प्रधानमंत्री मोदी 17 सितंबर को धार में 8 बड़ी सौगात देंगे। पीएम मित्रा पार्क का शिलान्यास, पोषण माह शुभारंभ और 6 लाख किसानों को मिलेगा फायदा।
धार (मध्यप्रदेश), सितंबर 2025।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने जन्मदिन 17 सितंबर को मध्यप्रदेश के धार जिले के भैसोला गांव पहुंचने वाले हैं। यह दौरा प्रदेश के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि पीएम मोदी यहां से प्रदेश और देश को 8 बड़ी सौगातें देंगे। कार्यक्रम लगभग चार घंटे तक चलेगा और इसमें लाखों किसानों व महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
पीएम मित्रा पार्क का शिलान्यास
इस दौरे की सबसे बड़ी घोषणा पीएम मित्रा पार्क का शिलान्यास है, जिसे देश में सबसे पहले मध्यप्रदेश में शुरू किया जाएगा। यह पार्क कॉटन उद्योगों को नई दिशा देगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि इस परियोजना से धार, रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर, खरगोन और बड़वानी जिलों के लगभग 6 लाख कपास उत्पादक किसानों को सीधा लाभ होगा। कपास आधारित उद्योगों की चेन बनने से क्षेत्रीय रोजगार और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
महिलाओं और स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाएं
प्रधानमंत्री मोदी इस अवसर पर पोषण माह 2025 का शुभारंभ करेंगे। साथ ही,
- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) की नई किस्त लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर की जाएगी।
- स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान और सुमन सखी चैटबॉट सेवा की शुरुआत होगी।
- सिकल सेल स्क्रीनिंग कार्ड का वितरण किया जाएगा।
- महिला लाभार्थियों को पौधों का वितरण कर पर्यावरण व आजीविका दोनों को बढ़ावा दिया जाएगा।
आदि कर्मयोगी अभियान
मोदी सरकार आदिवासी क्षेत्र के विकास को नई पहचान देने के लिए आदि कर्मयोगी अभियान के तहत आदि सेवा पर्व की भी शुरुआत करेगी। इसका मकसद है कि स्थानीय समुदायों को विकास कार्यों में भागीदार बनाया जाए।
तैयारियां और राजनीतिक संदेश
धार जिले में कार्यक्रम की तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। सीएम मोहन यादव ने प्रशासनिक अधिकारियों और भाजपा संगठन के नेताओं के साथ समीक्षा की।
सीएम ने कहा कि कांग्रेस ने वर्षों तक यहां की राजनीति को केवल आदिवासी वोटबैंक के तौर पर इस्तेमाल किया, लेकिन भाजपा अब इस क्षेत्र को विकास की नई पहचान देने के लिए काम कर रही है।
निष्कर्ष
पीएम मोदी का यह दौरा न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पीएम मित्रा पार्क से जहां किसानों की आय और रोजगार में बढ़ोतरी होगी, वहीं महिलाओं और आदिवासी समाज के लिए शुरू की जा रही नई योजनाएं सामाजिक बदलाव की दिशा में अहम साबित होंगी।

