पीएम मोदी समेत शीर्ष नेताओं पर RSS की गहरी छाप
सीपी राधाकृष्णन बने देश के नए उपराष्ट्रपति
नई दिल्ली। भारतीय राजनीति में मंगलवार का दिन ऐतिहासिक रहा, जब एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने उपराष्ट्रपति चुनाव में जीत दर्ज की। उन्होंने विपक्षी गठबंधन ‘भारतीय ब्लॉक’ के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को बड़े अंतर से हराया।
रिटर्निंग ऑफिसर पीसी मोदी द्वारा घोषित नतीजों के अनुसार, राधाकृष्णन को 452 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी रेड्डी को 300 वोट हासिल हुए।
67 वर्षीय राधाकृष्णन वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल थे और अब वे देश के 15वें उपराष्ट्रपति बने हैं। वह तमिलनाडु से आने वाले तीसरे नेता हैं, जिन्होंने इस सर्वोच्च संवैधानिक पद पर स्थान पाया।
उपराष्ट्रपति चुनाव में आंकड़े
चुनाव आयोग के अनुसार, उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए कुल 788 वोटर थे, लेकिन 7 पद रिक्त होने से प्रभावी संख्या 781 रही। मंगलवार को हुए मतदान में 768 सांसदों ने वोट डाला, जबकि 13 सदस्य अनुपस्थित रहे।
इनमें बीआरएस के 4, बीजद के 7, शिरोमणि अकाली दल के 1 और एक निर्दलीय सांसद शामिल थे। एनडीए के 427 सांसदों के समर्थन से राधाकृष्णन की जीत पहले ही तय मानी जा रही थी।
RSS का शताब्दी वर्ष – राजनीति पर बढ़ता प्रभाव
इस साल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे कर रहा है। 27 सितंबर 1925 को विजयदशमी के दिन डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने नागपुर में इस संगठन की नींव रखी थी।
आज RSS को देश की राजनीति में निर्णायक शक्ति माना जाता है। पिछले 11 वर्षों से केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार सत्ता में है, और इस सरकार के अधिकांश शीर्ष नेता संघ पृष्ठभूमि से जुड़े हुए हैं।
संघ परिवार से जुड़े बड़े चेहरे
आज देश के सर्वोच्च पदों पर बैठे कई नेता RSS से सीधे या परोक्ष रूप से जुड़े हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रसेविका समिति से ताल्लुक रखती हैं, जो RSS के मार्गदर्शन में संचालित होती है। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन भी लंबे समय से संघ से जुड़े रहे हैं।
नीचे देखें प्रमुख पदों पर संघ पृष्ठभूमि से आए नेताओं की लिस्ट:
-
राष्ट्रपति – द्रौपदी मुर्मू
-
उपराष्ट्रपति – सीपी राधाकृष्णन
-
प्रधानमंत्री – नरेंद्र मोदी
-
गृहमंत्री – अमित शाह
-
रक्षा मंत्री – राजनाथ सिंह
-
केंद्रीय मंत्री – नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान, धर्मेंद्र प्रधान, मनोहर लाल खट्टर
-
लोकसभा स्पीकर – ओम बिरला
-
मुख्यमंत्री – देवेंद्र फडनवीस, मोहन चरण माझी, भजनलाल शर्मा, पुष्कर सिंह धामी, विष्णुदेव साय
-
गवर्नर – ओम माथुर, राजेंद्र अर्लेकर, शिव प्रताप शुक्ल, गुलाब चंद कटारिया
निष्कर्ष
सीपी राधाकृष्णन की उपराष्ट्रपति पद पर ताजपोशी न केवल एनडीए की राजनीतिक मजबूती को दर्शाती है, बल्कि यह भी स्पष्ट करती है कि आज भारतीय राजनीति में RSS की छाप गहरी होती जा रही है। संघ का यह शताब्दी वर्ष संगठन के स्वर्णिम काल के रूप में देखा जा रहा है।
