देश के पूर्व गृह मंत्री श्री प्रकाशचंद सेठी की 105वीं जन्म जयंती पर याद किया गया – ईमानदार राजनीति और जनसेवा का प्रतीक
इंदौर: भारतीय राजनीति के काबिल और ईमानदार नेताओं में से एक, देश के पूर्व गृह मंत्री और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री प्रकाशचंद सेठी की 105वीं जन्म जयंती पर उनका जीवन और योगदान याद किया गया। इस अवसर पर सेठी विचार मंच और दिगम्बर जैन समाज सामाजिक संसद द्वारा संयुक्त रूप से सेठी हॉस्पिटल स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें सम्मानित किया गया।
वक्ताओं ने इस अवसर पर कहा कि श्री सेठी जी ने भारतीय राजनीति में अपनी ईमानदारी, कर्मठता और निष्ठा के लिए एक अमिट छाप छोड़ी है। उनका जीवन हमेशा जनसेवा, नैतिक मूल्यों और स्वच्छ राजनीति के आदर्शों से प्रेरित रहा। नेहरू मंत्रिमंडल से लेकर राजीव गांधी जी के मंत्रिमंडल तक अनेकों उच्च पदों पर रहते हुए भी उन्होंने अपने आप को हमेशा ईमानदार और जनता के प्रति समर्पित रखा। उनका जीवन राजनीति में ईमानदारी और निष्ठा की मिसाल बन गया, जिसे आज भी स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाता है।
श्री प्रकाशचंद सेठी – निष्ठा और समर्पण का प्रतीक
श्री सेठी जी का राजनीतिक जीवन एक आदर्श और प्रेरक यात्रा रही है। उन्होंने अपना पूरा जीवन जनता की सेवा में समर्पित किया। उनके करिश्माई नेतृत्व और स्पष्ट दृष्टिकोण के कारण वे भारतीय राजनीति में ईमानदार नेताओं और कुशल प्रशासकों के रूप में हमेशा याद किए जाएंगे। चाहे वह मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री पद हो या केंद्र सरकार में गृह मंत्रालय का पद, उन्होंने हमेशा अपने सिद्धांतों और नैतिक मूल्यों के साथ कार्य किया।
वक्ताओं ने कहा कि सेठी जी का लंबा राजनीतिक सफर उनके आदर्शों का प्रमाण है। उन्होंने राजनीति को केवल सत्ता पाने का माध्यम नहीं माना, बल्कि इसे समाज और जनता की भलाई के लिए एक जिम्मेदारी के रूप में अपनाया। उनके समय में जो भी प्रशासनिक निर्णय लिए गए, उनमें पारदर्शिता और ईमानदारी की विशेष भूमिका रही।
जन्म जयंती समारोह और प्रमुख उपस्थित लोग
इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। जिनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:
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दिलीप राजपाल
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अर्चना जायसवाल
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विनय बाकलीवाल
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कैलाश वेद
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संजय जैन
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मनीष अजमेरा
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संजय बाकलीवाल
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निर्मल कासलीवाल
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आनंद कासलीवाल
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इश्तेहाक सोलंकी
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कार्यवाहक अध्यक्ष देवेंद्र सिंह यादव
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निलेश सेन
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दिलीप ठक्कर
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अमन बजाज
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अजय सीतलानी
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दिलीप डोसी
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नकुल पाटोदी
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नेम लुहाड़िया
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सुनील शाह
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जेनेश झांझरी
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सुशील गोधा
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संजय सेठी
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चेतन गंगवाल
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राजेश जैन
इस अवसर पर आयोजित विनयांजलि सभा का संचालन मनीष अजमेरा ने किया।
श्री सेठी की निष्ठा और ईमानदारी की मिसाल
वक्ताओं ने विशेष रूप से बताया कि श्री प्रकाशचंद सेठी ने अपने राजनीतिक जीवन में कभी भी सत्ता या पद के लिए नैतिक मूल्यों का त्याग नहीं किया। उनके कार्यों और निर्णयों में हमेशा जनता की भलाई, सामाजिक न्याय और प्रशासनिक दक्षता झलकती रही। उन्होंने राजनीति को केवल सत्ता का माध्यम नहीं माना, बल्कि इसे सतत जनसेवा और ईमानदारी का प्लेटफॉर्म बनाया।
उनके जीवन की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि उन्होंने नेहरू और राजीव गांधी के मंत्रिमंडल में उच्च पदों पर रहते हुए भी भ्रष्टाचार और अनैतिक प्रथाओं से दूर रहते हुए अपना नाम ईमानदारी के प्रतीक के रूप में स्थापित किया। उनके कामकाज और जीवन शैली से यह स्पष्ट होता है कि राजनीति में भी नैतिकता और ईमानदारी का महत्व अत्यंत आवश्यक है।
शिक्षा, प्रशासन और राजनीति में योगदान
श्री सेठी जी का योगदान केवल राजनीति तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। उनके कार्यकाल में कई प्रशासनिक सुधार और जनहितकारी योजनाएं लागू हुईं, जिनका लाभ आज भी समाज को मिलता है।
उनकी जनप्रियता और निष्ठा का यह प्रमाण है कि आज भी उनके योगदान को याद किया जाता है और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत माना जाता है। उनके द्वारा स्थापित सेठी हॉस्पिटल और अन्य सामाजिक संस्थाएं उनके जनसेवा के आदर्शों को जीवित रखती हैं।
समाज और राजनीति में आदर्श नेतृत्व
इस अवसर पर वक्ताओं ने यह भी कहा कि वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को श्री सेठी के जीवन से यह सीखने की आवश्यकता है कि ईमानदारी, कड़ी मेहनत और जनसेवा ही सच्चे राजनीतिक नेतृत्व की पहचान है। उनके नेतृत्व में राजनीति केवल सत्ता के लिए नहीं, बल्कि जनता के लिए, समाज के लिए और देश के लिए एक जिम्मेदारी थी।
निष्कर्ष
देश के पूर्व गृह मंत्री और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री प्रकाशचंद सेठी का जीवन और कार्य हमेशा ईमानदार राजनीति, निष्ठा और जनसेवा का प्रतीक बने रहेंगे। उनकी 105वीं जन्म जयंती पर आयोजित यह आयोजन उनके आदर्शों और योगदान को याद करने और उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास है।
इस तरह के सम्मान समारोह न केवल उनके जीवन की उपलब्धियों को उजागर करते हैं, बल्कि समाज में सच्ची राजनीति, नैतिक मूल्यों और समाज सेवा की भावना को भी मजबूत करते हैं।
