक राष्ट्रव्यापी मुहिम तेज हो गई है। इसी कड़ी में, इंदौर का जैन समाज 27 अक्टूबर, सोमवार 2025 को सुबह 11 बजे कमिश्नर कार्यालय, गांधी हॉल पर एक बड़े ज्ञापन प्रदर्शन का आयोजन कर रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशासन के माध्यम से संबंधित अधिकारियों तक समाज की चिंताओं और आपत्तियों को पहुंचाना है।
इस आंदोलन की अगुवाई कर रहे प्रमुख संगठनों – दिगंबर जैन सामाजिक संसद, विश्व जैन संगठन और राष्ट्रीय जिनशासन एकता संघ – ने समस्त जैन समाज से एकजुटता के साथ इस धरोहर को बचाने का आह्वान किया है। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक इमारत का मसला नहीं, बल्कि जैन समाज की सांस्कृतिक विरासत, इतिहास और सेवा-भावना के प्रतीक को बचाने का संघर्ष है।
HND हॉस्टल पुणे: एक धरोहर जो खतरे में है
सेठ हीराचंद नेमचंद हॉस्टल (HND हॉस्टल) पुणे में स्थित एक ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व का संस्थान है। इसकी स्थापना एक शैक्षिक और धार्मिक केंद्र के रूप में की गई थी, जहाँ दूर-दराज से आने वाले जैन छात्रों और श्रद्धालुओं को सुरक्षित आवास और सुविधाएँ प्रदान की जाती थीं। यह हॉस्टल दशकों से जैन समाज की सेवा और सामाजिक सरोकारों की मिसाल रहा है। इसकी बिक्री न केवल एक भवन का हस्तांतरण है, बल्कि समाज के एक महत्वपूर्ण सामाजिक-सांस्कृतिक केंद्र के खोने जैसा है।
जैन समाज का आह्वान: एकता और जिम्मेदारी का समय
इस मुद्दे पर विश्व जैन संगठन एवं राष्ट्रीय जिनशासन एकता संघ के प्रचारक श्री राजेश जैन दद्दू और संगठन के अध्यक्ष श्री मयंक जैन ने समाज को संबोधित करते हुए जोरदार अपील की है।
श्री राजेश जैन दद्दू ने कहा, “यह समय एकजुटता दिखाने का है। सेठ हीराचंद नेमचंद हॉस्टल सिर्फ एक जमीन या इमारत नहीं है, बल्कि हमारे पूर्वजों की सेवा-भावना और दूरदर्शिता की मूर्त-मिसाल है। इस धरोहर को बचाने की जिम्मेदारी हम सभी समाजजनों की है। हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों को यह बताना है कि हमने अपनी विरासत के लिए संघर्ष किया।”
श्री मयंक जैन ने अपने संदेश में कहा, “समाज की यह धरोहर HND हॉस्टल पुणे हम सभी के लिए एक सांझा विरासत है। इसे बचाने के लिए समग्र जैन समाज को आगे आना होगा। हमारी एकजुटता ही इस संकट की घड़ी में सबसे बड़ी ताकत है। हम सभी से निवेदन है कि 27 अक्टूबर को कमिश्नर कार्यालय पर अवश्य पहुंचे और इस पवित्र मुहिम में अपना योगदान दें।”
27 अक्टूबर का ज्ञापन कार्यक्रम: सभी से उपस्थिति का निवेदन
इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर जनमत बनाने और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए आगामी 27 अक्टूबर, सोमवार को एक बड़ा और शांतिपूर्ण ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। आयोजकों ने सभी जैन समाजजनों से सुबह 10:45 बजे तक कमिश्नर कार्यालय, गांधी हॉल, इंदौर पर पहुँचने का अनुरोध किया है, ताकि सामूहिक रूप से 11 बजे ज्ञापन प्रदान किया जा सके।
यह कार्यक्रम इस बात का प्रतीक होगा कि जैन समाज अपनी विरासत के प्रति कितना संवेदनशील और जागरूक है। प्रत्येक व्यक्ति की उपस्थिति इस आंदोलन को मजबूती प्रदान करेगी और यह संदेश देगी कि समाज अपनी धरोहरों की रक्षा के लिए पूरी तरह एकजुट है।
समाज की धरोहर बचाने की लड़ाई: आप सभी की सहभागिता जरूरी
दिगंबर जैन सामाजिक संसद, विश्व जैन संगठन और राष्ट्रीय जिनशासन एकता संघ एक बार फिर से इंदौर और आसपास के क्षेत्रों के सभी जैन परिवारों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों से अपील करते हैं कि वे इस ऐतिहासिक जिम्मेदारी को निभाने के लिए आगे आएं।
“समाज की धरोहर HND हॉस्टल पुणे को बचाने” की यह लड़ाई सिर्फ कुछ संगठनों या नेताओं की नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति की है जो जैन समाज और उसकी विरासत से जुड़ा हुआ है। आइए, 27 अक्टूबर को हम सब मिलकर यह साबित करें कि हमारा समाज अपने इतिहास और भविष्य दोनों के प्रति समान रूप से सजग है।
नारा है: “जैन समाज की आवाज बनो, धरोहर HND हॉस्टल को बचाओ!”
संपर्क सूचना:
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संगठन: दिगंबर जैन सामाजिक संसद, विश्व जैन संगठन, राष्ट्रीय जिनशासन एकता संघ
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स्थान: इंदौर, मध्य प्रदेश
