सिंहस्थ के निर्माण कार्यों का वरिष्ठ अधिकारी लगातार करें निरीक्षण: नगरीय प्रशासन मंत्री श्री विजयवर्गीय
गुणवत्ता के साथ तय समय पर पूरे हों निर्माण कार्य
मंत्रालय में विभागवार सिंहस्थ कार्यों की हुई समीक्षा
उज्जैन, 23 सितम्बर 2025: नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे सिंहस्थ के निर्माण कार्यों का स्वयं उज्जैन जाकर नियमित निरीक्षण करें। मंत्री श्री विजयवर्गीय सोमवार को मंत्रालय में हुई समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाना चाहिए। बैठक में बताया गया कि लगभग 11,909 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विभागों के 132 कार्यों को मंत्री-मंडलीय समिति की अनुशंसा प्राप्त हो चुकी है। यह कार्य सिंहस्थ आयोजन और संबंधित विभागों की बजट मद से किए जा रहे हैं। इन कार्यों के लिए अब तक करीब 673 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है।
वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ में संस्कृति एवं नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा पीपीपी मोड (PPP Mode) में होने वाले कार्यों को भी मंजूरी दी गई है।
मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि सिंहस्थ में आने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए राज्य सरकार की ओर से संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने आयोजन की बेहतर व्यवस्था के लिए विभिन्न विभागों के साथ लगातार बैठक करने के निर्देश दिए।
बैठक में रेलवे द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि मेला क्षेत्र में ट्रेन से आने वाले यात्रियों के लिए रेलवे स्टेशन के पास पर्याप्त स्नान-गृह और सुलभ कॉम्प्लेक्स की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने उज्जैन से जुड़े धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाली सड़कों के चौड़ीकरण कार्य को प्राथमिकता देने, आकस्मिक सेवाओं जैसे अग्निशमन, स्वास्थ्य और पेयजल व्यवस्थाओं की जानकारी लेने का भी निर्देश दिया। मंत्री ने मेला क्षेत्र की मेपिंग का कार्य समय पर पूरा करने और यातायात को सुगम बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही।
सिंहस्थ में कान्ह नदी के डायवर्सन, क्षिप्रा नदी में जल प्रवाह की निरंतरता और घाट निर्माण से जुड़ी जानकारी भी मंत्री ने प्राप्त की। उन्होंने उज्जैन संभाग के बस स्टैण्ड के उन्नयन की योजनाओं की समीक्षा की।
अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे ने बताया कि रेलवे की बेहतर व्यवस्था के लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर केंद्रीय रेलवे मंत्रालय को भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों को मंजूरी मिल चुकी है, संबंधित एजेंसियों को डीपीआर (DPR) तैयार कर जल्द काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण और व्यवस्थागत सभी कार्य दिसंबर 2027 तक पूरा किए जाएंगे।
नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने बताया कि ऊर्जा विभाग के 329 करोड़ रुपये के कार्यों को मंजूरी दी जा चुकी है। इंदौर-उज्जैन मार्ग का 6 लेन चौड़ीकरण कार्य 1,692 करोड़ रुपये और इंदौर-उज्जैन वैकल्पिक मार्ग का 4 लेन, लंबाई 49 किलोमीटर का कार्य 950 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी प्राप्त है। बैठक में संस्कृति, पर्यटन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई।

