उद्योगों के प्रदूषण से बंजर हो रही जमीन, किसानों ने उज्जैन कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
नागदा (उज्जैन समाचार):
नागदा क्षेत्र में संचालित उद्योगों से निकल रहे रासायनिक अपशिष्ट के कारण किसानों की जमीनें बंजर होती जा रही हैं और ग्रामीणजन गंभीर बीमारियों की चपेट में हैं। इसी मुद्दे को लेकर भारतीय किसान यूनियन मंच के प्रदेश अध्यक्ष कवि देव सिंह गुर्जर और राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र सिंह गुर्जर ने मंगलवार को उज्जैन जिलाधीश को ज्ञापन सौंपा।
किसानों का आरोप है कि नागदा स्थित ग्रेसिम, केमिकल और लैक्सेस उद्योगों से निकलने वाला वेस्ट वाटर सीधे चंबल नदी और तालाबों में छोड़ा जा रहा है। इससे न सिर्फ फसलें नष्ट हो रही हैं और जमीन बंजर बन रही है, बल्कि ग्रामीणों को लकवा, विकलांगता और अन्य गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है।
14 गांव प्रभावित, पशुओं की भी मौत
ज्ञापन में बताया गया कि परमार खेड़ी, भगतपुरी, किलोडीथा, जूना नागदा और गीदगढ़ समेत 14 गांवों की जमीनें पूरी तरह प्रभावित हो चुकी हैं। हाल ही में प्रदूषित पानी पीने से कई गाय-भैंस की मौत भी हुई, जिसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में केमिकलयुक्त पानी को कारण बताया गया।
किसानों का आक्रोश और विभाग की लापरवाही
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार अनुविभागीय अधिकारी और प्रदूषण नियंत्रण विभाग को शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जांच रिपोर्ट भी दबा दी गई है। इस कारण किसानों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
मौजूद रहे किसान नेता
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष कवि देव सिंह गुर्जर, राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र सिंह गुर्जर और चैनसिंह शेखपुर उपस्थित रहे।
📅 तारीख: 16 सितंबर 2025
📞 संपर्क: कवि देव सिंह गुर्जर (मो. 81205 72549)
✍️ संवाददाता: जीवन लाल जैन, नागदा
