एनएसई की ऐतिहासिक पहल: टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल, नवी मुंबई में जी+11 मंजिला मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल और बोन मैरो ट्रांसप्लांट सेंटर का भूमि पूजन
भोपाल, अक्टूबर 2025:
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनएसई) ने अपनी सीएसआर पहल के तहत टाटा मेमोरियल सेंटर (टीएमसी) के साथ मिलकर नवी मुंबई में एक महत्वाकांक्षी और ऐतिहासिक स्वास्थ्य परियोजना की शुरुआत की है। इस परियोजना के अंतर्गत जी+11 मंजिला मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल ब्लॉक और 60 बिस्तरों वाला बोन मैरो ट्रांसप्लांट (बीएमटी) सेंटर बनाया जाएगा — जो भारत ही नहीं, दक्षिण एशिया के सबसे बड़े केंद्रों में से एक होगा।
लगभग 2.4 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में बनने वाले इस अत्याधुनिक अस्पताल पर करीब ₹380 करोड़ की लागत आएगी। परियोजना का निर्माण लार्सन एंड टुब्रो (एल&टी) द्वारा ईपीसी मोड में किया जाएगा और इसके जुलाई 2027 तक पूर्ण होकर संचालन शुरू होने की उम्मीद है।
एनएसई-टीएमसी साझेदारी: स्वास्थ्य क्षेत्र में नई क्रांति
यह परियोजना नवी मुंबई स्थित एडवांस्ड सेंटर फॉर ट्रीटमेंट, रिसर्च एंड एजुकेशन इन कैंसर (ACTREC) कैंपस में स्थापित की जा रही है। एसीटीआरईसी, टाटा मेमोरियल सेंटर (टीएमसी) का एक अंग है, जो भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) के अधीन एक स्वायत्त संस्था के रूप में कार्यरत है।
यह नया ब्लॉक पूरे एसीटीआरईसी परिसर के लिए आउट-पेशेंट डिपार्टमेंट (ओपीडी) यूनिट के रूप में भी काम करेगा। एनएसई ब्लॉक के साथ-साथ कैंसर उपचार के लिए तीन और इमारतों के निर्माण की भी योजना है।
बेहतर स्वास्थ्य सेवा की दिशा में मजबूत कदम
नया एनएसई ब्लॉक कैंसर से पीड़ित उन मरीजों को सामान्य और सुपर-स्पेशियलिटी उपचार प्रदान करेगा, जिन्हें कैंसर के अलावा हृदय, फेफड़ों, गुर्दे, पाचन तंत्र या तंत्रिका तंत्र से जुड़ी अन्य बीमारियाँ हैं।
सबसे खास बात यह है कि यहाँ उपलब्ध बोन मैरो ट्रांसप्लांट (बीएमटी) यूनिट में यह जटिल और जीवनरक्षक इलाज मुफ्त या रियायती दरों पर प्रदान किया जाएगा।
परियोजना की प्रगति और स्वीकृतियाँ
एनएसई बोर्ड ने मार्च 2023 में इस परियोजना को मंजूरी दी थी और टाटा मेमोरियल सेंटर के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए थे।
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पर्यावरण स्वीकृति (EC): 11 सितंबर 2025
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निर्माण की अनुमति (CIDCO प्रमाणपत्र): 1 अक्टूबर 2025
भूमि पूजन समारोह एनएसई और टीएमसी के वरिष्ठ अधिकारियों तथा गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
नेताओं के विचार
एनएसई के एमडी एवं सीईओ, श्री आशिष कुमार चौहान ने कहा:
“एनएसई को गर्व है कि वह टाटा मेमोरियल सेंटर के साथ मिलकर भारत में कैंसर उपचार के क्षेत्र में नई दिशा स्थापित कर रहा है। यह प्रोजेक्ट हज़ारों मरीजों और उनके परिवारों के जीवन पर गहरा और सकारात्मक प्रभाव डालेगा। एनएसई ने पिछले तीन दशकों में भारत के वित्तीय क्षेत्र को रूपांतरित किया है; अब हम उसी परिवर्तनकारी भावना के साथ स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को सशक्त करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।”
टीएमसी के डायरेक्टर, डॉ. सुदीप गुप्ता ने कहा:
“यह नया हॉस्पिटल ब्लॉक कैंसर मरीजों के लिए उन अतिरिक्त उपचार सेवाओं की कमी को पूरा करेगा, जो पहले अन्य अस्पतालों में ही उपलब्ध थीं। 60 बिस्तरों वाला बीएमटी यूनिट एसीटीआरईसी को दक्षिण एशिया के सबसे बड़े ट्रांसप्लांट केंद्रों में शामिल करेगा।”
एसीटीआरईसी के डायरेक्टर, डॉ. पंकज चतुर्वेदी ने कहा:
“टाटा मेमोरियल सेंटर हमेशा से समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सस्ती और उन्नत कैंसर चिकित्सा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। यह परियोजना उन मरीजों के लिए राहत लेकर आएगी जिन्हें कैंसर के साथ अन्य जटिल बीमारियों से भी जूझना पड़ता है।”
एसीटीआरईसी के उपनिदेशक और बीएमटी विशेषज्ञ, डॉ. नवीन खत्री ने जोड़ा:
“बोन मैरो ट्रांसप्लांट एक जटिल और महंगी प्रक्रिया है, जिसके लिए हजारों मरीज इंतजार में हैं। यह नई 60-बेड यूनिट न केवल उनकी उम्मीदों को साकार करेगी, बल्कि अत्यंत रियायती दरों पर जीवनरक्षक उपचार उपलब्ध कराएगी।”
भारत के स्वास्थ्य परिदृश्य में नया अध्याय
नवी मुंबई स्थित एसीटीआरईसी कैंपस में बन रहा यह मल्टीस्पेशियलिटी ओपीडी हॉस्पिटल ब्लॉक सस्ती, सुलभ और उच्च गुणवत्ता वाली कैंसर देखभाल का नया मानक स्थापित करेगा।
एनएसई और टीएमसी की यह साझेदारी भारत में कैंसर उपचार और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक माइलस्टोन साबित होगी।
