घर-घर मां जिनवाणी प्रतिष्ठा महोत्सव : इंदौर में ऐतिहासिक आयोजन 28 सितंबर को
इंदौर, 23 सितंबर 2025 – एक सदी के लंबे अंतराल के बाद दिगंबर जैन समाज को एक अनूठा सौभाग्य प्राप्त होने जा रहा है। परम पूज्य अंतर्मुखी संत मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज के पावन सान्निध्य में “मां जिनवाणी प्राण प्रतिष्ठा महामहोत्सव” का आयोजन रविवार, 28 सितंबर को खेल प्रशाल, इंदौर में संपूर्ण विधि-विधान के साथ विश्व में प्रथम बार होगा।
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य घर-घर में जिनवाणी प्रतिष्ठित कर परिवारों को धर्म, संस्कृति और संस्कारों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि जिनवाणी को पूजास्थल पर विराजित करने से घरों के वास्तुदोष दूर होंगे और परिवार धर्म साधना से लाभान्वित होंगे।
गुरुदेव मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज ने समाज को संबोधित करते हुए कहा –
“आज की पीढ़ी मंदिरों में तीर्थंकर भगवान की मूर्तियों के दर्शन तो करती है, लेकिन जिनवाणी के महत्व से अनभिज्ञ है। जब बच्चे अपने घरों में जिनवाणी का वंदन करेंगे, तो उनमें धर्मग्रंथों के अध्ययन की उत्सुकता बढ़ेगी। जैसे गीता, कुरान, बाइबल और गुरु ग्रंथ साहिब अपने-अपने धर्म में सर्वोपरि हैं, वैसे ही जैन धर्म में 24 तीर्थंकरों के उपदेशों का संकलन जिनवाणी है।”
उन्होंने आगे कहा कि बुजुर्गजन जो मंदिर नहीं जा पाते, वे अपने घर में विराजमान जिनवाणी के दर्शन कर धर्मलाभ प्राप्त कर सकते हैं। दीपावली महापर्व पर जिनवाणी पूजन को भी समाज को विशेष रूप से अपनाना चाहिए।
आयोजन समिति के प्रमुख संदीप जैन मोर्या, अमित कासलीवाल, नरेन्द्र वेद, भरत जैन और श्रीमती रेखा संजय जैन ने पूरे समाज से आह्वान किया कि इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनकर अपने जीवन को धन्य करें।
जैन समाज की पहचान उसके आगम धर्मग्रंथों से है, जिनमें अनंत ज्ञान, करुणा और मोक्षमार्ग का अमूल्य भंडार समाहित है। गुरुदेव मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज इस धरोहर को संरक्षित करते हुए समाज में धर्म, संस्कृति और सेवा का संदेश निरंतर फैलाते आ रहे हैं।

