मुख्यमंत्री कार्यालय की नई कार्यशैली: हर विधानसभा क्षेत्र में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा, योजनाओं का क्रियान्वयन होगा और अधिक पारदर्शी व तेज़
भोपाल, मध्यप्रदेश | 9 अक्टूबर 2025
मध्यप्रदेश सरकार ने प्रशासनिक दक्षता और जनसेवा को नए आयाम देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन नई कार्यशैली (New Working System) लागू करने की घोषणा की है। इस नई प्रणाली का उद्देश्य शासन-प्रशासन में गति, पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाना है ताकि जनता तक योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पहुँच सके।
🔹 मुख्यमंत्री कार्यालय की नई कार्यशैली — प्रशासनिक क्रांति की शुरुआत
राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने बताया कि मुख्यमंत्री के दौरे, घोषणाओं, स्वेच्छानुदान और जनहित योजनाओं से जुड़ी गतिविधियाँ अब अधिक सुव्यवस्थित ढंग से संचालित होंगी। इसके लिए नई कार्यप्रणाली और निगरानी प्रणाली लागू की जा रही है।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों को अब दो चरणों में विभाजित किया गया है —
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प्रारंभिक योजना (Initial Plan)
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मुख्य कार्यक्रम (Main Programme)
प्रारंभिक चरण में, जैसे ही किसी कार्यक्रम का प्रस्ताव प्राप्त होगा, संबंधित जिला प्रशासन को तत्काल प्रतिक्रिया देनी होगी। वहीं मुख्य कार्यक्रम में स्थानीय पहल, सर्किट हाउस में ब्रीफिंग, प्रभावित परिवारों से मुलाकात, तथा संस्थागत निरीक्षण जैसी गतिविधियाँ अनिवार्य रूप से शामिल होंगी।
🔹 दौरे की तैयारी अब दो चरणों में होगी
मुख्यमंत्री के हर दौरे से पहले विस्तृत तैयारियाँ की जाएँगी। आयोजन स्थल पर यातायात व्यवस्था, पार्किंग, पेयजल, स्वच्छता, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया जाएगा।
अब प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि कार्यक्रम स्थल पूरी तरह तैयार हो और जनता को असुविधा न हो।
इस नई प्रणाली से मुख्यमंत्री के दौरे सिर्फ औपचारिक न होकर, जनहित केंद्रित और परिणाममुखी बनेंगे।
🔹 जनहित योजनाओं के क्रियान्वयन में आएगी तेजी
मुख्यमंत्री कार्यालय की नई व्यवस्था का सबसे बड़ा उद्देश्य है — जनहित योजनाओं का त्वरित क्रियान्वयन।
अब मुख्यमंत्री की घोषणाओं और स्वेच्छानुदान से जुड़ी प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया जा रहा है।
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स्वेच्छानुदान के लाभार्थियों को 48 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
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सभी घोषणाएँ मुख्यमंत्री कार्यालय के पोर्टल पर दर्ज होंगी।
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केवल महत्वपूर्ण और प्राथमिकता वाली परियोजनाओं को पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, ताकि अनावश्यक देरी से बचा जा सके।
यह व्यवस्था मुख्यमंत्री कार्यालय और जिला प्रशासन के बीच सीधा समन्वय और त्वरित संचार सुनिश्चित करेगी।
🔹 हर विधानसभा क्षेत्र में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) सुविधा
मध्यप्रदेश सरकार ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्रणाली (VC Facility) स्थापित करने का भी निर्णय लिया है।
इसके लिए हर विधानसभा क्षेत्र को ₹5 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
इस सुविधा से मुख्यमंत्री कार्यालय को सीधा संवाद स्थापित करने में मदद मिलेगी।
अब मुख्यमंत्री सीधे विधानसभा स्तर पर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से जुड़कर योजनाओं की समीक्षा कर सकेंगे।
यह न केवल समय की बचत करेगा बल्कि पारदर्शिता और निगरानी को भी मजबूत बनाएगा।
🔹 अधिकारियों को सौंपी गई नई जिम्मेदारियाँ
नई कार्यशैली को सुचारु रूप से लागू करने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय ने अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियाँ सौंपी हैं —
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आलोक सिंह — समग्र समन्वय (Overall Coordination)
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अरविंद दुबे — घोषणाओं का प्रबंधन (Announcement Management)
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समीर यादव — सुरक्षा व्यवस्था (Security Management)
इन अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि मुख्यमंत्री के दौरे, घोषणाओं और योजनाओं से संबंधित सभी कार्य समय पर और व्यवस्थित रूप से पूरे हों।
🔹 घोषणाओं के प्रबंधन के लिए नई डिजिटल प्रक्रिया
घोषणाओं के लिए अब एक स्पष्ट डिजिटल कार्यप्रणाली (Digital Workflow System) बनाई गई है।
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जिला प्रशासन संभावित घोषणाओं को पहले से मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजेगा।
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पोर्टल पर प्रत्येक घोषणा की स्थिति “Pending”, “Approved”, “In Progress” और “Completed” के रूप में अपडेट होगी।
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मुख्यमंत्री कार्यालय की टीम समय-समय पर इसकी ऑनलाइन मॉनिटरिंग करेगी।
इससे जनता को अपने क्षेत्र की घोषणाओं और योजनाओं की प्रगति की रीयल टाइम जानकारी मिल सकेगी।
🔹 पारदर्शिता और जवाबदेही का नया युग
अतिरिक्त मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने कहा —
“नई प्रणाली से मुख्यमंत्री कार्यालय की गतिविधियाँ अधिक परिणाममुखी, पारदर्शी और जनता केंद्रित होंगी। इससे प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी आएगी और जनता को योजनाओं का लाभ बिना विलंब के मिलेगा।”
यह पहल मुख्यमंत्री की “सुशासन और सेवा” की अवधारणा को और मजबूत करेगी।
🔹 प्रशासनिक व्यवस्था में अपेक्षित बदलाव
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गति और दक्षता में वृद्धि: निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज़ होगी।
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जनता से सीधा संवाद: VC प्रणाली से मुख्यमंत्री और जनता के बीच दूरी घटेगी।
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जवाबदेही सुनिश्चित: हर अधिकारी की भूमिका स्पष्ट होगी।
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डिजिटल ट्रैकिंग: योजनाओं की प्रगति अब ऑनलाइन ट्रैक की जा सकेगी।
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पारदर्शिता और विश्वास: जनता के विश्वास को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम।
🔹 निष्कर्ष
मध्यप्रदेश सरकार की यह नई पहल राज्य प्रशासन के लिए एक मॉडल गवर्नेंस फ्रेमवर्क साबित हो सकती है।
हर विधानसभा क्षेत्र में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा, घोषणाओं का डिजिटल प्रबंधन, और प्रशासनिक जिम्मेदारियों का स्पष्ट वितरण — ये सभी बदलाव जनता तक योजनाओं की पहुँच और गुड गवर्नेंस (Good Governance) के नए मानक स्थापित करेंगे।
