पांच दिवसीय महामस्तकाभिषेक महोत्सव 2025 का भव्य आयोजन – श्री विरागोदय तीर्थ पथरिया में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी
पथरिया, मध्य प्रदेश – आगामी 19 अक्टूबर 2025 से 23 अक्टूबर 2025 तक श्री विरागोदय तीर्थ पथरिया में पांच दिवसीय भव्य महामस्तकाभिषेक महोत्सव 2025 का आयोजन किया जाएगा। यह महोत्सव सकल जैन समाज पथरिया एवं वर्षायोग समिति के सहयोग से संपन्न होगा। महोत्सव के आयोजन की जानकारी देते हुए प्रमुख धर्म प्रचारक एवं समाजसेवी राजेश जैन दद्दू ने बताया कि यह आयोजन जैन धर्म और श्रमण संस्कृति के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
महोत्सव का प्रारंभ 19 अक्टूबर 2025, रविवार को प्रातः 7:00 बजे से होगा और प्रत्येक दिन सुबह 10:00 बजे तक चलेगा। इस भव्य आयोजन का मुख्य आकर्षण रहेगा समाधि साधक गणाचार्य गुरु विराग सागर जी के महामस्तकाभिषेक। यह अभिषेक समारोह न केवल जैन धर्म के अनुयायियों के लिए धार्मिक अनुष्ठान का महत्व रखता है, बल्कि समाज में शांतिपूर्ण सहअस्तित्व और आध्यात्मिक चेतना फैलाने का भी अवसर है।
महोत्सव का कार्यक्रम और प्रमुख आकर्षण
- 19 अक्टूबर 2025 (रविवार) – महोत्सव का उद्घाटन और महामस्तकाभिषेक की तैयारी। इस दिन श्रद्धालु मंदिर में सजावट, पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेंगे।
- 20 अक्टूबर 2025 (सोमवार) – गुरुपर्व की पूर्व संध्या पर विशेष सत्संग और धार्मिक प्रवचन होंगे। यहाँ गुरु विराग सागर जी के जीवन, उपदेश और जैन धर्म के सिद्धांतों पर व्यापक चर्चा होगी।
- 21 अक्टूबर 2025 (मंगलवार) – इस दिन का विशेष महत्व है क्योंकि यह भगवान महावीर स्वामी का निर्वाण महोत्सव (दीपावली) भी है। दिवाली के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में सुबह से विशेष पूजा, धार्मिक अनुष्ठान और ध्वजारोहण समारोह का आयोजन होगा। इस दिन भक्तगण दीपों की रौशनी में भगवान महावीर के संदेशों को आत्मसात करेंगे।
- 22 अक्टूबर 2025 (बुधवार) – इस दिन का मुख्य कार्यक्रम रहेगा गणधर वलय विधान। दोपहर 2:00 बजे से आयोजित इस विधान में जैन अनुयायी और समाज के गणधर भव्य अनुष्ठानों का हिस्सा बनेंगे। यह कार्यक्रम धर्म, अनुशासन और जैन संस्कृति के महत्व को दर्शाता है।
- 23 अक्टूबर 2025 (गुरुवार) – अंतिम दिन का कार्यक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दिन गुरु मंदिर शुद्धि और समाधीष्ठ गणाचार्य विराग सागर जी की मूर्ति प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त दोपहर 1:00 बजे से पुज्य पट्टाचार्य चर्या शिरोमणि आचार्य विशुद्ध सागर जी संसघ का पिच्छिका परिवर्तन समारोह संपन्न होगा। इस कार्यक्रम में जैन समाज के प्रमुख धर्माचार्य, साधु-साध्वियों और श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहेंगे।
श्रद्धालुओं और समाज के लिए महत्व
इस भव्य महामस्तकाभिषेक महोत्सव 2025 का आयोजन न केवल धार्मिक अनुष्ठानों का केंद्र होगा, बल्कि यह जैन समाज के लिए एक प्रेरणा का स्रोत भी है। राजेश जैन दद्दू ने बताया कि यह महोत्सव जैन धर्म की श्रमण परंपरा, आध्यात्मिक चेतना और समाज में धार्मिक सद्भाव को बढ़ावा देगा। इस आयोजन के माध्यम से श्रद्धालु अपने जीवन में शांति, संयम और आध्यात्मिक उन्नति के मार्ग पर अग्रसर हो सकते हैं।
विशेष रूप से श्री विरागोदय तीर्थ पथरिया में आयोजित यह आयोजन जैन धर्म और भारतीय संस्कृति के संरक्षण में एक मील का पत्थर साबित होगा। यह तीर्थ स्थल न केवल धार्मिक यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह जैन समाज की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को भी संजोता है।
आचार्य विशुद्ध सागर जी का मार्गदर्शन
महोत्सव में आचार्य विशुद्ध सागर जी का मार्गदर्शन श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। उनके उपदेश और साधना की विधियाँ जैन धर्म में अनुयायियों के जीवन में धार्मिक अनुशासन और आध्यात्मिक चेतना का विकास करती हैं। महोत्सव के दौरान उनकी उपस्थिति और पिच्छिका परिवर्तन समारोह श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है।
आयोजन समिति और सहयोग
इस महोत्सव का आयोजन सकल जैन समाज पथरिया एवं वर्षायोग समिति के सहयोग से किया जा रहा है। आयोजक समिति ने सभी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए धार्मिक अनुष्ठानों, भोजन और आवास की व्यवस्था भी सुनिश्चित की है। यह आयोजन पूरे क्षेत्र में श्रद्धा और भक्ति की नई लहर उत्पन्न करेगा।
निष्कर्ष
पांच दिवसीय महामस्तकाभिषेक महोत्सव 2025 न केवल धार्मिक अनुष्ठानों का संगम है, बल्कि यह जैन समाज और भारतीय संस्कृति के संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएगा। श्री विरागोदय तीर्थ पथरिया में आयोजित इस महोत्सव में श्रद्धालु, साधु-साध्वियाँ और धर्माचार्य मिलकर जैन धर्म के मूल संदेशों को सजीव करेंगे।
इस भव्य आयोजन में भाग लेने के लिए पूरे देश से श्रद्धालु पथरिया की ओर आकर्षित होंगे। राजेश जैन दद्दू और आयोजक समिति का प्रयास है कि यह महोत्सव सभी के लिए यादगार और मंगलमय बने।

