सिंधिया परिवार ने शाही अंदाज़ में किया शस्त्र पूजन, ग्वालियर में दिखी परंपरा और आस्था की झलक
ग्वालियर। विजयादशमी (दशहरा) के अवसर पर ग्वालियर के राजपरिवार की परंपरा एक बार फिर जीवंत हुई। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और सिंधिया परिवार ने शाही रीति-रिवाज़ों के साथ शस्त्र पूजन किया। ऐतिहासिक जयविलास पैलेस में आयोजित इस पारंपरिक अनुष्ठान में परिवारजन, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
शाही परंपरा का निर्वाह
ग्वालियर राजघराने में दशहरे के दिन शस्त्र पूजन की परंपरा सदियों से चली आ रही है। महाराज माधवराव सिंधिया के समय से आरंभ हुई इस परंपरा को आज भी पूरे वैभव और शाही अंदाज़ के साथ निभाया जाता है। रविवार को जब सिंधिया परिवार पारंपरिक परिधान पहनकर पूजन स्थल पर पहुँचा, तो पूरा वातावरण भक्तिमय और गरिमामयी हो उठा।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किया शस्त्र पूजन
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने विधि-विधान से तलवार, भाले और अन्य शस्त्रों का पूजन किया। उन्होंने नारियल फोड़कर और पुष्प अर्पित कर परंपरा का निर्वहन किया। पूजन के बाद सिंधिया ने कहा कि “शस्त्र केवल शक्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि धर्म, कर्तव्य और न्याय की रक्षा का संकल्प भी हैं। दशहरा हमें असत्य और अधर्म पर विजय का संदेश देता है।”
भव्य शोभायात्रा और तोपों की सलामी
पूजन कार्यक्रम के बाद शाही तोपों से सलामी दी गई। परंपरा अनुसार राजपरिवार के अस्तबल से सजे-धजे घोड़े भी निकाले गए और राजमहल प्रांगण में उनकी परिक्रमा कराई गई। कई स्थानीय बैंड और ढोल-नगाड़ों की धुन पर शोभायात्रा का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए।
परिवार की उपस्थिति
पूरे कार्यक्रम में सिंधिया परिवार की महिलाएँ और बच्चे भी पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। पूजन के दौरान सिंधिया की धर्मपत्नी प्रियदर्शिनी राजे सिंधिया और अन्य परिवारजन मौजूद रहे। उन्होंने माता दुर्गा की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर आशीर्वाद लिया।
श्रद्धालुओं की भीड़
जयविलास पैलेस और आसपास के क्षेत्रों में हजारों लोग इस परंपरा को देखने के लिए इकट्ठा हुए। दशहरा उत्सव के दौरान राजपरिवार की झलक पाने के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला।


