मप्र की सियासत में हाई वोल्टेज ड्रामा: नाराज़ MLA को खुद वापस लेकर लौटे सिंधिया
ग्वालियर, 3 अक्टूबर: मध्यप्रदेश की सियासत में आज एक बार फिर हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। कलेक्ट्रेट में होने वाली समीक्षा बैठक से पहले कांग्रेस MLA सतीश सिकरवार और तहसीलदार के बीच हुए विवाद ने पूरे हालात को तनावपूर्ण बना दिया।
क्या हुआ था?
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के विधायक सतीश सिकरवार जब ग्वालियर कलेक्ट्रेट पहुंचे, तो उन्हें तहसीलदार कुलदीप दुबे ने मुख्य प्रवेश द्वार से नहीं बल्कि अन्य गेट से अंदर जाने को कहा। इस आदेश और व्यवहार से विधायक सिकरवार बेहद नाराज़ हो गए। उन्होंने बैठक में शामिल होने की बजाय अपनी गाड़ी में बैठकर सीधे घर लौटने का निर्णय लिया।
सिंधिया की एंट्री और सियासी मोड़
जैसे ही MLA सिकरवार घर जाने की राह पर थे, उनकी मुलाकात केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से हुई। सिंधिया ने तुरंत स्थिति को भांपते हुए विधायक से बातचीत की और उन्हें शांत किया। इसके बाद उन्होंने खुद MLA को बैठक में लेकर जाने का जिम्मा उठाया।
इस घटना ने न सिर्फ बैठक का माहौल बदल दिया बल्कि मध्यप्रदेश की सियासत में एक नया सियासी नज़ारा पेश किया।
राजनीति पर असर
इस पूरे घटनाक्रम ने संकेत दिया कि राज्य में राजनीतिक समीक्षाएँ और बैठकें सिर्फ ब्रीफिंग या रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं रह जातीं, बल्कि कभी-कभी व्यक्तिगत संघर्ष और सियासी समझौते भी इसमें शामिल हो जाते हैं। इस हाई वोल्टेज ड्रामा ने ग्वालियर कलेक्ट्रेट में उपस्थित सभी नेताओं और अफसरों की नजरों को आकर्षित किया।
सिंधिया ने इस मौके पर न केवल MLA को मनाया, बल्कि कांग्रेस पर भी जोरदार हमला बोलते हुए सियासी संदेश दिया कि उन्हें सियासत में किसी भी परिस्थिति को संभालने की पूरी जानकारी और क्षमता है।

