“Grasim Industries Ltd द्वारा नगर-वासी और गणमान्य नागरिकों के बीच अन्नकूट एवं दीपावली मिलन समारोह का भव्य आयोजन”
नागदा (मध्य प्रदेश) — बुधवार को ग्रेसिम फैमिली ने नगर के प्रमुख धार्मिक स्थल, श्री शेषशायी विष्णु मंदिर (बिरला मंदिर) परिसर में बड़े उल्लास के साथ अन्नकूट महोत्सव तथा दीपावली मिलन समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में स्थानीय गणमान्य नागरिकों, प्रशासनिक व संगठित क्षेत्र के वरिष्ठ अतिथियों के साथ ग्रेसिम के वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
समारोह की शुरुआत प्रातः पूजा-अर्चना से हुई, जिसके बाद मंदिर परिसर में छप्पन-भोग का आयोजन किया गया। तत्पश्चात महा आरती का आयोजन हुआ, जिसमें उपस्थित सभी लोगों ने श्रद्धा-भाव से भाग लिया। इसके बाद स्नेह-भोज के माध्यम से दीपावली मिलन समारोह सम्पन्न हुआ, जहाँ अनेक अतिथियों ने एक-दूसरे से मिलते-जुलते भावनात्मक संवाद किया।
आयोजन में विशेष रूप से उपस्थित थे: कर्नाटक राज्यपाल थावर चन्द गेहलोत, विधायक डॉ तेज़बहादुर सिंह चौहान, संस्थान के वरिष्ठ मार्गदर्शक एवं पूर्व निदेशक शैलेन्द्र कुमार जैन एवं श्रीमती निहारिका जैन, इकाई प्रमुख श्री शांतनु कुलकर्णी, मानव संसाधन प्रमुख श्री सुधीर कुमार सिंह, केमिकल डिवीजन मानव संसाधन प्रमुख श्री विनोद कुमार मिश्रा, पूर्व विधायक श्री लाल सिंह राणावत, श्री दिलीप सिंह गुर्जर, श्री दिलीप सिंह शेखावत, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री राजेश धाकड़, नगर पालिका प्रतिनिधि श्री ओ पी गेहलोत, उपाध्यक्ष श्री सुभाष शर्मा, वरिष्ठ भाजपा नेता श्री सुल्तान सिंह शेखावत, श्री राजेंद्र अवाना, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्री बाबू लाल गुर्जर, श्री गोविंद मोहता, श्री राधे जायसवाल के अलावा संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चे के सर्व श्री ज़ोध सिंह राठौड़, जगमाल सिंह राठौड़, श्री जागेश्वर शर्मा, श्री हृदय चंद तथा नगर के अन्य राजनेता, वरिष्ठ नागरिक, पत्रकार, पुलिस व प्रशासन के अधिकारी, एवं संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इस भव्य आयोजन का उद्देश्य न केवल धार्मिक परंपराओं को जीवंत रखना था, बल्कि नगर-सम्पर्क, सामाजिक समरसता व उत्सव-भाव को भी सुदृढ़ करना था। आदरणीय अतिथियों ने कार्यक्रम की सराहना की और इसे एक सामाजिक एवं सांस्कृतिक मिलन-मंच बताया। ग्रेसिम परिवार ने इस वर्ष भी यह संदेश दिया कि धार्मिक आयोजन सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक संवाद, सहयोग व एक-दूसरे के प्रति स्नेह व्यक्त करने का अवसर भी हैं।
प्रथम चरण में मंदिर में आराधना-विधान का संचालन हुआ और छप्पन-भोग की विधि से श्रद्धालुओं द्वारा प्रसादभोग संपन्न कराया गया। इसके बाद आरती में सभी ने भाग लिया। इसके उपरांत आयोजन स्थल पर स्नेह-भोज शुरू हुआ, जहाँ उपस्थित अतिथियों एवं नागरिकों ने एक-दूसरे से मिलकर दीपावली की शुभकामनाएं साझा कीं। इस प्रकार यह आयोजन मंच बना — पारंपरिक पूजा-अर्चना का, सामाजिक संवाद का और उत्सव-भाव का त्रिवेणी-संमिलन।
कार्यक्रम सजा-संवारा और उच्च स्तर पर संयोजित था। ग्रेसिम ने अपने मानव संसाधन व समाज-संपर्क विभागों के माध्यम से सभी व्यवस्थाओं का समुचित ध्यान रखा — सुरक्षा, आवागमन, अतिथि-स्वागत, भोजन-प्रबंध आदि में किसी प्रकार की कमी नहीं रही। इस आयोजन के माध्यम से ग्रेसिम ने स्थानीय सामाजिक-सांस्कृतिक जीवन में अपनी प्रतिबद्धता पुनः प्रदर्शित की। इस तरह यह कार्यक्रम एक सफल मॉडल बनकर सामने आया जिसे अन्य संगठनों व सामाजिक समूह अपने-अपने क्षेत्र में अपनाना चाहें।
दीपावली मिलन समारोह ने विशेष रूप से इस दृष्टि से महत्त्व पाया कि यह केवल उत्सव-समारोह नहीं बल्कि समुदाय-निर्माण, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक समावेशन का अवसर था। उपस्थित गणमान्य लोगों ने इस पहल को स्थानीय विकास व सामुदायिक मेल-जोल के दृष्टिकोण से प्रेरणादायक बताया।
अतिथियों में बोलने वालों ने कहा कि इस तरह के आयोजन न सिर्फ त्योहार की भव्यता को बढ़ाते हैं, बल्कि स्थानीय नागरिकों, संस्थान-कर्मियों व प्रशासन के बीच संवाद के नए रास्ते खोलते हैं। इस अवसर पर गृहनगर नागदा की सामाजिक तस्वीर भी एक सकारात्मक तरीके से सामने आई — जहां उद्योग-समाज और जनता मिलकर साझेदारी से आगे बढ़ रहे हैं।
इस आयोजन के संयोजन एवं सफल निष्पादन के लिए ग्रेसिम परिवार ने विशेष रूप से धन्यवाद ज्ञापित किया — न सिर्फ अपने सदस्यों को बल्कि नगरवासियों, अतिथियों और स्थानीय प्रशासन को भी, जिन्होंने मिलकर इसे सफल बनाया। आगे भी इस प्रकार के सामाजिक-संस्कृतिक आयोजन नियमित रूप से आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई गई है।


