—Advertisement—

“दहेगाँव गोवारी कोयला ब्लॉक: नागपुर में भूमिगत खनन परियोजना की पर्यावरणीय लोक सुनवाई सम्पन्न”

Author Picture
Published On: 10 September 2025
WhatsApp Image 2025 09 10 at 5.59.04 AM1

—Advertisement—

दहेगाँव गोवारी कोयला ब्लॉक भूमिगत खनन परियोजना की पर्यावरणीय लोक सुनवाई सम्पन्न

* स्थानीय समुदाय ने परियोजना का खुलकर समर्थन किया
* भूमिगत खनन से रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे
* कंपनी ने सामुदायिक विकास और पर्यावरणीय संरक्षण की प्रतिबद्धता जताई

नागपुर, महाराष्ट्र, 10 सितम्बर, 2025: नागपुर जिले के वलानी क्षेत्र में प्रस्तावित दहेगाँव गोवारी कोयला ब्लॉक भूमिगत खनन परियोजना के लिए आयोजित पर्यावरणीय लोक सुनवाई सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई।

यह लोक सुनवाई निवासी उप जिलाधिकारी, नागपुर जिला श्री अनुप खांडे; प्रादेशिक अधिकारी, महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल, नागपुर श्रीमती हेमा देशपांडे; उपक्षेत्रीय अधिकारी, महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल, नागपुर श्रीमती धनश्री पाटील समेत स्थानीय लोगों की उपस्थिति में हुई।

कुल 1,562 हेक्टेयर क्षेत्र में से महज़ 24.05 हेक्टेयर खनन संचालन और हरित पट्टिका विकास के लिए उपयोग किया जाएगा। भूमिगत खनन होने के कारण न तो पुनर्वास की आवश्यकता होगी और न ही सतह पर किसी प्रकार का धसाव होगा। सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ माइनिंग एंड फ्यूल रिसर्च, धनबाद के अध्ययन अनुसार परियोजना का पर्यावरणीय प्रभाव न्यूनतम रहेगा।

यह परियोजना स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगी। अनुमानित रूप से 700 प्रत्यक्ष और 1,600 अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे, जिससे स्थानीय लोगों को आजीविका के अवसर प्राप्त होंगे। निर्माण काल में ट्रैक्टर, खुदाई यंत्र और अन्य वाहन सेवाओं के माध्यम से भी रोजगार सृजित होंगे।

परियोजना की उत्पादन क्षमता 1.0 मिलियन टन प्रति वर्ष निर्धारित की गई है। खनन क्षेत्र में कुल 189.74 मिलियन टन भू-वैज्ञानिक भंडार हैं, जिनमें से 79.537 मिलियन टन खनन योग्य और 46.19 मिलियन टन निष्कर्षण योग्य हैं। खनन की न्यूनतम गहराई 100 मीटर और अधिकतम गहराई 590 मीटर निर्धारित की गई है। परियोजना का जीवनकाल 50 वर्ष होगा, जिसमें निर्माण काल भी शामिल है।

खनन योजना को 24 सितंबर, 2024 को स्वीकृति मिली थी, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा 11 अप्रैल, 2025 को टीओआर पत्र जारी किया गया और 16 मई, 2025 को महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा गठित पर्यावरण प्रभाव आकलन रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।

पर्यावरण संरक्षण के तहत 5,000 पौधों की रोपाई का लक्ष्य रखा गया है। कदंब, निंब, शीशम, करंज, डुमेर, तमहान (जारुल), मौलसारी, जम्भुल और टेकोमा जैसी स्थानीय प्रजातियों को प्राथमिकता दी जाएगी। पानी का पुनर्चक्रण भूमिगत खनन में उपयोग किया जाएगा और शेष पानी को प्राकृतिक जलाशयों में छोड़ने से पहले इसे साफ किया जाएगा, ताकि आसपास के ग्रामीण इसे कृषि कार्यों में इस्तेमाल कर सकें। शोर और धूल नियंत्रण, हरित पट्टिका विकास और वर्षा जल संचयन जैसी पर्यावरणीय उपायों को लागू किया जाएगा।

सीएसआर गतिविधियों के अंतर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण बुनियादी ढाँचा, कौशल विकास और महिला स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जाएगा। स्थानीय स्कूलों और आँगनवाड़ी केंद्रों के लिए इंफ्रास्ट्रक्टर का विकास, विशेष शिक्षण सहायता, मोबाइल मेडिकल यूनिट और स्वास्थ्य शिविरों का संचालन, ग्रामीण सड़कों पर सौर स्ट्रीट लाइटिंग, जलाशयों और सामुदायिक सुविधाओं का विकास परियोजना के तहत किया जाएगा।

दहेगाँव गोवारी भूमिगत खनन परियोजना न सिर्फ रोजगार और स्थानीय विकास के अवसर बढ़ाएगी, बल्कि राज्य को कर और रॉयल्टी के माध्यम से आर्थिक लाभ भी प्रदान करेगी। इसके साथ ही आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर में सुधार और सामाजिक कल्याण सुनिश्चित किया जाएगा।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp