नेपाल का नया प्रधानमंत्री कौन बनेगा? सुशीला कार्की का नाम अटका, Gen Z आंदोलन ने बढ़ाई सियासी हलचल | Nepal Gen Z Protest Latest News
नेपाल में इस वक्त गहरी राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिल रही है। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (KP Sharma Oli) ने पूरे कैबिनेट के साथ इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद सवाल यह उठ रहा है कि नेपाल का नया प्रधानमंत्री कौन होगा? पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की (Sushila Karki) का नाम सामने आया था, लेकिन Gen Z आंदोलनकारियों के विरोध के चलते उनकी उम्मीदवारी पर सहमति नहीं बन पाई है। फिलहाल, नेपाल में सुरक्षा की कमान सेना ने संभाल रखी है और कर्फ्यू जैसे हालात बने हुए हैं।
नेपाल Gen Z Protest क्यों भड़का?
नेपाल का Gen Z आंदोलन अचानक नहीं फूटा। युवाओं का गुस्सा लंबे समय से अंदर ही अंदर सुलग रहा था।
- भ्रष्टाचार, घोटाले और नेताओं की मनमानी चरम पर थी।
- नेताओं के बच्चे विदेशों में महंगी प्रॉपर्टी खरीद रहे थे, जबकि आम जनता बेरोजगारी और शिक्षा की किल्लत से जूझ रही थी।
- सरकार ने जब सोशल मीडिया पर बैन लगाया, तो यह आग भड़क उठी।
- जनता ने इसे अपनी आवाज दबाने की कोशिश माना और सड़कों पर उतर आई।

नेपाल में हालात कैसे बिगड़े?
सोमवार को काठमांडू और अन्य शहरों में विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए। पुलिस की फायरिंग में 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और 300 से अधिक लोग घायल हो गए। हालात काबू से बाहर होते देख सरकार ने कर्फ्यू लागू कर दिया।
सेना की एंट्री और सरकार का इस्तीफा
बढ़ते विरोध और हिंसा को देखते हुए नेपाली सेना ने सुरक्षा की जिम्मेदारी अपने हाथ में ले ली है। इसी बीच प्रधानमंत्री ओली ने कैबिनेट के साथ इस्तीफा दे दिया। यहां तक कि नेपाल के राष्ट्रपति ने भी इस्तीफा दे दिया है।
काठमांडू के मेयर बालेंद्र शाह (Balen Shah) क्यों बने युवाओं की उम्मीद?
- काठमांडू के मेयर और इंजीनियर-रैपर बालेंद्र शाह (Balendra Shah) युवाओं में बेहद लोकप्रिय हैं।
- 2022 में बतौर निर्दलीय मेयर बने बालेन ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई।
- टाइम मैगजीन ने उन्हें Top-100 Emerging Leaders की सूची में शामिल किया था।
- सोशल मीडिया पर युवाओं ने उनसे मेयर पद छोड़कर राष्ट्रीय नेतृत्व संभालने की मांग की है।
सुशीला कार्की का नाम क्यों अटका?
नेपाल की पहली महिला चीफ जस्टिस सुशीला कार्की का नाम अंतरिम प्रधानमंत्री के लिए चर्चा में आया। लेकिन, Gen Z आंदोलनकारियों ने इसे खारिज कर दिया और कहा कि उन्हें किसी भी पुराने राजनीतिक चेहरे पर भरोसा नहीं है।
भारतीय नागरिक सुरक्षित
नेपाल में चल रही हिंसा और विरोध के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि सभी भारतीय नागरिक घर के अंदर रहें और दूतावास के हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें:
- +977–980 860 2881
- +977–981 032 6134 (WhatsApp पर भी उपलब्ध)
निष्कर्ष: नेपाल में सत्ता संकट गहराया
नेपाल में Gen Z आंदोलन केवल राजनीतिक असंतोष नहीं, बल्कि एक सामाजिक क्रांति है। जनता अब पुराने नेताओं और भ्रष्ट व्यवस्था को स्वीकार करने के मूड में नहीं है। सवाल यह है कि क्या नेपाल का अगला प्रधानमंत्री Gen Z की उम्मीदों पर खरा उतर पाएगा या देश में और अस्थिरता देखने को मिलेगी।
