GST से पहले कंपनियां ऐसे बचाती थीं टैक्स, यूरोप भेजकर मंगवाती थीं सामान | PM मोदी का बड़ा खुलासा
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार शाम 5 बजे देश को संबोधित करते हुए GST Reforms और नई टैक्स दरों पर विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि 2014 से पहले भारत का टैक्स सिस्टम बेहद जटिल और उलझा हुआ था। उस समय कंपनियों को एक राज्य से दूसरे राज्य सामान भेजने में इतनी मुश्किल होती थी कि कई कंपनियां सामान को पहले यूरोप भेजती थीं और फिर भारत वापस मंगवाती थीं।
2014 से पहले टैक्स सिस्टम क्यों था जटिल?
पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले व्यापारियों को सेल्स टैक्स, एंट्री टैक्स, एक्साइज ड्यूटी, सर्विस टैक्स और वैट जैसे दर्जनों टैक्स देने पड़ते थे।
- राज्यों के अलग-अलग टैक्स नियमों और
- ढेर सारे फॉर्म भरने की मजबूरी ने कारोबार को महंगा और कठिन बना दिया था।
इसी वजह से एक कंपनी के लिए बेंगलुरु से हैदराबाद (570 किमी) सामान भेजने की लागत इतनी ज्यादा हो जाती थी कि वह पहले उसे यूरोप भेजती और फिर वहीं से भारत मंगवाती थी।
GST से कैसे मिला व्यापार को फायदा?
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2017 में GST लागू होने के बाद पूरे देश में एक समान टैक्स व्यवस्था बनी।
- अब 99% रोजमर्रा की चीजें सिर्फ 5% टैक्स के दायरे में हैं।
- राज्यों के बीच सामान भेजना आसान हो गया है।
- टैक्स का बोझ कम होने से आम आदमी की बचत बढ़ी है और कारोबार सरल हुआ है।
पीएम मोदी का ‘GST बचत उत्सव’ ऐलान
प्रधानमंत्री ने कहा कि 22 सितंबर से देशभर में GST बचत उत्सव शुरू हो रहा है।
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इससे हर परिवार को फायदा होगा और रोजमर्रा की चीजें और सस्ती होंगी।
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उन्होंने कहा कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मेड इन इंडिया और स्वदेशी उत्पादों को अपनाना जरूरी है।
पीएम मोदी के संबोधन की 10 बड़ी बातें
- कल से GST बचत उत्सव शुरू होगा, आम आदमी को बड़ी राहत मिलेगी।
- देश की विकास दर और तेज होगी, कारोबार आसान बनेगा।
- टैक्स सिस्टम को सरल बनाने के लिए 2017 में ऐतिहासिक सुधार हुआ।
- अब देश में एक समान टैक्स व्यवस्था लागू है।
- 99% चीजों पर सिर्फ 5% टैक्स, ज्यादातर सामान टैक्स फ्री।
- मिडिल क्लास को इनकम टैक्स में भी बड़ी राहत मिली (12 लाख तक टैक्स लाभ)।
- नए GST रेट से 2.5 लाख करोड़ की बचत होगी।
- रोजमर्रा की जरूरतें पहले से ज्यादा सस्ती होंगी।
- दुकानदार और व्यापारी GST सुधारों से उत्साहित।
- पीएम ने अपील की – स्वदेशी सामान खरीदें और हर घर को आत्मनिर्भर बनाएं।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री मोदी के मुताबिक GST ने भारत की टैक्स व्यवस्था को सरल और पारदर्शी बनाया है। पहले कंपनियां टैक्स बचाने और लॉजिस्टिक की दिक्कतों से जूझ रही थीं, लेकिन अब कारोबारियों और आम लोगों दोनों को राहत मिली है।
👉 नई GST दरें 22 सितंबर से लागू हो रही हैं, जिससे हर परिवार को बड़ी बचत और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

