इंदौर के संतोष जैन ‘गुरुजी’ को मिला “शिक्षक संदर्भ समूह रत्न सम्मान 2025” — भोपाल में विश्व शिक्षक दिवस पर हुआ सम्मान समारोह
भोपाल/इंदौर, 9 अक्टूबर 2025:
विश्व शिक्षक दिवस (World Teachers’ Day 2025) के अवसर पर भोपाल स्थित दुष्यंत संग्रहालय में आयोजित भव्य समारोह में इंदौर के वरिष्ठ शिक्षक संतोष जैन ‘गुरुजी’, श्रीमती कमलेश यदुवंशी और श्रीमती उर्मिला सर कानूनगो को “शिक्षक संदर्भ समूह रत्न सम्मान 2025” से सम्मानित किया गया। यह आयोजन शिक्षक संदर्भ समूह नव सृजन द्वारा शिक्षा जगत के उत्कृष्ट योगदानकर्ताओं के सम्मान में आयोजित किया गया था।
🎓 कार्यक्रम की मुख्य झलकियाँ
इस अवसर पर “कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) और शिक्षा: स्वचालन की दुनिया में मानव एजेंसी का संरक्षण” विषय पर परिचर्चा (Panel Discussion) का आयोजन हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे —
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डॉ. अवधेश प्रताप सिंह, पूर्व प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश विधानसभा एवं सदस्य, मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग।
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डॉ. अश्विनी कुमार गर्ग, क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, भोपाल।
कार्यक्रम में शासकीय शिक्षक संगठन के अध्यक्ष राकेश दुबे विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
📚 एआई और शिक्षा पर चर्चा
परिचर्चा के दौरान समूह के संस्थापक डॉ. दामोदर जैन और संतोष कुमार जैन ‘गुरुजी’ सहित कई शिक्षाविदों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के युग में मानवीय मूल्यों और शिक्षक की भूमिका पर अपने विचार साझा किए।
उन्होंने बताया कि शिक्षा में प्रौद्योगिकी के समावेश से सीखने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी हुई है, लेकिन इसके साथ शिक्षक की नैतिक, मानवीय और प्रेरणादायक भूमिका को बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है।
🏅 रत्न सम्मान 2025 से हुए सम्मानित
समारोह में शिक्षक संदर्भ समूह की 15 वर्षों की रचनात्मक यात्रा पर आधारित दो दस्तावेजों का विमोचन भी किया गया।
इसके बाद मुख्य अतिथियों द्वारा इंदौर जिले के तीन उत्कृष्ट शिक्षकों —
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संतोष जैन ‘गुरुजी’,
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श्रीमती कमलेश यदुवंशी,
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श्रीमती उर्मिला सर कानूनगो —
को शॉल, श्रीफल और मोमेंटो प्रदान कर “शिक्षक संदर्भ समूह रत्न सम्मान 2025” से सम्मानित किया गया।
इसके अतिरिक्त, प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए 50 से अधिक शिक्षकों को भी विशेष सम्मान से नवाजा गया।
🙏 समाज की बधाई
इंदौर के वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. जैनेन्द्र जैन, राकेश जैन चेतक, राजेश लारेल, भूपेंद्र जैन, और कमल जैन चैलेंजर सहित जैन समाज के अनेक गणमान्य सदस्यों ने संतोष जैन ‘गुरुजी’ को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी।
समाजजनों ने कहा कि संतोष गुरुजी की यह उपलब्धि न केवल इंदौर के लिए, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के शिक्षकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
🌟 निष्कर्ष
विश्व शिक्षक दिवस 2025 के इस आयोजन ने यह स्पष्ट किया कि आज भी शिक्षा जगत में समर्पित शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
तकनीकी युग में भी मानवता, मूल्य और संवेदना को शिक्षा के केंद्र में रखना ही सच्चे शिक्षक का धर्म है — और संतोष जैन ‘गुरुजी’ जैसे शिक्षकों ने इस आदर्श को अपने कर्म से सिद्ध किया है।
