इजरायल-हमास युद्ध समाप्त करने की पहल, ट्रंप के शांति प्रस्ताव का पीएम मोदी ने किया स्वागत
नई दिल्ली। गाजा में लंबे समय से जारी इजरायल-हमास संघर्ष को खत्म करने की उम्मीद अब और मजबूत हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध विराम और स्थायी समाधान के लिए एक व्यापक 20 सूत्रीय शांति प्रस्ताव पेश किया है। भारत ने इस कदम का समर्थन करते हुए इसे सराहनीय पहल बताया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत, राष्ट्रपति ट्रंप की उस घोषणा का स्वागत करता है जिसमें गाजा संघर्ष को समाप्त करने का रोडमैप पेश किया गया है। मोदी ने इसे इजरायल, फिलिस्तीन और पूरे पश्चिम एशिया के लिए स्थायी शांति, सुरक्षा और विकास की ओर बढ़ने का व्यावहारिक मार्ग करार दिया।
पीएम मोदी ने उम्मीद जताई कि सभी संबंधित पक्ष ट्रंप की इस पहल के साथ आएंगे और युद्ध को समाप्त कर शांति सुनिश्चित करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
ट्रंप का 20 सूत्रीय शांति प्रस्ताव
वॉशिंगटन से जारी इस प्रस्ताव के मुख्य बिंदु:
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गाजा में तत्काल युद्धविराम लागू हो।
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सभी बंधकों की रिहाई 72 घंटों में सुनिश्चित की जाए।
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इजरायल गाजा पर कब्जा नहीं करेगा और किसी भी नागरिक को जबरन विस्थापित नहीं किया जाएगा।
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गाजा की प्रशासनिक व्यवस्था के लिए एक अस्थायी तकनीकी सरकार गठित होगी।
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गाजा के पुनर्निर्माण और आर्थिक सहायता के लिए “बोर्ड ऑफ पीस” नामक अंतरराष्ट्रीय संस्था बनेगी। इसका नेतृत्व ट्रंप करेंगे, जिसमें पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर भी शामिल होंगे।
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यह संस्था तब तक काम करेगी जब तक फिलिस्तीनी प्राधिकरण सुधार कर शासन की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार नहीं हो जाता।
ट्रंप का स्पष्ट संदेश
प्रस्ताव पेश करने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर हमास इस योजना को स्वीकार करता है, तो युद्ध रुक जाएगा और सभी बंधक रिहा कर दिए जाएंगे। लेकिन यदि इसे ठुकरा दिया गया तो अमेरिका, इजरायल को हर संभव समर्थन देगा ताकि वह हमास के खतरे को पूरी तरह खत्म कर सके।
👉 इस तरह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गाजा संघर्ष को खत्म करने के लिए नई उम्मीद की किरण दिखाई दी है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इजरायल और हमास इस प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाते हैं।

