MP News: 46 साल बाद दमोह कलेक्टर की कुर्सी पर महिला अफसर, आईएएस मिशा सिंह ने संभाला प्रभार
दमोह (मध्यप्रदेश)। इतिहास दोहराया गया है। 46 वर्षों बाद दमोह जिले में किसी महिला अफसर ने कलेक्टर की कुर्सी संभाली है। शासन ने 2016 बैच की IAS अधिकारी मिशा सिंह को 10 दिनों के लिए प्रभारी कलेक्टर नियुक्त किया है। इससे पहले 1979 में ताजवर रहमान दमोह की पहली और आखिरी महिला कलेक्टर बनी थीं।
1956 से अब तक दमोह कलेक्टर का सफर
दमोह जिला 1 अक्टूबर 1956 को अस्तित्व में आया था। पहले कलेक्टर एस.एन. रावरा थे, जिन्होंने 14 सितंबर 1958 तक पदभार संभाला।
इसके बाद लगातार पुरुष अफसर ही कलेक्टर नियुक्त होते रहे।
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23 साल बाद बदलाव: 8 जनवरी 1979 को ताजवर रहमान को कलेक्टर बनाया गया।
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उन्होंने 17 महीने तक जिम्मेदारी निभाई और 5 अगस्त 1980 को उनका तबादला हो गया।
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तब से लेकर अब तक दमोह में कुल 43 कलेक्टर पदस्थ हुए, लेकिन उनमें कोई भी महिला शामिल नहीं रही।
आईएएस मिशा सिंह बनीं 46 साल बाद दूसरी महिला कलेक्टर
दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर 10 दिनों के लिए विदेश दौरे पर गए हैं। इस बीच शासन ने जबलपुर में पदस्थ अपर कलेक्टर मिशा सिंह को प्रभारी कलेक्टर का प्रभार सौंपा है।
इस तरह, 46 वर्षों बाद दमोह में महिला अफसर कलेक्टर की कुर्सी पर बैठीं हैं।
मिशा सिंह की पृष्ठभूमि
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आईएएस बैच: 2016
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वर्तमान पद: अपर कलेक्टर, जबलपुर
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पूर्व पद: दो वर्षों तक जिला पंचायत जबलपुर की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO)
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मूल निवासी: लखनऊ, उत्तर प्रदेश
दमोह में विकास की संभावनाएं
अनौपचारिक चर्चा में कलेक्टर मिशा सिंह ने कहा कि दमोह जिले में विकास की अपार संभावनाएं हैं।
उन्होंने आश्वासन दिया कि –
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शासन की सभी योजनाओं को पूरी गति मिलेगी।
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प्रभार के दौरान कोई भी कार्य बाधित नहीं होगा।
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प्रशासनिक स्तर पर अच्छे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
