उज्जैन में पुलिस के खिलाफ रील बनाने वाले युवक की आत्महत्या, परिजनों ने किया चक्काजाम; लगाए गंभीर आरोप
उज्जैन, मध्य प्रदेश:
उज्जैन में बुधवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब 19 वर्षीय अभिषेक चौहान ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह वही युवक था जिसने कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर पुलिस के खिलाफ एक वीडियो रील बनाई थी। इस आत्महत्या ने शहर में आक्रोश और तनाव पैदा कर दिया। परिजनों ने शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए, वहीं पुलिस मामले को प्रेम प्रसंग से जोड़कर पेश कर रही है।
पुलिस के खिलाफ वायरल रील और गिरफ्तारी
मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें दो युवक पुलिस को गालियां देते हुए नजर आए। इस वीडियो में अभिषेक चौहान और विक्की राठौड़ शामिल थे। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने दोनों युवकों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद युवकों को समझाइश दी गई और उन्होंने अपनी गलती मानते हुए माफी मांगी। उन्होंने यह अपील भी की कि कोई भी इस तरह की रील सोशल मीडिया पर न बनाए। मंगलवार शाम को दोनों युवकों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां उन्हें जमानत पर भी छोड़ दिया गया।
लेकिन जमानत मिलने के बावजूद, बुधवार सुबह अभिषेक चौहान ने अपने ही घर पर फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर दी।
परिजनों का आरोप: पुलिस द्वारा प्रताड़ना और रुपए वसूली
अभिषेक चौहान के पिता, गोवर्धन लाल चौहान ने मीडिया को बताया कि जमानत मिलने के बाद भी पुलिस द्वारा लगातार बेटे को धमकाया जा रहा था और रुपए की मांग की जा रही थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने खाते से 40,000 रुपये निकालकर पुलिस को भी दिए, लेकिन इसके बावजूद भी प्रताड़ना और धमकियां जारी रहीं।
गोवर्धन लाल ने कहा, “पुलिस ने इतना डराया कि मेरा बेटा अभिषेक चौहान मानसिक रूप से परेशान हो गया और उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।”
परिजन इस बात पर जोर दे रहे हैं कि दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
शव सड़क पर रखकर किया गया प्रदर्शन
अभिषेक चौहान और विक्की राठौड़ को आपत्तिजनक वीडियो बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने गिरफ्तारी के दौरान दोनों युवकों की पिटाई की और 40,000 रुपये भी वसूले।
इस घटना के बाद परिवार ने अपने आक्रोश को व्यक्त करने के लिए आगर रोड पर शव रखकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल तैनात रहा, ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।
परिजन और स्थानीय नागरिक दोनों ने पुलिस की कार्रवाई और व्यवहार को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पैसे लेने के बावजूद पुलिस ने युवकों को इतना डराया कि अभिषेक चौहान ने अपनी जान दे दी।
पुलिस का रुख: प्रेम प्रसंग का हवाला
जबकि मृतक के परिजन पुलिस पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं, पुलिस मामले को प्रेम प्रसंग से जोड़कर पेश कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अभिषेक चौहान की आत्महत्या प्रेम प्रसंग के कारण हुई है।
हालांकि, इस मामले में अभी तक किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
सोशल मीडिया और वायरल वीडियो का प्रभाव
अभिषेक चौहान द्वारा बनाई गई रील सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई। वीडियो में पुलिस को लेकर की गई टिप्पणियों ने सोशल मीडिया पर काफी ध्यान खींचा। सोशल मीडिया पर वायरल होने के तुरंत बाद पुलिस ने कार्रवाई की और दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल कंटेंट के कारण मानसिक दबाव और तनाव बढ़ सकता है, खासकर युवाओं में।
स्थानीय नागरिक और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
स्थानीय नागरिकों ने इस घटना पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि पुलिस और समाज दोनों को युवाओं के साथ संवेदनशील और जिम्मेदार व्यवहार करना चाहिए।
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामले यह दिखाते हैं कि सोशल मीडिया और कानून के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। युवाओं को समझाने और सहयोग देने की जरूरत होती है, न कि डराने या प्रताड़ित करने की।
प्रशासनिक कदम और आगे की कार्रवाई
इस घटना के बाद प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय मीडिया और नागरिक इस मामले पर नजर रखे हुए हैं, और सामाजिक न्याय की मांग कर रहे हैं।
निष्कर्ष
उज्जैन में अभिषेक चौहान की आत्महत्या केवल एक व्यक्तिगत घटना नहीं है, बल्कि यह सोशल मीडिया, पुलिस और युवाओं के बीच बढ़ते तनाव का आईना भी है। परिजन और स्थानीय नागरिक न्याय की मांग कर रहे हैं।
यह घटना यह भी दर्शाती है कि युवाओं को मानसिक दबाव और प्रताड़ना से बचाने के लिए संवेदनशील और जिम्मेदार कदम उठाना जरूरी है।
