सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में विज्ञान मेला और स्टार्टअप प्रोजेक्ट्स का शानदार प्रदर्शन
उज्जैन, 06 अक्टूबर। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय ने अपने बायोटेक और जूलॉजी विभाग में “लर्न बाय अर्न (Learn by Earn)” योजना के तहत कलर्स ऑफ़ साइंस 2.0 कार्यक्रम का आयोजन किया। इस विज्ञान मेले ने विश्वविद्यालय परिसर को नवाचार, विज्ञान और सृजनशीलता के रंगों से भर दिया।
कार्यक्रम पूरी तरह विद्यार्थियों द्वारा आयोजित किया गया और इसमें छात्रों ने आत्मनिर्भरता, नेतृत्व और टीमवर्क की उत्कृष्ट मिसाल पेश की। विज्ञान मेला केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों ने स्वनिर्मित उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय कर व्यवहारिक शिक्षा का भी अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया।
प्राणिकी एवं जैवप्रौद्योगिकी अध्ययनशाला के विभागाध्यक्ष डॉ. सलिल सिंह के अनुसार, मेले में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के 30 से अधिक फूड और साइंस प्रोजेक्ट स्टॉल लगाए गए।
कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज ने कहा, “विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है, यह जीवन का वह हिस्सा है जो सोचने, खोजने और समाज को नई दिशा देने की प्रेरणा देता है। कलर्स ऑफ़ साइंस 2.0 जैसे आयोजन विद्यार्थियों की सृजनात्मकता, आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी को निखारते हैं।” उन्होंने यह भी घोषणा की कि मेले में प्रदर्शित कुछ *उत्कृष्ट स्टार्टअप प्रोजेक्ट्स को विश्वविद्यालय शीघ्र रजिस्टर करवाएगा।
मेला में फूड स्टॉल्स भी दर्शकों का आकर्षण बने, जहां विभिन्न राज्यों और देशों के व्यंजन जैसे लिट्टी-चोखा, सोल कड़ी, चाट, डोसा-इडली, माइक्रोग्रीन्स सैंडविच, जापानी सुशी, ह्यूमस ब्रेड और शुगर-फ्री डेज़र्ट पेश किए गए। विद्यार्थियों द्वारा तैयार माइक्रोग्रीन्स और स्मूदी ने स्वास्थ्य और सतत जीवनशैली का संदेश दिया।
साथ ही, विद्यार्थियों ने नवीन वैज्ञानिक प्रकल्प और प्रयोग प्रस्तुत किए। इनमें शामिल थे:
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दृष्टिहीनों के लिए स्मार्ट ब्लाइंड स्टिक (स्टैनफोर्ड इंटरनेशनल स्कूल)
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होम ऑटोमेशन सिस्टम (IoT तकनीक आधारित)
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डिजिटल मेज़रिंग टेप प्रोजेक्ट (अल्ट्रासोनिक सेंसर और LCD डिस्प्ले के साथ)
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डेयरी फार्मिंग एवं बायोगैस आधारित वेस्ट मैनेजमेंट प्रकल्प, जो पर्यावरण-अनुकूल विकास का संदेश देते हैं।

पुरस्कार परिणाम:
कॉलेज स्तर:
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प्रथम पुरस्कार: कृषि उत्पाद (कृषि विभाग)
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द्वितीय पुरस्कार: क्वांटम डॉट्स (अरुणा वर्मा, रसायनशास्त्र विभाग)
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तृतीय पुरस्कार: हर्बल उत्पाद (मेहा शर्मा, पंकज जारोलिया, कायति मिश्रा, अक्षिता – जेएनआईबीएम)
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सांत्वना पुरस्कार: लाइ-फाई प्रोजेक्ट (अनन्या रथ, साक्षी गौतम – फोरेंसिक विभाग)
स्कूल स्तर:
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प्रथम पुरस्कार: स्मार्ट प्लांट हेल्थ मॉनिटरिंग (शौर्य शर्मा, त्रिविद भट्ट – स्टैनफोर्ड इंटरनेशनल स्कूल)
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द्वितीय पुरस्कार: ब्लाइंड स्टिक (गौरंद खंडेलवाल, मोहित माहिम – स्टैनफोर्ड इंटरनेशनल स्कूल)
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तृतीय पुरस्कार: हैंडमेड पेपर (हर्षिता बर्मन – ज्ञान सागर स्कूल)
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सांत्वना पुरस्कार: कूलिंग सिस्टम और ब्लूटूथ स्पीकर (तरुण पमनानी – स्टैनफोर्ड इंटरनेशनल स्कूल)
इस कार्यक्रम की सफलता में डॉ. संतोष ठाकुर, डॉ. शिवी भसीन, डॉ. शीतल चौहान और डॉ. पूर्णिमा त्रिपाठी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार शर्मा, कुलानुशासक प्रो. शैलेन्द्र कुमार शर्मा, वित्त नियंत्रक जे.के. तोमर, और कई अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

