इंदौर में फिर ट्रक का कहर: अर्जुन बड़ौद मार्ग पर बेकाबू ट्रक ने मचाई तबाही, दो मासूम गंभीर घायल — स्थानीयों में उबाल
इंदौर, 7 अक्टूबर 2025 (प्रदीप चौधरी):
इंदौर शहर में एक बार फिर बेकाबू ट्रक ने सड़क पर कोहराम मचा दिया। मंगलवार की दोपहर अर्जुन बड़ौद मार्ग पर तेज रफ्तार से आ रहे ट्रक (नंबर एमपी-09 जीएच 3057) ने कई राहगीरों और दोपहिया वाहनों को टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में दो मासूम बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि कई अन्य लोग चोटिल हुए हैं। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने सड़क पर उतरकर प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
हादसे का सिलसिला — पलक झपकते ही मची तबाही
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब ट्रक अर्जुन बड़ौद मार्ग पर तेज रफ्तार में गुजर रहा था। अचानक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे चल रहे लोगों और दोपहिया वाहनों की ओर मुड़ गया। ट्रक की टक्कर इतनी भीषण थी कि कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और कुछ लोगों को दूर तक फेंक दिया गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायलों को उठाया और एंबुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पताल भेजा।
घायलों में दो छोटे बच्चे भी शामिल हैं, जिनकी हालत डॉक्टरों ने गंभीर बताई है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक दोनों बच्चों को आईसीयू में भर्ती कराया गया है और लगातार निगरानी में रखा गया है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई — चालक फरार, वाहन जब्त
हादसे के तुरंत बाद अर्जुन बड़ौद थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया है, लेकिन चालक हादसे के बाद घटनास्थल से फरार हो गया। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि ट्रक की रफ्तार बहुत ज्यादा थी और संभव है कि वाहन का ब्रेक फेल हो गया हो। पुलिस अब चालक की पहचान कर उसकी तलाश में जुट गई है।
थाना प्रभारी ने बताया कि हादसे के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। ट्रक मालिक और चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी जब्त कर लिए हैं ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
स्थानीयों में आक्रोश — सड़क पर उतरे लोग, किया प्रदर्शन
हादसे के बाद आसपास के लोग आक्रोशित हो उठे। बड़ी संख्या में नागरिकों ने सड़क पर उतरकर ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों का कहना है कि अर्जुन बड़ौद मार्ग पर अक्सर भारी वाहनों की आवाजाही रहती है, जबकि यह क्षेत्र घनी आबादी वाला है। स्थानीय निवासियों ने मांग की कि इस मार्ग से भारी वाहनों की एंट्री पर प्रतिबंध लगाया जाए और वैकल्पिक रूट तय किया जाए।
प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित रहा। पुलिस ने समझाइश देकर भीड़ को शांत किया और धीरे-धीरे स्थिति पर नियंत्रण पाया।
प्रशासन का रुख — घायल परिवारों को सहायता और सुरक्षा उपायों का वादा
जिला प्रशासन ने हादसे पर दुख जताते हुए घायलों के इलाज का पूरा खर्च उठाने की घोषणा की है। प्रशासन ने यह भी कहा कि घायलों के परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही, ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि इस मार्ग पर निगरानी बढ़ाई जाए और रफ्तार नियंत्रित करने के लिए स्पीड ब्रेकर एवं सिग्नल सिस्टम को मजबूत किया जाए।
सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल
इंदौर जैसे व्यस्त शहर में इस तरह की घटनाएँ अब आम होती जा रही हैं। पिछले कुछ महीनों में शहर में कई जगह बेकाबू ट्रकों और भारी वाहनों की वजह से दुर्घटनाएँ हुई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन केवल घटनाओं के बाद कार्रवाई करता है, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकालता।
अर्जुन बड़ौद मार्ग का यह हादसा एक बार फिर शहर की सड़क सुरक्षा व्यवस्थाओं पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। लोग अब त्वरित और ठोस कदमों की मांग कर रहे हैं, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
